सीएम ने कहा मेरा गला काट डालो, पर वही करूंगी जो सही है
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :22 Sep 2017 10:52 AM (IST)
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कोलकाता. विसर्जन व मोहर्रम के मुद्दे पर कलकत्ता हाइकोर्ट के फैसले को राज्य सरकार के लिए झटका माना जा रहा है. पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उच्च न्यायालय के इस फैसले से तनिक भी विचलित नजर नहीं आ रही हैं. गुरुवार को एकडलिया एवरग्रीन दुर्गा पूजा के उदघाटन समारोह को बेहद आक्रामक अंदाज में संबोधित करते […]
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कोलकाता. विसर्जन व मोहर्रम के मुद्दे पर कलकत्ता हाइकोर्ट के फैसले को राज्य सरकार के लिए झटका माना जा रहा है. पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उच्च न्यायालय के इस फैसले से तनिक भी विचलित नजर नहीं आ रही हैं. गुरुवार को एकडलिया एवरग्रीन दुर्गा पूजा के उदघाटन समारोह को बेहद आक्रामक अंदाज में संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा : मेरा गला काट डालो, पर मैं वही करूंगी जो सही है.
हाइकोर्ट के फैसले के थोड़ी देर बाद ही एवरग्रीन दुर्गा पूजा के उदघाटन समारोह में सुश्री बनर्जी ने कहा कि उन्हें जब कोई गाली देता है तो उन्हें गुस्सा नहीं आता है, क्योंकि वह इसकी अभ्यस्त हो चुकी हैं. पर जब कोई बंगाल को यहां की सभ्यता, संस्कृति, परंपरा, विरासत, उत्सव को बुरा भला कहता है. जब कोई बंगाल को लेकर ज्ञान देता है तब उन्हें बेहद गुस्ता आता है.
राज्य के खिलाफ साजिश रचने का आरोप एक बार फिर दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग अफवाह फैला कर व साजिश रच कर हमारे उत्सव को छोटा बनाने का प्रयास कर रहे हैं. दिल्ली से राज्य के खिलाफ साजिश की जा रही है. विभिन्न एजेंसियों को साजिश के काम में लगाया जा रहा है. पर अगर देव-देवी बोल कर कुछ है तो मैं इस साजिश को ध्वस्त कर दूंगी.
भाजपा का नाम लिए बगैर उस पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि क्या पूजा पंडाल आने वालों से आयोजक यह पूछते हैं कि उनका नाम व धर्म क्या है. कौन पूजा करेगा, किसकी करेगा, यह उसका अधिकार है.
सुश्री बनर्जी ने कहा कि जब मैं मुसलमानों के कार्यक्रम में जाती हूं तो मुझ पर तुष्टीकरण का आरोप लगाया जाता है, पर जब मैं छठ पूजा में शामिल होती हूं या बुद्ध पूर्णिमा मनाती हूं तो उस वक्त कोई क्यों नहीं मुझ पर तुष्टीकरण का आरोप लगाता है. जब मैं मंदिर जाती हूं या आधी रात को क्रिसमम के त्योहार में शामिल होती हूं तो उस वक्त तुष्टीकरण का सवाल क्यों नहीं उठाया जाता है. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एक बेहद अपमानजनक शब्द है, जिससे बेहद तकलीफ होती है.
मुख्यमंत्र ने कहा कि उनके लिए मानवता ही सबसे बड़ा धर्म है. मुझे कब विसर्जन करना होगा, क्या यह भी पूछना होगा. उन्होंने कहा कि शनिवार या अकादशी के दिन देवी काे विसर्जित करने की प्रथा नहीं है. फिर समस्या कहा है. कुछ लोग उत्सव को छोटा करने की कोशिश कर रहे हैं. वह लोग राज्य की शांति को बाधित करने का प्रयास कर रहे हैं.
उत्सव के इस माहौल में अशांति फैलाने की कोशिश करने वालों को कड़ी चेतावनी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्सव के दौरान अगर किसी तरह की अशांति हुई तो राज्य सरकार कड़ी कार्रवाई करेगी. किसी तरह की गड़बड़ी व हंगामा बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर कोई अशांति फैलाने की साजिश करता है तो मुझसे बड़ा दुश्मन कोई नहीं होगा. अगर कुछ होता है तो उसकी जिम्मेदारी भी उन्हें ही लेनी होगी.
कार्यक्रम में पंचायत मंत्री सुब्रत मुखर्जी, सांसद सुब्रत बक्सी, पूर्व मंत्री मनीष गुप्ता, बिजली मंत्री शोभनदेव चट्टोपाध्याय, एकडलिया एवरग्रिन पूजा कमेटी की भव्य मां दुर्गा की प्रतिमा की बनारसी साड़ी का डिजाइनर स्वर्णाली कांजिलाल, मूर्तिकार सनातन रुद्र पाल इत्यादि मौजूद थे.
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