उत्तर बंगाल को रोल मॉडल बनाने की जरूरत

Published at :09 Feb 2018 3:47 AM (IST)
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उत्तर बंगाल को रोल मॉडल बनाने की जरूरत

यूएनओ के पूर्व वित्तीय सलाहकार ने दिये कई सुझाव मानव और प्राकृतिक संसाधनों के पूरे उपयोग पर जोर राज्य सरकार से जमीन नीति में बदलाव की अपील सिलीगुड़ी : विकास आज के दौर में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बना हुआ है. पूरे विश्व में विकास आज सबसे बड़ा मुद्दा भी बना हुआ है. हमारे […]

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यूएनओ के पूर्व वित्तीय सलाहकार ने दिये कई सुझाव

मानव और प्राकृतिक संसाधनों के पूरे उपयोग पर जोर
राज्य सरकार से जमीन नीति में बदलाव की अपील
सिलीगुड़ी : विकास आज के दौर में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बना हुआ है. पूरे विश्व में विकास आज सबसे बड़ा मुद्दा भी बना हुआ है. हमारे देश के अन्य भागों में भी विकास की एक लहर बनी हुई है. विश्व के अन्य देशों में विकास की हुई महत्वपूर्ण पहलुओं को अपनाया गया है. लेकिन काफी दुख की बात यह है कि देश की पश्चिम बंगाल राज्य की उत्तरी हिस्सा आज भी विकास की दौड़ में काफी पीछे है. जबकि देश के लिए उत्तर बंगाल रोल मॉडल के रूप में उभर कर सामने आ सकता है.
यह बात जाने माने अर्थशास्त्री तथा संयुक्त राष्ट्र संघ (यूएनओ)के पूर्व वित्तीय सलाहकार डॉ. रामगोपाल अग्रवाल ने कही. उल्लेखनीय है कि डॉ अग्रवाल विश्व के कई देशों जैसे केन्या, कंबोडिया, कोलंबो, बांग्लादेश, उत्तर कोरिया, थाइलैंड में 1971-72 में राष्ट्र संघ वित्तीय मिशन के सदस्य के रूप में काम कर चुके हैं. ब्रिटेन के मनचेस्टर विश्वविद्यालय से शोध करने वाले डॉ अग्रवाल ने कहा कि विश्व के कई देशों ने विभिन्न क्षेत्रों में काफी विकास किया है. हमारा देश भी आगे बढ़ रहा है. इसमें महत्वपूर्ण राज्य पश्चिम बंगाल का उत्तरी हिस्सा आज देश के लिए रोल मॉडल बन सकता है. यहां संशाधन की कमी नहीं है. उत्तर बंगाल में जल, जलवायु, विद्युत, मानव सम्पदा, प्राकृतिक सम्पदा भरपूर है. यह विश्व के अन्य किसी भी देश में उपलब्ध नहीं है.
उन्होंने कहा कि पड़ोसी देश बांग्लादेश का उत्तरी हिस्सा रंगपुर, दिनाजपुर, राजसाही, लालमनीहाट जैसे हिस्सों में जो विकास हुआ है, उसकी तुलना में उत्तर बंगाल बहुत ही पीछे है. पत्रकार अरूण कुमार के साथ बातचीत में डॉ. अग्रवाल ने आगे कहा कि उत्तर बंगाल में मानव संसाधन का सही उपयोग होने के साथ-साथ यहां की प्राकृतिक सम्पदा के उपयोग पर भी ध्यान देना होगा.इसके लिए राज्य सरकार को सार्थक कदम उठाना होगा. डॉ. अग्रवाल ने उत्तर बंगाल विकास मंत्रालय से इस दिशा में विशेष पहल करने की अपील की. उन्होंने राज्य के साथ ही उत्तर बंगाल में कल कारखाने लगाने के लिए जमीन नीति में परिवर्तन की अपील की.
उन्होंने कहा कि विकास के क्षेत्र में सरकार को विशेषज्ञों की राय को अहमियत देनी होगी. उत्तर बंगाल में टेक्नोलोजी को ज्यादा से ज्यादा बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर देते हुए डॉ. अग्रवाल ने कहा कि इंजीनियरिंग मेडिकल, आइटीआइ, मानव संशाधन आदि का नॉलेज सेंटर उत्तर बंगाल में होना बहुत जरूरी है. डॉ. अग्रवाल जलपाईगुड़ी के फणीन्द्र देव विद्यालय के शताब्दी समारोह के उपलक्ष में मुख्य अतिथि के रूप में आये थे. डॉ. अग्रवाल इस विद्यालय के पूर्व छात्र रहे हैं.
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