सिलीगुड़ी : जमीन की हेराफेरी में काला कोट वाला पहुंचा हवालात
Updated at : 10 Sep 2018 12:53 AM (IST)
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लोगों को जमीन का लोभ देकर रुपये ठगने का भी आरोप आरोपी को अदालत ने तीन दिनों की पुलिस रिमांड पर भेजा सिलीगुड़ी : कानून के रखवाले का चोला ओढ़कर लोगों को ठगने का एक और मामला सामने आया है. सरकारी जमीन की हेराफेरी की साजिश रचने और जमीन का लोभ देकर लोगों से पैसे […]
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लोगों को जमीन का लोभ देकर रुपये ठगने का भी आरोप
आरोपी को अदालत ने तीन दिनों की पुलिस रिमांड पर भेजा
सिलीगुड़ी : कानून के रखवाले का चोला ओढ़कर लोगों को ठगने का एक और मामला सामने आया है. सरकारी जमीन की हेराफेरी की साजिश रचने और जमीन का लोभ देकर लोगों से पैसे ठगने के आरोप में सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस कमिश्नरेट की प्रधान नगर थाना पुलिस ने एक वकील को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने आरोपी वकील का नाम पारसमणि छेत्री बताया है. रविवार को आरोपी को सिलीगुड़ी एसीजेएम अदालत में पेश कर दिया गया. अदालत ने पूछताछ के लिए आरोपी को तीन दिन की रिमांड पर प्रधान नगर थाने की पुलिस को सौंपा है.
राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सख्ती के बाद सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस का भू-माफिया पर नकेल कसने का सिलसिला जारी है.
भूमाफिया से जुड़े कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है. शनिवार देर रात प्रधान नगर थाना पुलिस ने शहर से सटे मिलनमोड़ इलाके के एक वकील पारसमणि छेत्री को आर्थिक धोखाधड़ी व सरकारी जमीन की हेराफेरी के आरोप में गिरफ्तार किया है.
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कुछ महीने पहले पारसमणि छेत्री ने पड़ोसी राज्य सिक्किम की राजधानी गंगतोक निवासी मनोज प्रधान को जमीन में निवेश करने का प्रस्ताव दिया. राजी होने पर उसने मनोज को मिलनमोड़ के गुलमाखड़ी इलाके में 15 बीघे का एक प्लाट दिखाया. जमीन देखकर मनोज ने खरीदने का मन बनाया. बात आगे बढ़ी और मनोज ने जमीन खरीदने के लिए पारसमणि को 27 लाख रुपये एडवांस दिया.
इसके बाद उसने उस जमीन की पॉवर ऑफ अटार्नी अपनी पत्नी सृजना छेत्री के नाम कराने की कोशिश शुरू की. लेकिन यहीं पर पेच फंस गया. उसी दौरान पारसमणि के एक और भाई ने उस जमीन पर अपना दखल बताया. झमेला देखकर खरीदार मनोज प्रधान का मन बदलने लगा. फिर पारसमणि ने उसे मनाया और 15 के बदले 11 बीघा जमीन देने की बात कही. मनोज प्रधान इस पर राजी हुआ और 20 लाख रुपया फिर एडवांस दिया. यानी जमीन की कागजी प्रक्रिया आगे बढ़ने से पहले ही मनोज प्रधान, पारसमणि को 47 लाख रुपये दे चुका था.
जमीन खरीदने की कागजी प्रक्रिया शुरू करने पर हेराफेरी सामने आ गयी. पारसमणि ने बिक्री के लिए जो जमीन मनोज प्रधान को दिखायी थी वह सरकारी खास जमीन है.
मामला सामने आने के बाद मनोज प्रधान ने जमीन लेने से इनकार कर एडवांस की रकम वापस मांगी. लेकिन पारसमणि ने रुपये नहीं लौटाया. इसके बाद बीती 28 अगस्त को मनोज प्रधान ने पारसमणि पर सरकारी जमीन बिक्री का लालच देकर आर्थिक धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए प्रधान नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी. इसके बाद बीते शनिवार की रात पुलिस ने पारसमणि को गिरफ्तार किया.
इधर, पारसमणि खुद को सिलीगुड़ी अदालत का वकील बता रहा है. सिलीगुड़ी बार एसोसिएशन में उसका नाम दर्ज है. वकील बनकर सरकारी जमीन के कागजात में हेराफेरी, जमीन का लालच देकर आर्थिक धोखाधड़ी के आरोप में प्रधान नगर थाना पुलिस ने आरोपी को रविवार सिलीगुड़ी एसीजेएम अदालत में पेश किया सरकारी पक्ष के वकील, एसिस्टेंट पब्लिक प्रोसिक्यूटर सुशांत नियोगी ने बताया कि अदालत ने आरोपी को तीन दिन की रिमांड पर पुलिस को सौंप दिया है.
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