बंगाल में जेल की जरूरत खत्म करना चाहते हैं : कारा मंत्री
Author :Prabhat Khabar Digital Desk
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Updated at :08 Jun 2017 8:55 AM
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सिलीगुड़ी/ जलपाईगुड़ी. कैदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना ही बंगाल सरकार की प्रमुखता है. बंगाल के समस्त जेलों में बंद कैदी छूटने के बाद कैसे अपराध की दुनिया से दूर होकर वापस समाज के साथ घुल-मिल सकें, इसके लिए कार्यशालाओं के माध्यम से विशेषज्ञ काउंसेलिंग कर रहे हैं. यह कहना है ममता सरकार के […]
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सिलीगुड़ी/ जलपाईगुड़ी. कैदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना ही बंगाल सरकार की प्रमुखता है. बंगाल के समस्त जेलों में बंद कैदी छूटने के बाद कैसे अपराध की दुनिया से दूर होकर वापस समाज के साथ घुल-मिल सकें, इसके लिए कार्यशालाओं के माध्यम से विशेषज्ञ काउंसेलिंग कर रहे हैं. यह कहना है ममता सरकार के कारा मंत्री उज्ज्वल विश्वास का. वह बुधवार को उत्तर बंगाल प्रवास के दौरान सिलीगुड़ी कारागार का मुआयना करने के बाद मीडिया को संबोधित कर रहे थे.
उन्होंने कहा कि कैदियों को आर्थिक रूप से सबल बनाने के लिए आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है. इसके लिए विभिन्न उद्यमों के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सिलीगुड़ी कारागार में कैदियों के रहने के लिए सभी सुविधाएं मौजूद हैं. बुनियादी सुविधाओं को और विकसित किया जायेगा. उन्होंने कारागार के अधिकारियों को कैदियों को समय पर सेहतमंद खाना देने और कारागार की साफ-सफाई रखने पर भी विशेष जोर दिया.
इससे पहले कारा मंत्री श्री विश्वास ने जलपाईगुड़ी जेल का भी दौरा किया. उन्होंने यहां संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चाहती हैं कि न्यूजीलैंड की तरह ही इस राज्य से भी जेल खत्म हो जाये. अगर अपराध नहीं होगा तो जेल की आवश्यकता ही क्या पड़ेगी. न्यूजीलैंड में पहले आठ जेल थे. कैदियों के आभाव में सभी जेल को बंद कर दिया गया है. ममता भी चाहती हैं कि इस राज्य में जेल की जरूरत ही नहीं पड़े. इसके साथ ही कारा मंत्री को इस जेल से संबंधित विभिन्न समस्याओं की जानकारी दी गयी. इसमें सबसे बड़ी समस्या जेल में एक भी डॉक्टर का नहीं होना है. दवा की भी काफी कमी है. कारा मंत्री ने इन समस्याओं को दूर करने की बात कही.
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