रिहायशी इलाके में घुसा 17 हाथियों का झुंड, रातभर जागकर हाथियों का तांडव देखेंगे मंत्री
Updated at : 05 Nov 2018 5:32 AM (IST)
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नागराकाटा : रविवार को जलपाईगुड़ी जिले के नागराकाटा ब्लॉक के अपर कोलाबाड़ी इलाके में दिनभर 17 हाथियों का एक झुंड घूमता रहा. जिसमें तीन शावक भी थे. इसे लेकर इलाके में आतंक फैल गया. वन विभाग सूत्रों ने बताया कि शनिवार रात करीब 70 हाथियों का विशाल झुंड डायना जंगल से बाहर निकला और ग्रामीण […]
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नागराकाटा : रविवार को जलपाईगुड़ी जिले के नागराकाटा ब्लॉक के अपर कोलाबाड़ी इलाके में दिनभर 17 हाथियों का एक झुंड घूमता रहा. जिसमें तीन शावक भी थे. इसे लेकर इलाके में आतंक फैल गया. वन विभाग सूत्रों ने बताया कि शनिवार रात करीब 70 हाथियों का विशाल झुंड डायना जंगल से बाहर निकला और ग्रामीण इलाके में घुस गया.
सारी रात धान की फसल को बर्बाद करने के बाद रविवार की भोर में अधिकतर हाथी जंगल लौट गये, लेकिन 17 हाथी वापस नहीं गये. ये दिन भर अपर कोलाबाड़ी बस्ती में घुमते रहे. हाथी देखने के लिये उत्सुक लोगों की भीड़ बड़ी संख्या में दिखायी दी. एक जगह से दूसरी जगह जा रहे हाथी वनकर्मियों के साथ लुका-छिपी का खेल खेलते रहे. बिन्नागुड़ी फॉरेस्ट डिवीजन और डायना रेंज के वनकर्मियों को काफी हैरानी झेलनी पड़ी.
शाम होने पर हाथियों का झुंड दो हिस्सों में बंट गया. इनमें से एक झुंड तोतापाड़ा जंगल और दूसरा झुंड लक्ष्मीपाड़ा जंगल चला गया. वन विभाग की ऑनरेरी वाइल्ड लाइफ वार्डन सीमा चौधरी ने बताया कि हाथियों की गतिविधियों पर वनकर्मी सतर्क नजर रखे हुये हैं. स्थानीय लोगों ने बताया कि इन दिनों अपर कोलाबाड़ी के अलावा हृदयपुर, कोलाबाड़ी, जालापाड़ा, डुडुमारी इलाके में हाथियों का उपद्रव बढ़ गया है.
रातभर जागकर हाथियों का तांडव देखेंगे मंत्री
सिलीगुड़ी : हाथियों का तांडव देखने के लिए राज्य के पर्यटन मंत्री गौतम देव ने रातभर जागने का निर्णय लिया है. वे सिलीगुड़ी शहर के आसपास के इलाकों में रात में हाथियों का तांडव खुद देखेंगे और एक रिपोर्ट तैयार कर राज्य सरकार को भेजेगें. इन दिनों हाथियों का तांडव सिलगुड़ी शहर से लगे इलाके के निवासियों के लिए परेशानी का सबब बन गया है.
मंत्री पिछले कई दिनों से प्रत्येक दिन सुबह शहर से सटे ग्रामीण इलाकों का दौरा भी कर रहे हैं.रविवार की सुबह मंत्री ने नक्सलबाड़ी इलाके का जायजा लिया. वहां उन्होंने पार्टी समर्थकों के साथ पदयात्रा की और स्थानीय लोगों का हालचाल भी पूछा. अधिकतर लोगों ने हाथियों के तांडव से निजात दिलाने की अपील मंत्री से की है. उत्तर बंगाल जंगलों से घिरा इलाका है. सिलीगुड़ी के आसपास भी बैकुंठपुर जंगल, महानंदा अभयारण्य है, जहां से हाथी अक्सर वनबस्तियों व जंगल से सटे ग्रामीण इलाकों में प्रवेश कर जाते हैं.
सिलीगुड़ी में भी कभीकभार हाथियों का प्रवेश होता है. ग्रामीण इलाकों में घुस कर हाथी खेती को पूरी तरह से बर्बाद करने के साथ मकान आदि ढाह देते हैं. पर्यटन मंत्री गौतम देव ने बताया कि माकपा शासनकाल में हाथियों के तांडव में जान गंवानेवाले के परिवार को एक लाख मुआवजा मिलता था. मुख्यमंत्री ने अब यह मुआवजा चार लाख रुपये कर दिया है.
उन्होंने बताया कि ममता बनर्जी से ही उन्होंने लोगों के बीच रहकर कार्य करना सीखा है. वन बस्ती, जंगल से सटे गांवों व हाथी प्रभावित इलाकों में वह ठहरेंगे. रातभर जागकर वे हाथियों का तांडव अपनी आंखों से देखेंगे. ग्रामीणों की इस समस्या के निदान के लिए पूरी घटना को देखना आवश्यक है.
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