डुआर्स में दो चाय बागान बंद

Published at :09 Jan 2018 7:03 AM (IST)
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डुआर्स में दो चाय बागान बंद

संकट. नोटिस चिपका चलते बने प्रबंधक, गेट में लगा ताला दोनों चाय बागानों के बंद होने से 2250 श्रमिक बेरोजगार विभिन्न यूनियनों के श्रमिक नेताओं ने की कड़ी आलोचना डुआर्स के व्यवसाय पर भी पड़ेगा बुरा असर मालबाजार : डुआर्स क्षेत्र के चाय उद्योग की वर्तमान में लचर अवस्था के बीच बीती रात दो चाय […]

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संकट. नोटिस चिपका चलते बने प्रबंधक, गेट में लगा ताला

दोनों चाय बागानों के बंद होने से 2250 श्रमिक बेरोजगार
विभिन्न यूनियनों के श्रमिक नेताओं ने की कड़ी आलोचना
डुआर्स के व्यवसाय पर भी पड़ेगा बुरा असर
मालबाजार : डुआर्स क्षेत्र के चाय उद्योग की वर्तमान में लचर अवस्था के बीच बीती रात दो चाय बागान बंद कर दिये गये. एक ही रात विज्ञप्ति जारी कर माल महकमा के दोनों चाय बागानों में सस्पेंशन ऑफ वर्क नोटिस चस्पा कर बागानों में ताला लगा दिये गये. इससे माल महकमा क्षेत्र में मायूसी है. उल्लेखनीय है कि चाय उद्योग में काम करने वाले श्रमिकों की आय पर ही डुवार्स का व्यवसाय काफी हद तक निर्भर है. इसलिए एक ही साथ दो दो चाय बागानों के बंद होने से व्यवसाय जगत में मायूसी है. वहीं, श्रमिक संगठनों के नेताओं ने बागान प्रबंधन की इस एकतरफा कार्रवाई की कड़ी आलोचना की है.
उन्होंने श्रमिक अशांति के आरोप को सिरे से खारिज कर इसे मनमाना कार्रवाई बताया है.
उल्लेखनीय है कि माल प्रखंड अंतर्गत साईंली चाय बागान में रविवार की शाम को प्रबंधन ने सस्पेंशन ऑफ वर्क नोटिस जारी कर दी है. वहीं, रात को नागराकाटा प्रखंड के हिला चाय बागान के प्रबंधन ने भी सस्पेंशन ऑफ वर्क नोटिस चस्पा कर बागान में ताला लगा दिया है. फलस्वरुप दोनों चाय बागानों में कार्यरत 2250 श्रमिक बेरोजगार हो गये हैं. इनके साथ ही इन श्रमिकों पर निर्भर 9000 पारिवारिक सदस्यों का अस्तित्व भी संकट में है. उधर, दो दो चाय बागानों के बंद होने से डुवार्स के व्यवसायी हलके में भी चिंता व्याप्त है. रविवार को डुवार्स के चाय बागानों की साप्ताहिक अवकाश का दिन था. श्रमिक साप्ताहिक बाजार करने में व्यस्त थे. उसी दौरान शाम को ऐन मौके पर श्रमिकों को बागान के बंद किये जाने की जानकारी मिली. चाय श्रमिक संगठन के तृणमूल नेता विनय साहा ने बताया कि चाय बागान में स्थिति सामान्य ही थी. अचानक प्रबंधन ने बागान में श्रमिकों की कार्य संस्कृति का हवाला देकर बागान बंद कर दिया. उन्होंने कहा कि चाय बागानों को जल्द खोला जाना चाहिये. ऐसा नहीं होने से बागान श्रमिकों का जीवन संकट में पड़ जायेगा.
इस संबंध में माल के श्रमायुक्त आर्थर होरो ने बताया कि उन्हें साईंली चाय बागान के बंद किये जाने की जानकारी है. जल्द बैठक बुलाकर बागान खोलने का प्रयास किया जायेगा. वहीं, माल थाना के ओसी अनिंद्य भट्टाचार्य ने बताया कि उन्हें नोटिस मिला है. चाय बागान पर नजर रखी जा रही है. उधर, नागराकाटा ब्लॉक के हिला चाय बागान में भी एक ही तरीके से सस्पेंशन ऑफ नोटिस चस्पा कर बागाद बंद कर दिया गया है. बागान में कार्यरत 745 श्रमिक और उनके हजारों की तादाद में परिवार असहाय अवस्था में हैं. सीटू नेता रामलाल मुर्मू ने बताया कि बागान प्रबंधन ने बेबुनियाद आरोप लगाया है. पिछले कई माह से बागान की हालत सामान्य थी. कहीं से किसी तरह की अशांति नहीं थी. प्रबंधन ने श्रमिकों पर असंतोष के चलते काम नहीं करने का आरोप लगाया है जो निराधार है. चाय बागान जल्द खोला जाना चाहिये.
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