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एनबीयू द्वितीय कैंपस कार्यालय में ताला जड़ आंदोलन

जलपाईगुड़ी : उत्तर बंग विश्वविद्यालय (एनबीयू) के जलपाईगुड़ी कैंपस की विभिन्न समस्याओं को लेकर छात्र-छात्राओं ने जलपाईगुड़ी कैंपस के कार्यालय में ताला लगाकर नये भवन के सामने आंदोलन शुरू किया. अध्यापकों की कमी से हो प्रभावित हो रहे पठन-पाठन से इन छात्र-छात्राओं में काफी नाराजगी है. गौरतलब है कि उत्तर बंग विश्वविद्यालय के जलपाईगुड़ी कैंपस […]

जलपाईगुड़ी : उत्तर बंग विश्वविद्यालय (एनबीयू) के जलपाईगुड़ी कैंपस की विभिन्न समस्याओं को लेकर छात्र-छात्राओं ने जलपाईगुड़ी कैंपस के कार्यालय में ताला लगाकर नये भवन के सामने आंदोलन शुरू किया. अध्यापकों की कमी से हो प्रभावित हो रहे पठन-पाठन से इन छात्र-छात्राओं में काफी नाराजगी है. गौरतलब है कि उत्तर बंग विश्वविद्यालय के जलपाईगुड़ी कैंपस में पठन-पाठन भले ही शुरू हुआ हो, लेकिन दो स्थायी अध्यापकों एवं कुछ अतिथि अध्यापकों से ही कक्षाएं चल रही हैं. इधर जलपाईगुड़ी कैंपस के कार्यालय में सहायक रजिस्ट्रार के अलावा कोई है ही नहीं.
जलपाईगुड़ी गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज के कुछ क्लास रूमों में ही 2013 में अस्थायी तौर पर शुरू हुआ था उत्तर बंग विश्वविद्यालय का दूसरा कैंपस. इसी वर्ष दूसरे कैंपस के नये भवन में 14 मई से पठन-पाठन शुरू हुआ. कैंपस सूत्रों के मुताबिक बांग्ला, अंग्रेजी, संस्कृत, व्यावहारिक भूगोल विषय पढ़ाया जाता है. वर्तमान में संस्कृत विभाग में दो स्थायी शिक्षक कैंपस में हैं. लेकिन अन्य विभागों में जो स्थायी अध्यापक व अध्यापिकाएं पढ़ाने के लिए आते हैं वे उत्तर बंग विश्वविद्यालय के मुख्य कैंपस से आते हैं. कॉलेज की तृणमूल संचालित अखिल बांग्ला तृणमूल शिक्षा बंधु समिति के कैंपस संयोजक राणी दत्त ने बताया कि कैंपस में लाइब्रेरियन, कार्यालय लिपिक, टाइपिस्ट, वित्त, परीक्षा, चपरासी व झाड़ूदार के पद पर कोई नहीं है. इसके लिए बार-बार कहा गया लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई.
कैंपस के कार्यालय में अनुबंध पर लगे कर्मी गौतम देवशर्मा के कार्य की अवधि 11 अगस्त को समाप्त हो चुकी है. इसके अलावा ताहिरुल प्रामाणिक नामक लाइब्रेरी कर्मी के कार्य की अवधि 11 जुलाई को समाप्त हो चुकी है. इन दोनों की कार्य अवधि को बढ़ाने को लेकर प्रबंधन ने कुछ नहीं बताया, जबकि कैंपस कार्यालय में एक अन्य व्यक्ति की नियुक्ति की गई है. ताहिरुल ने बताया कि इसलिए वे भी छात्र-छात्राओं के इस आंदोलन में शामिल हुए हैं.
आंदोलनकारी छात्रा नम्रता सरकार व मौमिता दास की शिकायत है कि कैंपस का नया भवन बना है, लेकिन छात्र-छात्राओं के लिए छात्रावास नहीं हुआ. इस वजह से इन्हें अधिक किराया देकर बाहर रहना पड़ रहा है. साथ ही कॉलेज में स्थायी अध्यापक के नहीं होने से, विशेष रूप से बांग्ला विभाग में क्लास नहीं हो रही है, इन्हीं वजहों से वे पिछड़ रहे हैं. कैंपस में वर्तमान में 230 छात्र-छात्राएं हैं, लेकिन लैब, कार्यालय सबकुछ इंजीनियरिंग कॉलेज के पुराने कार्यालय में ही रह गया है.
ये आरोप लगाते हुए तृणमूल छात्र परिषद संचालित छात्र संसद के सहायक महासचिव शम्सुल हक ने बताया कि गत मई एवं जुलाई महीने में विश्वविद्यालय के सिलीगुड़ी कैंपस में पहुंचकर मौखिक व ग्रुप डिस्कशन की परीक्षा देने को कहा गया. लेकिन वे नहीं पहुंचे. इनका कहना है कि साल भर जब वे जलपाईगुड़ी कैंपस के अंतर्गत पढ़ाई कर रहे हैं, तो परीक्षा देने बाहर क्यों जायें. ऐसे में इसी कैंपस से ही परीक्षा देने की मांग पर पिछले एक सप्ताह से आंदोलन करते आ रहे हैं. आंदोलनकारियों का कहना है कि मांगें पूरी नहीं होने तक कार्यालय में ताला लगा रहेगा. यहां तक कि पठन-पाठन भी बंद रहेगा.
इधर जलपाईगुड़ी कैंपस की सहायक रजिस्टार सुष्मिता मिश्र ने बताया कि इस संबंध में उच्च स्तरीय प्रबंधन को अवगत कराया गया है. उत्तर बंग विश्वविद्यालय के जलपाईगुड़ी कैंपस के को-आर्डिनेटर व अध्यापक डॉ सुबीर सरकार ने बताया कि मौखिक समेत अन्य परीक्षा लेने में दिक्कत है. हालांकि छात्र-छात्राओं के आंदोलन से कार्यालय में पठन-पाठन बंद है. वह फिलहाल कोलकाता में हैं. लौटकर 17 अगस्त को प्रबंधन के साथ बातचीत कर समस्या के समाधान के विषय पर विचार किया जाएगा. इधर, 16 अगस्त से नये छात्र-छात्राएं कैंपस पहुंचेंगे.
Prabhat Khabar Digital Desk
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