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सीयू से जुड़े कॉलेजों में बढ़ेंगे पढ़ाई के घंटे

परीक्षा प्रणाली में बदलाव को सिंडिकेट की मंजूरी

परीक्षा प्रणाली में बदलाव को सिंडिकेट की मंजूरी

कम से कम 90 दिन क्लास सुनिश्चित करने की तैयारी

कोलकाता. नये साल में कलकत्ता यूनिवर्सिटी (सीयू) से संबद्ध कॉलेजों में पढ़ाई के घंटे बढ़ाये जाने की संभावना है. इसके संकेत तब मिले, जब यूनिवर्सिटी की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था सिंडिकेट ने परीक्षा प्रणाली में बदलाव को मंजूरी दे दी. इस कदम का उद्देश्य कॉलेजों में शैक्षणिक स्तर को बेहतर बनाना और विद्यार्थियों के लिए अधिक कक्षा समय सुनिश्चित करना है. यूनिवर्सिटी इस मुद्दे पर चर्चा करने और तय शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार कम से कम 90 दिनों तक कक्षाएं संचालित करने को लेकर जल्द ही कॉलेज प्रिंसिपलों के साथ बैठक करेगी. यह प्रस्ताव पिछली सिंडिकेट बैठक में सीयू और उससे जुड़े संस्थानों के शैक्षणिक मानकों में सुधार के उद्देश्य से लाया गया था. इसके तहत विभिन्न फैकल्टी के बोर्ड ऑफ स्टडीज से सुझाव भी मांगे गये थे. सिंडिकेट ने सुझावों पर विचार के बाद एकमत से सेमेस्टर परीक्षा प्रणाली में सुधार का फैसला किया है, ताकि परीक्षा प्रक्रिया में लगने वाला समय घटे और कक्षाओं के लिए अधिक समय उपलब्ध हो सके. सिंडिकेट के एक सदस्य के अनुसार, प्रस्तावों में कॉलेजों में तय समय सीमा के भीतर छोटे और बड़े विषयों की परीक्षाएं कराने को व्यापक मंजूरी दी गयी है. इसकी शुरुआत छोटे विषयों की परीक्षाओं से होगी, जिन्हें होम सेंटर पर आयोजित किया जायेगा. यूनिवर्सिटी परीक्षा का शेड्यूल और प्रश्नपत्र तैयार करेगी, जबकि उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कॉलेज के शिक्षक करेंगे. इससे पूरी प्रक्रिया सरल और समयबद्ध होने की उम्मीद है. सिंडिकेट की सदस्य और लेडी ब्रेबोर्न कॉलेज की प्रिंसिपल सिउली सरकार ने कहा कि यह यूनिवर्सिटी का एक अत्यंत जरूरी कदम है, क्योंकि छात्र लंबे समय से परेशान हैं और उन्हें ट्यूशन लेने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है. सिंडिकेट के एक अन्य सदस्य ने कहा कि छुट्टियों में कक्षाएं लगाना समस्या का स्थायी समाधान नहीं है.

, क्योंकि अधिकांश कॉलेज पहले से ही लर्निंग गैप को पाटने के लिए ऐसा कर रहे हैं. उन्होंने जोर देते हुए कहा कि अधिक फिजिकल क्लास की जरूरत है, जो केवल परीक्षा प्रणाली में सुधार से ही संभव है.

सीयू के कुलपति (वाइस चांसलर) आशुतोष घोष ने कहा कि यूनिवर्सिटी अपने स्नातक (यूजी) पाठ्यक्रमों में अधिक छात्रों को आकर्षित करने के लिए कक्षा के घंटे बढ़ाने को लेकर गंभीर है. उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में व्यवस्थित सुधार जरूरी है, ताकि छात्र कम से कम 90 दिन तक नियमित रूप से कक्षाओं में उपस्थित हो सकें. कोई भी अंतिम फैसला लेने से पहले कॉलेज प्रिंसिपलों से विस्तृत चर्चा की जायेगी.

उन्होंने यह भी बताया कि कॉलेजों में सुबह, दिन और शाम की तीन शिफ्टों में कक्षाएं चलने से समस्याएं सामने आ रही हैं. परीक्षा के दौरान सुबह और शाम की शिफ्ट के छात्र अपनी परीक्षा देने के लिए दिन की शिफ्ट में आते हैं, जिससे अव्यवस्था होती है. यूनिवर्सिटी इस बात पर भी विचार कर रही है कि इन शिफ्टों के लिए एक समान और व्यावहारिक व्यवस्था कैसे लागू की जाये.

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