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पश्चिम बंगाल : ट्रेन से कटकर विलुप्तप्राय 8 गिद्धों की मौत, वन विभाग ने रेलवे के खिलाफ खोला मोर्चा

Updated at : 02 Feb 2019 10:34 PM (IST)
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पश्चिम बंगाल : ट्रेन से कटकर विलुप्तप्राय 8 गिद्धों की मौत, वन विभाग ने रेलवे के खिलाफ खोला मोर्चा

– ट्रैक से शव नहीं हटाया, मांस खाने में लगे थे सभी गिद्ध – अधिकारियों पर लापरवाही का लगाया आरोप – रांची-कामाख्या एक्सप्रेस से हुआ हादसा सिलीगुड़ी : ट्रेन से कटकर विरल व विलुप्तप्राय आठ हिमालयन ग्रफिन गिद्ध की मौत हो गयी. शनिवार सुबह यह घटना सिलीगुड़ी से सटे सुकना वनांचल के मोहरगांव चाय बागान […]

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– ट्रैक से शव नहीं हटाया, मांस खाने में लगे थे सभी गिद्ध

– अधिकारियों पर लापरवाही का लगाया आरोप

– रांची-कामाख्या एक्सप्रेस से हुआ हादसा

सिलीगुड़ी : ट्रेन से कटकर विरल व विलुप्तप्राय आठ हिमालयन ग्रफिन गिद्ध की मौत हो गयी. शनिवार सुबह यह घटना सिलीगुड़ी से सटे सुकना वनांचल के मोहरगांव चाय बागान से होकर गुजरने वाली रेलवे लाइन पर घटी है. इस घटना से एक बार फिर राज्य वन विभाग ने रेलवे पर लापरवाही का आरोप लगाया है.

वन विभाग का कहना है कि रेलवे की लापरवाही से बीते एक वर्ष में काफी वन्य प्राणियों की हादसे में मौत हुई है. बीते एक वर्ष में सिर्फ सुकना वनांचल में ट्रेन हादसे में 17 वन्य प्राणियों की मौत हुई है. प्राप्त जानकारी के अनुसार रेलवे ट्रैक पर मृत पड़ी एक गाय का मांस सभी गिद्ध खा रहे थे. उसी समय एक ट्रेन आठ गिद्धों को रौंदते निकल गयी.

जानकारी मिलते ही वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और गिद्धों के शव को बरामद कर ले गये. वन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह घटना कामाख्या-रांची एक्सप्रेस ट्रेन से हुई है. वन विभाग के कर्मचारियों ने बताया कि बीते गुरूवार को मोहरगांव चाय बागान से होकर गुजरने वाली रेलवे लाइन पर ट्रेन से धक्का लगकर एक गाय की मौत हो गयी थी.

इस घटना के दो दिन गुजरने के बाद भी रेल प्रबंधन ने मृत गाय का शव ट्रैक से नहीं हटाया. गिद्धों की टोली उसी गाय का मांस खा रही थी. उसी समय ट्रेन के गुजरने से आठ गिद्ध उसकी चपेट में आ गये. वन विभाग ने आरोप लगाते हुए कहा कि बीते एक वर्ष में काफी सारे वन्य प्राणियों की मौत हुई है. कई बार रेलवे को आगाह किया गया. उसके बाद भी रेलवे कोई कदम नहीं उठाया.

जबकि वनांचल इलाके में गति सीमा निर्धारित की गयी है. इस नियम को ताख पर रखकर ट्रेन काफी तेज गति दौड़ रही है. जिसकी वजह से आये दिन हादसे में वन्य प्राणियों की मौत होती है. राज्य के वन मंत्री विनय कृष्ण वर्मन ने बताया कि रेलवे की लापरवाही से वनांचल इलाके में हादसे होते हैं और वन्य प्राणियों की जान चली जाती है.

निर्धारित गति सीमा में ट्रेन चलाने के लिए कई बार रेलवे से गुहार लगायी गयी, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ है. फिर से रेलवे से वनांचल इलाके में निर्धारित गति सीमा में ट्रेन चलाने की अपील की जायेगी.

क्या कहते हैं वन अधिकारी

दूसरी ओर वन विभाग के विशेषज्ञों से प्राप्त जानकारी के अनुसार मरने वाले गिद्ध हिमालयन ग्रिफन प्रजाति के थे. गिद्धों की यह प्रजाति काफी विरल व विलुप्त होने के कागार पर है. एक सर्वे के मुताबिक उत्तर बंगाल में बीते तीन वर्षों में हिमालयान ग्रफिन प्रजाति के गिद्धों की संख्या काफी कम हुई है. तीन वर्षों में इनकी संख्या गिरकर 800 पर अटकी है.

सुकना वाइल्ड लाइफ के एडीएफओ जयंत मंडल ने बताया कि ट्रेन हादसे में मरने वाले हिमालयन ग्रिफन वोल्चर (गिद्ध) के शवों को बरामद किया गया है. कुल आठ गिद्धों की मौत हुई है. इन सभी का पोस्टमार्टम कराया जायेगा.

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