28 जून को सभी प्रमुख जैन मंदिरों से सुबह में प्रभात फेरी निकाली जाएगी. साथ ही विशेष संगीतमय पूजन का आयोजन होगा. नगर-नगर पौधरोपण किया जाएगा. अस्पतालों, अनाथालयों, वृद्धाश्रमों में आवश्यक सामग्री का वितरण, जरूरतमंदों को खाद्यान्न, वस्त्र वितरण आदि किया जायेगा. कोलकाता में भी इस महोत्सव का शुभारंभ 28 जून 2017 से होगा, जो दो जुलाई 2017 तक चलेगा. महोत्सव समिति के सलाहकार विनोद कुमार जैन ने बताया कि आचार्य विद्यासागर जी महाराज ने गत 49 वर्षों से हजारों किलोमीटर नंगे पैर चलते हुए महाराष्ट्र, गुजरात, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड और बिहार में अध्यात्म की गंगा बहायी. लाखों लोगों को नशामुक्त होने की प्रेरणा दी और स्वावलंबी जीवन के साथ राष्ट्रीय एकता को मजबूती प्रदान की है.
आचार्य श्री का प्रवचन सुनकर अनेकों लोगों ने मांस, शराब, तंबाकू आदि का सेवन त्याग दिया. अनेकों लोगों ने अस्पताल बनाने, विद्यालय खोलने एवं नैतिक शिक्षा प्रदान करने वाले शिक्षण संस्थाओं के लिये मुक्तहस्त दान दिया. संस्था के सराफ ने बताया कि आचार्य श्री के प्रवचन सुनकर अनेकों नवयुवकों में अहिंसा, दया और परोपकार की चेतना जागृत हुई.

