डब्ल्यूबीसीएस का पुराना सिलेबस व परीक्षा पैटर्न बहाल, भाषा का पेपर हिंदी, उर्दू और संताली में दे सकेंगे अभ्यर्थी

Published by :AKHILESH KUMAR SINGH
Published at :29 May 2025 1:42 AM (IST)
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डब्ल्यूबीसीएस का पुराना सिलेबस व परीक्षा पैटर्न बहाल, भाषा का पेपर हिंदी, उर्दू और संताली में दे सकेंगे अभ्यर्थी

फिल्म अभिनेता तथा आसनसोल के सांसद व तृणमूल नेता शत्रुघ्न सिन्हा ने प्रभात खबर में नियमित छप रही खबरों को संज्ञान में लिया और खुद अखबार से संपर्क करके इस मुहिम से जुड़े.

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राहत. आखिरकार प्रभात खबर के अभियान को मिली सफलता, राज्य सरकार ने बदला अपना निर्णय

15 मार्च 2023 को कार्मिक व प्रशासनिक सुधार विभाग ने डब्ल्यूबीसीएस (एक्जीक्यूटिव) परीक्षा के सिलेबस का संशोधित गैजेट नोटिफिकेशन किया था जारी

पिछले दो वर्षों से प्रभात खबर इस मुद्दे को लेकर चला रहा है मुहिम, पूरे राज्य से लोग जुड़े अखबार के इस अभियान में

शिवशंकर ठाकुर, आसनसोल आखिरकार प्रभात खबर अखबार के मुहिम को सफलता मिल ही गयी. डब्ल्यूबीसीएस (एक्जीक्यूटिव) परीक्षा में हिंदी, उर्दू और संताली भाषा को हटाने को लेकर राज्य सरकार के निर्णय पर प्रभात खबर ने मुहिम छेड़ी, जिसमें राज्यभर से लोग जुड़े और दो साल के लंबे अंतराल के बाद सरकार ने अपना फैसला वापस ले लिया है. बुधवार को राज्य सचिवालय नबान्न के व्हाट्सएप मीडिया ग्रुप में इन्फॉर्मेशन एंड कल्चरल अफेयर्स की निदेशक ने एक प्रेस विज्ञप्ति शेयर किया. जिसमें लिखा गया है कि कार्मिक व प्रशासनिक सुधार विभाग द्वारा दो विज्ञप्तियों के माध्यम से अखिल भारतीय सिविल सेवा परीक्षा के उपयोगी सिलेबस व परीक्षा पद्धति चालू करने के लिए साल 2025 से अयोजित डब्ल्यूबीसीएस (एक्जीक्यूटिव) आदि परीक्षा के नये सिलेबस व परीक्षा पद्धति लागू करने का जो सरकारी निर्णय प्रकाशित किया था, उसे स्थगित किया गया. इन दोनों विज्ञप्ति के पहले जो सिलेबस और परीक्षा पद्धति थी, उसे बहाल रखा गया है. इसके परिणामस्वरूप परीक्षार्थी आगामी दिनों में आयोजित डब्ल्यूबीसीएस (एक्जीक्यूटिव) आदि परीक्षा बांग्ला, हिंदी, नेपाली, उर्दू व संताली भाषा में दे पायेंगे. सरकार के इस निर्णय से गैर बांग्ला माध्यम के विद्यार्थी भी अब राज्य की सबसे प्रतिष्टित नौकरी के लिए प्रतियोगितामूलक परीक्षा में बैठ पायेंगे और डब्ल्यूबीसीएस अधिकारी बन सकेंगे.

क्या है पूरा मामला: राज्य सरकार के कार्मिक व प्रशासनिक सुधार विभाग ने डब्ल्यूबीसीएस(एक्जीक्यूटिव) परीक्षा के सिलेबस और पद्धति को लेकर 15 मार्च 2023 को संशोधित गैजेट नोटिफिकेशन जारी किया. जिसमें मेंस परीक्षा के पेपर-ए से हिंदी, उर्दू और संताली भाषा को हटाकर सिर्फ बांग्ला/नेपाली भाषा में परीक्षा देने का प्रावधान रखा गया. इस खबर को प्रभात खबर ने ब्रेक किया और सरकार के इस निर्णय के विरोध में मुहिम शुरू की. राज्यभर से बुद्धिजीवी, विद्यार्थी व उनके अभिभावक इस मुहिम से जुड़े और यह मुहिम एक आंदोलन का रूप लिया. जगह-जगह प्रदर्शन के साथ अधिकारियों को ज्ञापन सौंपने का सिलसिला जारी हुआ. मामले को अदालत में चुनौती देने से पहले वकील का नोटिस भी संबंधित सभी को भेजा गया. प्रभात खबर ने धारावाहिक रूप से अपने इस मुहिम को प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया और लोग जुड़ते रहे. आखिरकार मुख्यमंत्री ने भारी जनदबाव को देखते हुए 2024 लोकसभा चुनाव से पहले 11 जनवरी 2024 को नबान्न में आयोजित एक पत्रकार सम्मेलन में घोषणा करते हुए कहा कि डब्ल्यूबीसीएस (एक्जीक्यूटिव) परीक्षा में हिंदी, उर्दू और संताली भाषा को शामिल कर लिया गया. चुनाव खत्म होने के बाद पश्चिम बंगाल पब्लिक सर्विस कमीशन ने 24 जुलाई 2024 को एक महत्वपूर्ण घोषणा की विज्ञप्ति जारी की और कहा कि 2024 में आयोजित डब्ल्यूबीसीएस (एक्जीक्यूटिव) परीक्षा पुराने सिलेबस और पैटर्न का आधार पर होगी. वर्ष 2025 से अयोजिति होने वाली परीक्षा 15 मार्च 2023 को जारी नये सिलेबस और पद्धति के आधार पर होगा. यह विज्ञप्ति प्रकाशित होते ही प्रभात खबर ने पुनः मुहिम छेड़ी जो अबतक जारी है. हालांकि इस विज्ञप्ति को वेबसाइट के पोर्टल पर नहीं डाला गया. प्रभात खबर ने अपने स्रोतों के माध्यम से इस विज्ञप्ति को निकाला और प्रमुखता से प्रकाशित किया. जिसे लेकर राज्य भर में आंदोलन चल रहा है. 25 अप्रैल 2025 को पश्चिम बंगाल पब्लिक सर्विस कमीशन की वेबसाइट प्राधिकारिक तौर पर जारी किया गया कि 2025 का डब्ल्यूबीसीएस (एक्जीक्यूटिव) परीक्षा नये सिलेबस और पद्धति के आधार पर होगी. इसके जारी होने के बाद आंदोलन और तेज हुआ. आखिरकार इस मुहिम को जीत मिली और सरकार ने अपना निर्णय वापस लिया. अब पुराने पैटर्न के आधार पर अभ्यर्थी भाषा का पेपर हिंदी, उर्दू और संताली में भी दे सकेंगे.

क्या था पुराना सिलेबस जिसे बदला गया था: डब्ल्यूबीसीएस (एक्जीक्यूटिव) के लिए प्रिलिमिनरी और मेन दो चरणों मे अभ्यार्थी को परीक्षा देना होती है. पुराने सिलेबस और पद्धति में मेन परीक्षा का कम्पलसरी पेपर-1 था 200 नंबर का.

जिसमें बांग्ला/हिंदी/उर्दू/संताली/नेपाली भाषा में लेटर राइटिंग, ड्राफ्टिंग ऑफ रिपोर्ट, प्रेसिस राइटिंग, कम्पोजिशन और उक्त पांच भाषाओं में से किसी एक भाषा से अंग्रेजी में ट्रांसलेशन करना होता था. नये सिलेबस और पैटर्न में पेपर-ए को 300 नंबर का किया गया. इसमें भी लेटर राइटिंग, ड्राफ्टिंग ऑफ रिपोर्ट, प्रेसिस राइटिंग, कम्प्रिहेंशन, अंग्रेजी में ट्रांसलेशन करना होगा और न्यूनतम 30 फीसदी अंक प्राप्त करने पर ही अभ्यार्थी उतीर्ण होंगे . सारे सवाल कक्षा दस के स्टैंडर्ड का होगा. इसमें सबसे बड़ा निर्णय यह हुआ कि हिंदी, उर्दू और संताली भाषा को इसमें से हटा दिया गया. जिसके कारण गैर बांग्ला माध्यम के विद्यार्थियों के लिए इस परीक्षा में बैठना ही बड़ी चुनौती बन गयी. जिसे लेकर ही मुहिम शुरू हुई. नेपाली भाषा सिर्फ हिल एरिया के नागरिकों के लिए ही मान्य है. आसनसोल या कोलकाता में रहने वाले नेपाली माध्यम के विद्यार्थी को बांग्ला भाषा में ही परीक्षा देना होगी.

आसनसोल के सासंद शत्रुघ्न सिन्हा ने खुद प्रभात खबर से किया संपर्क और जुड़े मुहिम से

फिल्म अभिनेता तथा आसनसोल के सांसद व तृणमूल नेता शत्रुघ्न सिन्हा ने प्रभात खबर में नियमित छप रही खबरों को संज्ञान में लिया और खुद अखबार से संपर्क करके इस मुहिम से जुड़े. उन्होंने प्रभात खबर के इस मुहिम को तार्किक बताया और पूरी विस्तृत जानकारी लेकर राज्य के अनेकों आइएएस अधिकारियों से बात की. कुछ जगहों पर चिट्ठी भी लिखी. उन्होंने राज्य के अनेकों वरिष्ठ अधिकारियों को प्रभात खबर अखबार से भी बात करवायी. वे इस मुद्दे को लेकर लगातार मुखर रहे. 30 अप्रैल 2025 को आसनसोल में प्रभात खबर के प्रतिनिधि के साथ इस मुद्दे को लेकर करीब डेढ़ घंटे तक चर्चा की और वहीं से बैठकर कुछ वरिष्ठ आइएएस अधिकारियों से भी बात की. आखिरकार यह मुहिम सफल हुआ.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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