चुनाव आयोग की वेबसाइट में तकनीकी गड़बड़ी, ‘विचाराधीन’ हुए बंगाल के करोड़ों वोटर, TMC ने साधा निशाना

एसआईआर के मुद्दे पर टीएमसी ने शेयर किया बंगाल का नक्शा, उस पर लिखा अंडर एडजुडिकेशन.
Election Commission Technical Glitch Bengal: पश्चिम बंगाल में निर्वाचन आयोग के सर्वर में आयी खराबी के कारण वैध मतदाताओं के नाम भी Under Consideration दिखने लगे. चुनाव आयोग ने जांच के आदेश दिये. तृणमूल कांग्रेस ने इलेक्शन कमीशन पर मतदाताओं को परेशान करने के आरोप लगाये. क्या है पूरा मामला, यहां पढ़ें.
Election Commission Technical Glitch Bengal: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से ठीक पहले डिजिटल मोर्चे पर एक बड़ी लापरवाही सामने आयी है. मंगलवार रात इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया (ECI) की आधिकारिक वेबसाइट पर आई एक तकनीकी खराबी ने राज्य के करोड़ों मतदाताओं की धड़कनें बढ़ा दीं. अचानक सिस्टम में राज्य के लगभग सभी वैध मतदाताओं को ‘विचाराधीन’ (Under Consideration) श्रेणी में दिखाया जाने लगा. हालांकि, आयोग ने इसे एक सर्वर संबंधी त्रुटि बताते हुए सुधार लिया है, लेकिन इस घटना ने बंगाल की सियासी तपिश को और बढ़ा दिया है.
आधी रात को ‘वोटर लिस्ट’ का हाई वोल्टेज ड्रामा
सोमवार की आधी रात को पहली पूरक सूची जारी होने के महज 24 घंटे के भीतर यह गड़बड़ी सामने आयी. जब मतदाताओं ने अपना ईपीआईसी (EPIC) नंबर डालकर स्थिति जांचनी चाही, तो उन लोगों के नाम भी ‘विचाराधीन’ दिखने लगे, जिनके नाम अंतिम मतदाता सूची में पहले से ही कन्फर्म थे.
इलेक्शन कमीशन ने दी सफाई
इलेक्शन कमीशन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को बताया कि यह समस्या सर्वर से जुड़ी एक तकनीकी गड़बड़ी थी. सिस्टम ने गलती से राज्य के सभी मतदाताओं को ‘विचाराधीन’ चिह्नित कर दिया. तकनीकी टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लगभग 2 घंटे के भीतर इस गड़बड़ी (Erorr) को ठीक कर दिया. आयोग अब इस खराबी के मूल कारणों की गहन जांच कर रहा है.
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पूरे बंगाल को बना दिया संदिग्ध – तृणमूल कांग्रेस
इलेक्शन कमीशन की साइट पर हुई इस तकनीकी चूक पर बंगाल की सत्तारूढ़ ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. पार्टी ने सोशल मीडिया के जरिये चुनाव आयोग को घेरते हुए आरोप लगाया कि इस ‘गलती’ ने प्रभावी रूप से बंगाल के पूरे मतदाता वर्ग को ही संदेह के घेरे में खड़ा कर दिया. टीएमसी का कहना है कि वैध मतदाताओं और उन लोगों को भी ‘विचाराधीन’ दिखाना, जिनके मामले पहले ही सुलझ चुके हैं, मतदाताओं को मानसिक रूप से परेशान करने की साजिश है.
टीएमसी ने किया ये ट्वीट
टीएमसी ने इलेक्शन कमीशन पर निशाना साधते हुए कहा- आप खुद एक बार चेक करके देख लीजिए. निर्वाचन आयोग के पोर्टल पर जाएं (https://electoralsearch.eci.gov.in/). अपना एपिक (EPIC) नंबर दर्ज करें. अपना SIR स्टेटस (Status) देख लें. भले आपको सुनवाई के लिए न बुलाया गया हो, भले अंतिम मतदाता सूची में आपका नाम पहले से मौजूद हो, या आप एक मैप्ड (Mapped) वोटर हों, या आपका मामला पूरक सूची में सुलझ चुका हो, अब आप अपना स्टेटस UNDER ADJUDICATION (विचाराधीन) पायेंगे.
टीएमसी ने आगे कहा कि चुनाव आयोग ने अपने पोर्टल पर पूरे बंगाल को ही ‘विचाराधीन’ घोषित कर दिया है. बंगाल का हर एक मतदाता अब UNDER ADJUDICATION है. टीएमसी ने चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार को ‘वैनिश’ (गायब) कमीशन कहकर संबोधित करते हुए कहा कि वैनिश कमीशन और भाजपा ने मिलकर बंगाल की पूरी मतदाता सूची को संदिग्ध बना दिया है.
मतदाताओं में डर और आयोग का खेद
हालांकि, चुनाव आयोग ने इस असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया है, लेकिन जानकारों का मानना है कि चुनाव से ठीक पहले जनता के लिए यह केवल ‘तकनीकी खराबी’ नहीं है. विशेष रूप से विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चल रहे विवाद के बीच ऐसी गड़बड़ी ने चुनाव आयोग की डिजिटल विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिये हैं.
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By Mithilesh Jha
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