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उत्पीड़न के बाद दहशत में है छात्र, हॉस्टल नहीं लौटना चाहता

Updated at : 30 Sep 2024 1:11 AM (IST)
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उत्पीड़न के बाद दहशत में है छात्र, हॉस्टल नहीं लौटना चाहता

हमले के बाद घबराहट में दौरा पड़ने के कारण छात्र को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा.

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कोलकाता. जादवपुर विश्वविद्यालय (जेयू) के प्रथम वर्ष के स्नातकोत्तर छात्र को, कुछ दिनों पहले विश्वविद्यालय के मुख्य छात्रावास में ””””””””कंगारू कोर्ट”””””””” में कथित रूप से परेशान और अपमानित किया गया था. इस घटना से दहशत में आये इस छात्र को जुलाई के अंत में अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था, अब वह किराये के मकान में रह रहा है क्योंकि वह मेन हॉस्टल में वापस जाने से जाने से बहुत डरा हुआ है.

क्या है घटना : ध्यान रहे कि कंप्यूटर विज्ञान और प्रौद्योगिकी का छात्र मुख्य छात्रावास के सीडी ब्लॉक में रहता था, जब उसके साथ कथित तौर पर मारपीट की गयी थी. लगभग 50-60 छात्रों के एक समूह ने कथित तौर पर सीडी ब्लॉक में गिरोह बनाकर उसे घेरा था और उस पर लैपटॉप चोरी करने का आरोप लगाया था. हमले के बाद घबराहट में दौरा पड़ने के कारण छात्र को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. इस छात्र ने कहा कि घटना के बाद अधिकारियों ने उससे कहा कि वे उसे मुख्य छात्रावास के बी ब्लॉक में आवास आवंटित कर सकते हैं. जेयू मुख्य छात्रावास परिसर से लगभग 220 मीटर की दूरी पर स्थित है. किराया देकर रहने को मजबूर है छात्र : उक्त छात्र ने कहा : मैं परिसर में एक छात्रावास में आवास चाहता था, लेकिन अधिकारियों ने मुझे बताया कि पिछले साल मुख्य छात्रावास में वरिष्ठ छात्रों द्वारा रैगिंग के बाद एक नये छात्र की मौत के बाद ये स्नातक प्रथम वर्ष के छात्रों के लिए निर्धारित किया गया है. छात्र ने कहा : मैं मुख्य छात्रावास में नहीं रहना चाहता क्योंकि जुलाई के अंत में जो कुछ हुआ, उसके सदमे से मैं अभी तक उबर नहीं पाया हूं. मुझे नहीं लगता कि ब्लॉक बदलने से मेरी सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी. मेरे माता-पिता भी डरे हुए हैं और नहीं चाहते कि मैं मुख्य छात्रावास में रहूं. वह पिछले सप्ताह से किराये के मकान में रह रहा है. हालांकि किराया महंगा है, लेकिन और कोई उपाय नहीं है. मुख्य छात्रावास में उसे प्रति माह दो हजार रुपये का खर्च देना पड़ता था. किराये के आवास में उसे पांच हजार रुपये बतौर भाड़ा लगता है. आर्थिक तंगी है, फिर भी मुझे सुरक्षा के लिए हॉस्टल छोड़ना पड़ा.

हमलावरों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई: छात्र

बाद में चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया. कमेटी ने अंतरिम कुलपति भास्कर गुप्त को अपनी रिपोर्ट सौंपी. छात्र का कहना है कि गवाही के लिए समिति के समक्ष बुलाया गया था, लेकिन मुझ पर हमला करने वालों के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गयी है. इसका मतलब है कि जिन लोगों ने मेरे साथ मारपीट की, वे मुख्य छात्रावास के अंदर खुले घूम रहे हैं. मेरे माता-पिता चिंतित हैं कि अगर उन्होंने मुझ पर दोबारा हमला किया, तो क्या होगा. पिछले साल स्नातक छात्र की मौत ने उन्हें और अधिक चिंतित कर दिया है. अब वह हॉस्टल में नहीं रहेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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