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भाजपा को एक भी वोट ना दें : अतुल राय

Updated at : 31 Mar 2019 6:25 AM (IST)
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भाजपा को एक भी वोट ना दें : अतुल राय

जलपाईगुड़ी : लोकसभा चुनाव को लेकर तेज हुए चुनाव प्रचार के बीच कामतापुर प्रोग्रेसिव पार्टी (केपीपी) के अध्यक्ष अतुल राय ने वोटरों से भाजपा के पक्ष में एक भी वोट नहीं डालने का आह्वान किया है. शनिवार को दूरभाष पर उन्होंने यह जानकारी दी है. उन्होंने लोगों से भाजपा विरोधी जोट के पक्ष में ही […]

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जलपाईगुड़ी : लोकसभा चुनाव को लेकर तेज हुए चुनाव प्रचार के बीच कामतापुर प्रोग्रेसिव पार्टी (केपीपी) के अध्यक्ष अतुल राय ने वोटरों से भाजपा के पक्ष में एक भी वोट नहीं डालने का आह्वान किया है.

शनिवार को दूरभाष पर उन्होंने यह जानकारी दी है. उन्होंने लोगों से भाजपा विरोधी जोट के पक्ष में ही मतदान करने का आह्वान किया है. नाम लिये बिना ही केपीपी अध्यक्ष ने तृणमूल को समर्थन देने की ओर इशारा किया है, यह उनके इस बयान से स्पष्ट है.
उल्लेखनीय है कि पिछले साल उन्होंने कामतापुरी भाषा एकेडमी के वाइस चेयरमैन पद से इस्तीफा देकर भाजपा के पक्ष में एकजुटता जतायी थी. हालांकि एक साल के भीतर ही उन्होंने अपना स्टैंड बदल लिया.
अतुल राय ने बताया कि पिछले साल उन्होंने भाजपा को समर्थन दिया था. कारण कि भाजपा नेतृत्व ने कामतापुरी भाषा को संवैधानिक मान्यता दिलाने की मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया था. उ
सके बाद ही केपीपी ने दार्जिलिंग सीट से भाजपा को जिताने में अपने समुदाय के वोट दिलाये थे.
हालिया संसद के अधिवेशन के बाद बजट अधिवेशन में इसको लेकर केंद्र सरकार ने अध्यादेश लाने का आश्वासन मुकुल राय और कैलास विजयवर्गीय ने दिया था.
इसके अलावा उत्तरबंगाल विश्वविद्यालय के निकट मैदान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में पूर्व सांसद एसएस अहलुवालिया ने सेना में नारायणी रेजिमेंट के गठन का आश्वासन दिया था.
लेकिन उन्होंने किसी भी आश्वासन को पूरा नहीं किया. असम में भी प्रधानमंत्री ने आक्रासू को जनसभा में आश्वासन दिया था कि कामतापुरी समुदाय के लिये वह अनुसूचित जनजाति की मान्यता देंगे.
अतुल राय ने कहा कि भाजपा भूमिगत नेता विमल गुरुंग के निर्देश पर काम कर रही है. चूंकि भाजपा ने एक भी आश्वासन को पूरा नहीं किया है इसीलिये उन्होंने एक भी वोट भाजपा के पक्ष में नहीं देने की अपील की है.
अतुल राय ने बताया कि उत्तर बंगाल के अलावा असम में भी आक्रासू इस बार भाजपा को समर्थन नहीं दे रहे हैं.
भाजपा के उत्तरबंगाल जोन के सह संयोजक दिपेन प्रामाणिक ने बताया कि इस तरह से अपना राजनैतिक स्टैंड बदलते रहने से अतुल राय अपना जनसमर्थन भी खो देंगे.
वहीं, तृणमूल के जिलाध्यक्ष सौरभ चक्रवर्ती ने बताया कि कामतापुरी समुदाय समेत विभिन्न जनजातियों के कल्याण के लिये राज्य सरकार पहले से ही काम कर रही है. अतुल राय भाषा एकेडमी से हट गये हैं. ऐसे नेता तृणमूल को छोड़कर कहीं नहीं जा सकते.
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