गोरखालैंड : पहाड़ पर तृणमूल समर्थकों की आयी शामत

Updated at :28 Jun 2017 8:15 AM
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गोरखालैंड : पहाड़ पर तृणमूल समर्थकों की आयी शामत

सिलीगुड़ी. दार्जिलिंग पर्वतीय क्षेत्र में नये सिरे से गोरखालैंड आंदोलन शुरू होने के बाद पहाड़ पर तृणमूल समर्थकों की सामत आयी हुई है. एक पर एक तृणमूल समर्थक पहाड़ छोड़ने के लिए बाध्य हो रहे हैं. इसके अलावा राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा गठित विभिन्न जातियों के विकास बोर्ड के चेयरमैन तथा अन्य पदाधिकारियों […]

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सिलीगुड़ी. दार्जिलिंग पर्वतीय क्षेत्र में नये सिरे से गोरखालैंड आंदोलन शुरू होने के बाद पहाड़ पर तृणमूल समर्थकों की सामत आयी हुई है. एक पर एक तृणमूल समर्थक पहाड़ छोड़ने के लिए बाध्य हो रहे हैं. इसके अलावा राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा गठित विभिन्न जातियों के विकास बोर्ड के चेयरमैन तथा अन्य पदाधिकारियों का भी जीना दूभर हो गया है. आरोप है कि गोजमुमो समर्थक इन बोर्ड के प्रतिनिधियों खासकर तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों को निशाना बना रहे हैं.

पिछले दिनों कालिम्पोंग नगरपालिका के दो पार्षदों के घरों पर पत्थरबाजी की घटना हुई थी. वार्ड नंबर नौ के पार्षद भीम अग्रवाल तथा 12 के पार्षद आसिफ अहमद अंसारी ने तृणमूल कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया. इन दोनों के घरों पर न केवल पत्थरबाजी हुई, बल्कि इनके घर भी आग के हवाले कर दिये गये. उसके बाद से ही तृणमूल समर्थकों में आतंक कायम है. दार्जीलिंग पर्वतीय क्षेत्र के विभिन्न इलाकों से अब तक 105 तृणमूल नेता और समर्थक बेघर हो चुके हैं. इन लोगों ने जान बचाने के लिए सिलीगुड़ी में शरण ले रखी है. तृणमूल कांग्रेस की ओर से इनके विभिन्न स्थानों पर राहत कैम्प लगाये गये हैं, जबिक विकास बोर्डों के चेयरमैन तथा अन्य पदाधिकारी सिलीगुड़ी सर्किट हाउस में डेरा जमाये हुए हैं.

पहाड़ पर तृणमूल नेता एवं समर्थकों पर अत्याचार की बात जिला तृणमूल अध्यक्ष तथा राज्य के पर्यटन मंत्री गौतम देव ने भी स्वीकार की है. उन्होंने मंगलवार को संवाददाताओं से बातचीत करते हुए बताया कि अब तक 105 तृणमूल समर्थक पहाड़ से सिलीगुड़ी आये हुए हैं. मोरचा के लोगों ने इन लोगों को डराया-धमकाया है. खासकर कालिम्पोंग इलाके में मोरचा समर्थकों का अत्याचार काफी बढ़ गया है. तृणमूल कांग्रेस के नेताओं एवं उनके घरों में आग लगायी जा रही है. इस तरह की घटना बर्दाश्त के काबिल नहीं है. इस बीच, पहाड़ पर हिंसा का दौर जारी है. सोमवार की रात कालिम्पोंग जिले के अलगढ़ा इलाके में स्थित खस विकास बोर्ड के चेयरमैन राजेन भुटियावाल के घर को बदमाशों ने आग के हवाले कर दिया. घर में उनकी पत्नी तथा दो बच्चे थे. किसी तरह से इन तीनों की जान बचायी गयी.

स्थानीय लोगों ने तीनों को सुरक्षित निकाला. आगजनी की इस घटना में मोरचा समर्थकों के हाथ होने की आशंका जतायी जा रही है. घर में रखी श्री भुटियावाल के तीन गाड़ियों को भी फूंक दिया गया है. पुलिस इस मामले की जांच कर रही है. दार्जीलिंग. इसबीच,दार्जीलिंग शहर के मोटर स्टैंड के आगे गोजमुमो समर्थकों ने मंगलवार को जीटीए एक्ट को जलाया.

पहाड़ पर फिर पसरा सन्नाटा

बेमियादी बंद में 12 घंटे की छूट के बाद दार्जीलिंग पर्वतीय क्षेत्र में एक बार फिर से सन्नाटा पसर गया है. सोमवार को ईद के मौके पर गोजमुमो ने बेमियादी बंद में 12 घंटे की छूट की घोषणा की थी. सोमवार को दार्जीलिंग की तमाम दुकानें खुली हुई थी. लोगों ने जमकर खरीददारी की. इसके बाद मंगलवार को दार्जीलिंग पर्वतीय क्षेत्र के विभिन्न इलाकों कालिम्पोंग, कर्सियांग, मिरिक आदि इलाके में सन्नाटा पसर गया. सभी दुकानें बंद हो गयी हैं. वाहनों की आवाजाही भी एक बार फिर से पूरी तरह बंद है. बस अलग गोरखालैंड मांग को लेकर विभिन्न स्थानों पर जुलूस निकाले जा रहे हैं.

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