पुलिस पर हमला करेंगे… वाले Video से हड़कंप, दिलीप घोष के खिलाफ चुनाव आयोग पहुंची TMC

Updated at : 25 Mar 2026 9:05 PM (IST)
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TMC Complaint Against Dilip Ghosh West Bengal Assembly Election 2026

भाजपा नेता दिलीप घोष और उनके खिलाफ टीएमसी का शिकायती पत्र.

TMC Complaint Against Dilip Ghosh: पश्चिम बंगाल के खड़गपुर में पुलिस को धमकी देने के आरोप में भारतीय जनता पार्टी के नेता दिलीप घोष के खिलाफ TMC ने चुनाव आयोग में शिकायत की है. उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है. जानें क्या है पूरा मामला और TMC की मांग.

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TMC Complaint Against Dilip Ghosh: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के रण में जुबानी जंग अब कानूनी लड़ाई में तब्दील हो गयी है. सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष के खिलाफ राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) से एक औपचारिक शिकायत की है. टीएमसी का आरोप है कि दिलीप घोष ने खड़गपुर में एक चुनावी सभा के दौरान ऑन-ड्यूटी पुलिसकर्मियों को सरेआम धमकी दी और उन पर हमला करने के लिए लोगों को उकसाया. टीएमसी ने इस वीडियो का लिंक इलेक्शन कमीशन को उपलब्ध करवाया है, लेकिन अब उस वीडियो को प्राइवेट कर दिया गया है. यानी यह वीडियो यूट्यूब पर उपलब्ध नहीं है.

खड़गपुर थाना प्रभारी को सीधे टारगेट करने का आरोप

ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC) ने अपनी शिकायत में एक वीडियो का हवाला दिया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. पार्टी के अनुसार, इस वीडियो में दिलीप घोष खड़गपुर थाना प्रभारी (IC) को निशाना बनाते हुए कथित तौर पर ‘हिंसक और डरावने’ बयान देते नजर आ रहे हैं. टीएमसी ने दावा किया कि चुनाव ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा बलों को इस तरह धमकाना स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की प्रक्रिया में बाधा डालना है.

चुनाव ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को धमकाना और उन पर हमले की बात करना लोकतंत्र का अपमान है. दिलीप घोष के हिंसक बयानों से चुनाव का माहौल खराब हो रहा है. निर्वाचन आयोग को उन्हें तत्काल इस तरह की बयानबाजी से रोकना चाहिए.

तृणमूल कांग्रेस की शिकायत पत्र का अंश

भारतीय न्याय संहिता और आचार संहिता का उल्लंघन

सत्तारूढ़ पार्टी ने दिलीप घोष के इस आचरण को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करार दिया है. टीएमसी ने चुनाव आयोग से मांग की है कि दिलीप घोष के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाये. शिकायत में कहा गया है कि दिलीप घोष के बयान आदर्श आचार संहिता (MCC) का खुला उल्लंघन है. इन टिप्पणियों के लिए उन पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा चलना चाहिए.

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दिलीप घोष के खिलाफ पहले भी हो चुकी है शिकायत

यह पहली बार नहीं है, जब दिलीप घोष टीएमसी के निशाने पर आये हैं. पार्टी ने आयोग को याद दिलाया कि इससे पहले 18 मार्च को भी उनके खिलाफ शिकायत दर्ज करायी गयी थी. तब उन पर कालीघाट और चेतला इलाकों में टीएमसी कार्यकर्ताओं और आम जनता को डराने-धमकने के आरोप लगे थे. फिलहाल इस ताजा विवाद पर दिलीप घोष की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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