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कर्मकांड के बंधनों से इतर पुरोहित ही नहीं, यजमान भी जानेंगे जगदंबा के आह्वान का मर्म

Updated at : 08 Sep 2025 1:31 AM (IST)
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कर्मकांड के बंधनों से इतर पुरोहित ही नहीं, यजमान भी जानेंगे जगदंबा के आह्वान का मर्म

एकेडमी द्वारा शिविर लगाकर पूजन विधि का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जहां सनातन धर्म के मानस मर्मज्ञ के अद्भुत व्याख्याकार, पंडित उन्हें प्रशिक्षित करेंगे.

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सर्व भारतीय प्राच्य विद्या एकेडमी की पहल पर दुर्गापूजा विधि के प्रशिक्षण शिविर का आयोजन

श्रीकांत शर्मा, कोलकाता

दुर्गापूजा को अब कुछ दिन शेष रह गये हैं. ऐसे में महानगर के दुर्गापूजा मंडपों में प्रशिक्षित पुरोहितों को उपलब्ध कराने के लिए महानगर की सर्व भारतीय प्राच्य विद्या एकेडमी ने पहल की है. एकेडमी द्वारा शिविर लगाकर पूजन विधि का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जहां सनातन धर्म के मानस मर्मज्ञ के अद्भुत व्याख्याकार, पंडित उन्हें प्रशिक्षित करेंगे. इस प्रशिक्षण शिविर में जात-पात का बंधन नहीं है. पुरोहितों के साथ यजमान को भी पूजन विधि की बारिकियों को जानने-समझने का अवसर मिलेगा. उत्तर कोलकाता के शोभाबाजार राजबाड़ी में होने वाली पूजा राज्य की प्राचीनम दुर्गापूजा में से एक है. सर्व भारतीय प्राच्य विद्या एकेडमी के प्रिसिंपल डॉ जयंत कुशारी के नेतृत्व में यहीं प्रशिक्षण दिया जा रहा है. श्री कुशारी कहते हैं : हम पुरोहित के साथ-साथ यजमान (पूजन का संकल्प लेने वाले व्यक्ति) को भी प्रशिक्षित करना चाहते हैं. ऐसा इसलिए जरूरी है कि आम लोग भी मां जगदंबा की अराधना विधि के मर्म को समझ सकें. वह जाने कि सनातन धर्म में पूजन के दौरान, उसके पहले और बाद भी आदर्श पूजन विधि होती है. इसकी अनदेखी से पूजा खंडित हो सकती है. पुरोहित व यजमान, दोनों को आदर्श आचरण विधि का पालन करना चाहिए. पूजा के दौरान केवल पूजन पर ही मन केंद्रित होना चाहिए. इस दौरान मोबाइल फोन पर वार्तालाप, पान-मशाला या अन्य सामग्री मुंह में रखना निषेध है. मुंह को जूठा कर पूजा नहीं करनी चाहिए. प्रशिक्षण शिविर में फिलहाल 150 पुरोहित और यजमान प्रशिक्षण ले रहे हैं. प्रशिक्षकों को जहां शक्ति आराधना का मंत्र और थ्योरी पढ़ायी जा रही है, वहीं प्रैक्टिकल पर भी जोर दिया जा रहा है. श्री कुशारी बताते हैं कि तीन सितंबर से शुरू प्रशिक्षण शिविर 11 सितंबर तक चलेगा. इसमें महापूजा, स्नान, बलिदान और हवन की विधि बतायी जायेगी. नौ सितंबर को प्रैक्टिकल ट्रेनिंग होगी, जिसमें हवन, आचमन और पुष्पांजलि देने की विधि और मंत्र के बारे में बताया जायेगा.

विश्वविद्यालय के व्याख्याता के साथ प्रशासनिक अधिकारी भी ले रहे हैं प्रशिक्षण

एकेडमी के प्रिसिंपल डॉ जयंत कुशारी के अनुसार इस ट्रेनिंग शिविर में कई ऐसे लोग हैं, जिनके घरों में वर्षों से दुर्गापूजा होती आ रही है. वहीं, कुछ लोग सनातन धर्म में जिज्ञासा के लिए प्रशिक्षण ले रहे हैं. इसमें हेरिटेज इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की प्रो डॉ सुलगना चटोपाध्याय, रिटायर्ड प्रशासनिक अधिकारी श्रीनिवास चट्टोपाध्याय जैसे अन्य लोग भी हैं. शिविर का उद्घाटन तीन सितंबर को हुआ, जिसमें रामकृष्ण मिशन नरेंद्रपुर के सचिव शास्त्राजनानंदजी महाराज, ज्ञानलोका नंद महाराज उपस्थित थे. प्रशिक्षण समापन के बाद जिन प्रशिक्षकों की उपस्थिति 75 प्रतिशत होगी, उन्हें प्रमाण पत्र दिया जायेगा. उपाधि प्रमाण पत्र प्रदान कार्यक्रम में कलकत्ता संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ राजकुमार कोठारी के साथ अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहेंगे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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GANESH MAHTO

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By GANESH MAHTO

GANESH MAHTO is a contributor at Prabhat Khabar.

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