कालचीनी : चुआपाड़ा चाय बागान में ताला लगाकर चला गया प्रबंधन
Updated at : 04 Jul 2019 1:20 AM (IST)
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कालचीनी : बागान में अच्छी चाय की फसल होने के दौरान ही डुआर्स का एक चाय बागान फिर से बंद हो गया. बागान बंद होने से लगभग दो हजार श्रमिक परिवारों का भविष्य अंधकारमय हो गया है. बुधवार सुबह डुआर्स स्थित अलीपुरद्वार जिले के कालचीनी प्रखंड अंतर्गत नाइटेंगल कंपनी के अधीन चुआपाड़ा चाय बागान बंद […]
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कालचीनी : बागान में अच्छी चाय की फसल होने के दौरान ही डुआर्स का एक चाय बागान फिर से बंद हो गया. बागान बंद होने से लगभग दो हजार श्रमिक परिवारों का भविष्य अंधकारमय हो गया है. बुधवार सुबह डुआर्स स्थित अलीपुरद्वार जिले के कालचीनी प्रखंड अंतर्गत नाइटेंगल कंपनी के अधीन चुआपाड़ा चाय बागान बंद हो गया.
जिससे बागान के दो हजार श्रमिकों का भविष्य चौपट हो गया. जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह श्रमिक जब काम पर गए तो देखा कि बागान के समस्त कार्यालयों में ताला लटका हुआ है और एक नोटिस के माध्यम से से बागान बंद होने की जानकारी दी गयी है. बागान में ताला लगा देखकर श्रमिक आक्रोशित हो गये.
श्रमिकों ने बताया कि बीते मंगलवार को बागान के विद्यार्थी बच्चों द्वारा बेहतर बस परिसेवा की मांग को लेकर सड़क जाम किया गया था. क्योंकि बागान में लगभग 400 से 500 छात्र-छात्राएं हैं. बागान की ओर से एक बस प्रदान किया गया है. जिसमें सभी छात्र-छात्राएं ठीक से आवाजाही नहीं कर पाते हैं. इलाके में सरकारी बस परिसेवा भी उपलब्ध नहीं है.
बागान में एक और स्कूली बस परिसेवा शुरू किये जाने की छात्रों ने मांग की थी. छात्रों का कहना था कि जो बस है उसे ही दो फेरा करके स्कूल पहुंचाया जाये. श्रमिकों ने कहा कि इस विषय पर हमें जानकारी भी नहीं थी. हम बागान में काम कर रहे थे और बाद में पता चला कि हमारे चाय बागान इलाके के विद्यार्थी बच्चों ने सड़क जाम किया है. वहीं बागान प्रबंधक द्वारा आश्वासन मिलने पर विद्यार्थियों ने सड़क जाम हटा लिया.
बुधवार सुबह को काम पर आकर देखा कि बागान कार्यालय में कोई नहीं है. सभी कार्यालय में ताले लटके हैं और बागान प्रबंधक की ओर से एक नोटिस लगाया गया है कि आज से बागान बंद हो गया. श्रमिकों ने कहा कि हम प्रतिदिन बागान में काम कर रहे हैं, प्रतिदिन चायपत्ती तोड़ रहे हैं. फिर बागान प्रबंधक क्यों बागान बंद करके चला गया.
इस विषय पर सीटू जिला नेता विकास महली ने बताया कि यह पूरी तरह से श्रमिकों के साथ अन्याय है. बागान बंद को लेकर कोई भी लोकल यूनियन के साथ बातचीत भी नहीं की गयी. श्रमिको की ऐसी समस्या तो डुआर्स के विभिन्न चाय बागानों में देखने को मिलती हैं.
वहीं अगर बागान प्रबंधक को समस्या हो रहा था तो वह श्रमिक संगठनों के साथ बातचीत करके इसका हल निकाल सकते थे. लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया और यहां के समस्त श्रमिकों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करके बागान में ताला लगाकर चले गये. उन्होंने कहा कि पहले श्रमिक लोग आर्थिक समस्या के चलते बच्चों को अच्छी शिक्षा नहीं दे पाते थे. लेकिन वर्तमान समय में सभी श्रमिक चाहते हैं कि उनका बच्चा अच्छे स्कूलों में पढ़े.
लेकिन यहां के श्रमिकों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. इस छोटे से बात को लेकर बागान प्रबंधक ने बागान बंद कर दिया. इसका हम सीटू संगठन की ओर से विरोध करते हैं. उन्होंने कहा कि तुरंत एक से दो दिन में ये बागान खुले, इसको लेकर हमलोग यहां के ऑल यूनियन एवं सेंट्रल यूनियन के साथ बैठक करेंगे ताकि हमलोग नहीं चाहते हैं कि यहां के श्रमिकों में किसी भी प्रकार की अशांति हो.
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