दो साल बाद विमल गुरूंग समर्थकों ने दिखायी ताकत
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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पहाड़ से आयी 250 से भी अधिक गाड़ियां सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर जतायी निराशा ’दाजु’ के शीघ्र दार्जिलिंग लौटने की उम्मीद सिलीगुड़ी : गोरखालैंड आंदोलन के करीब 2 साल बाद पहली बार गोजमुमो के भूमिगत नेता विमल गुरुंग समर्थकों ने अपनी ताकत दिखाई है. बुधवार को प्रधानमंत्री की जनसभा में शामिल होने के लिए […]
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पहाड़ से आयी 250 से भी अधिक गाड़ियां
सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर जतायी निराशा
’दाजु’ के शीघ्र दार्जिलिंग लौटने की उम्मीद
सिलीगुड़ी : गोरखालैंड आंदोलन के करीब 2 साल बाद पहली बार गोजमुमो के भूमिगत नेता विमल गुरुंग समर्थकों ने अपनी ताकत दिखाई है. बुधवार को प्रधानमंत्री की जनसभा में शामिल होने के लिए काफी संख्या में विमल गुरुंग समर्थक सिलीगुड़ी आए थे. एक अनुमान के मुताबिक दार्जिलिंग पर्वतीय क्षेत्र से करीब ढाई सौ से भी अधिक गाड़ियां सिलीगुड़ी आई थी. इन गाड़ियों में जहां विमल गुरुंग समर्थक थे,वहीं गोरामुमो समर्थक भी काफी संख्या में थे. विमल समर्थक गोजमुमो का झंडा लेकर इस जनसभा में आए.
इस झंडे में विमल गुरुंग की तस्वीर भी लगी हुई थी. यहां उल्लेखनीय है कि गोरखालैंड आंदोलन के दौरान पहाड़ पर करीब 108 दिनों तक बंद था. आंदोलन की अगुवाई कर रहे गोजमुमो नेता विमल गुरुंग तथा उनके निकट सहयोगी रोशन गिरि पर 1 दर्जन से भी अधिक मुकदमा दर्ज होने के बाद दोनों भूमिगत हो गए हैं. दूसरी ओर ना केवल गोजमुमो बल्कि जीटीए की कुर्सी पर भी विनय तमांग ने कब्जा कर लिया है.
गोजमुमो के अधिकांश नेता भी विनय तमांग के पाले में चले गए हैं. पिछले 2 साल से विमल गुरुंग समर्थक अपने अपने घरों में बैठे थे.उनके समर्थक विमल गुरूंग को दाजु कहते हैं. लोकसभा चुनाव में दार्जिलिंग सीट से विमल गुरुंग ने भाजपा उम्मीदवार राजू बिष्ट को समर्थन देने का एलान किया. उसके बाद विमल गुरुंग के समर्थक भी धीरे-धीरे अपने घरों से निकलने लगे हैं.हालांकि अभी भी उनके समर्थकों में भय का माहौल है. आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा कवाखाली में हुई.
यहां आये विमल गुरुंग के कई समर्थकों ने मीडिया से बातचीत तो की लेकिन फोटो खिंचवाने से मना कर दिया. इन लोगों में डर था कि पहाड़ वापस लौटने के बाद वह कोई मुसीबत में पड़ सकते हैं. फिर भी काफी लोगों ने अपनी तस्वीर भी खिंचाई. विमल गुरुंग समर्थकों का कहना है कि एक न एक दिन दाजु पहाड़ पर जरूर लौटेंगे.
इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को अपनी सुनवाई में विमल एवं रोशन गिरि को कोई राहत नहीं दी है. उन्हें 4 दिनों का समय दिया है. जिससे वह कोलकाता हाईकोर्ट में फिर से अपील कर सकें. यह खबर सिलीगुड़ी में विमल समर्थकों को मिल चुकी थी. इससे वह काफी निराश भी थे. हालांकि कई लोगों ने कहा कि कोलकाता हाईकोर्ट से विमल को राहत मिलने की उम्मीद है.
यहां बता दें कि विमल गुरुंग ने सुप्रीम कोर्ट में लोकसभा चुनाव के दौरान प्रचार के लिए 3 सप्ताह के राहत की अपील की थी. जिसकी सुनवाई कल पूरी हो गई थी. आज इसमें फैसला भी आ गया. सुप्रीम कोर्ट ने विमल गुरुंग एवं रोशन गिरि को सिर्फ 4 दिनों की राहत दी है. ताकि वह इस अवधि में कोलकाता हाईकोर्ट में अपील कर सकें. इसके साथ ही चुनाव प्रचार के लिए विमल गुरूंग और रोशन गिरि के पहाड़ आने पर भी ग्रहण लग गया है.
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