विकास के लिये इससे बड़ा कोई सबूत नहीं हो सकता है. वहीं, मंत्री गोलाम रब्बानी ने अपने संबोधन में कहा कि बंगाल में रहकर हमलोग बांग्ला सीखेंगे. लेकिन उर्दू को भुलाकर नहीं. उन्होंने बताया कि ग्वालपोखर में उर्दू माध्यम से डीएलएड और बीएड कॉलेज की स्थापना के लिये मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अवगत कराया गया है. इस राष्ट्रीय मुशायरे में मशहूर शायर इमरान प्रतापगढ़ी के अलावा शामिल हुए उत्तर प्रदेश से आये फलक सुल्तानपुरी, पटना से आराधना प्रसाद, दिल्ली से जिया पंडित, कोलकाता से रेहाना नवाक, जमीर युसूफ, मोहम्मद असलम, कानपुर से डॉ मिराज राणा.
समारोह में उपस्थित रहे उक्त दोनों मंत्रियों एवं विधायक के अलावा जिला परिषद की सभाधिपति आलेमा नूरी, इस्लामपुर से विधायक कन्हैयालाल अग्रवाल, करणदिघी से विधायक मनोदेव सिंह, डीपीएससी के चेयरमैन जाहिद आलम आरजू, एसपी श्याम सिंह और एएसपी प्रदीप कुमार यादव. मुशायरे में बिहार-बंगाल के करीब 20 हजार श्रोताओं का जमावड़ा हुआ. उत्तर प्रदेश से आये मशहूर शायर इमरान प्रतापगढ़ी को लेकर विशेष उत्साह देखा गया.

