ट्यूशन पर शिक्षकों में बढ़ी टकराव

Updated at : 24 Jul 2018 1:11 AM (IST)
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ट्यूशन पर शिक्षकों में बढ़ी टकराव

सिलीगुड़ी : ट्यूशन पढ़ाने को लेकर सरकारी शिक्षकों तथा प्राइवेट शिक्षकों के बीच पिछले कुछ महीनों से जारी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. अब तो इस विवाद में अभिभावक भी कूद गए हैं. एक ओर जहां प्राइवेट ट्यूटर सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के ट्यूशन पढ़ाने पर पूरी तरह से रोक लगाने की […]

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सिलीगुड़ी : ट्यूशन पढ़ाने को लेकर सरकारी शिक्षकों तथा प्राइवेट शिक्षकों के बीच पिछले कुछ महीनों से जारी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. अब तो इस विवाद में अभिभावक भी कूद गए हैं. एक ओर जहां प्राइवेट ट्यूटर सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के ट्यूशन पढ़ाने पर पूरी तरह से रोक लगाने की मांग कर रहे हैं वहीं दूसरी और अभिभावक अभी भी अपने बच्चों को सरकारी स्कूल के शिक्षकों से ही ट्यूशन पढ़ाना चाहते हैं.
इसको लेकर दोनों ही पक्ष एक दूसरे के खिलाफ मैदान में उतरे हुए हैं. यहां उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने सरकारी शिक्षकों पर ट्यूशन पढ़ाने पर पूरी तरह से रोक लगा रखी है. आरोप है कि सरकारी रोक के बाद भी काफी संख्या में सरकारी स्कूलों के शिक्षक बच्चों को ट्यूशन पढ़ाते हैं . जिसकी वजह से प्राइवेट ट्यूटरों को परेशानी हो रही है. सरकार के नियमानुसार सराकारी विद्यालय के शिक्षक प्राइवेट ट्यूशन नहीं पढ़ा सकते.
इसे लेकर पिछले दिनों में वेस्ट प्राइवेट ट्यूटर वेलफेयर एसोसिएशन के दार्जिलिंग जिला कमेटी की ओर से सिलीगुड़ी के डीआई को एक ज्ञापन सौपा गया था. जिसके बाद डीआई ने कई सराकरी विद्यालय के शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया. अबकी बार उस कारण बताओ नोटिस का विरोध जताते हुए सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के साथ उनके अभिभावक भी रास्ते पर उतरे हैं. उनका कहना है कि जब वे पिछले दिनों डीआई से मिले थे तो डीआई ने उन्हें कई आश्वासन दिया था. अब बिना किसी ढांचागत व्यवस्था के ही डीआई ने शिक्षकों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है. जिसके बाद से ही विद्यालय में शिक्षकों के बीच आतंक का माहौल है. जिससे स्कूल में पढ़ने आये छात्र-छात्राओं को भी नुकसान हो रहा है.
सरकारी शिक्षकों के समर्थन में आये अभिभावक, डीआइ कार्यालय पर किया प्रदर्शन
सोमवार को विरोध प्रदर्शन से पहले सिलीगुड़ी अभिभावक मंच के बैनर तले छात्र-छात्रा तथा उनके अभिभावक बाघाजीन पार्क इलाके में इकठ्ठा हुए. जिसके बाद संगठन की ओर से कॉलेज पाड़ा स्थित डीआई ऑफिस का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया गया. जहां छात्र-छात्राओं ने घंटों तक डीआई कार्यालय के सामने बैठकर धरना प्रदर्शन किया. बाद में पुलिस द्वारा आश्वासन मिलने पर आंदोलन खत्म किया गया.
शांतनु मजूमदार नामक एक अभिभावक ने बताया कि सराकर के नियमानुसार कोई भी सरकारी विद्यालय के शिक्षक प्राइवेट ट्यूशन के साथ नहीं जुड़े है. जो शिक्षक ट्यूशन पढ़ाते भी है, वे बिना किसी स्वार्थ के ही ये काम कर रहे है. उन्होंने बताया कि जब वे डीआई से मिले थे तो उन्होंने अभिभावकों को कई आश्वासन दिया था. अब डीआई ने बिना किसी जांच के ही उन शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस भेज दिया है. जिसके चलते विद्यालय का वातावरण पूरी तरह बिगड़ गया है. उन्होंने बताया कि वे प्राइवेट ट्यूशन का विरोध नहीं कर रहे है.
लेकिन बिना किसी जांच के शिक्षकों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस भेजा गया उससे कई शिक्षक आतंक में है.श्री मजूमदार ने बताया कि जब वे इन सभी समस्याओं को लेकर डीआई के पास गये तो डीआई ने कोई खास रुची नहीं दिखाई. उन्होंने आंदोलन में शामिल महिलाओं के साथ डीआई द्वारा गलत व्यवहार करने का भी आरोप लगाया.
जिसे लेकर संगठन की ओर से सिलीगुड़ी थाने में एक शिकायत भी दर्ज करायी गयी है. उन्होंने बताया कि मंगलवार को वे इन सभी समस्याओं को लेकर सिलीगुड़ी के एसडीओ से मिलेंगे. अगर फिर भी समस्या का समाधान नहीं होता है तो आने वाले दिनों में वृहद आंदोलन का रुख करेंगे. दूसरी ओर डीआई ने इस विषय पर मीडिया से बात करने से साफ मना कर दिया.
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