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बंगाल में राष्ट्रीय बांस मिशन लागू करने को तत्पर नहीं राज्य सरकार

Updated at : 18 Dec 2024 1:44 AM (IST)
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बंगाल में राष्ट्रीय बांस मिशन लागू करने को तत्पर नहीं राज्य सरकार

केंद्र सरकार ने हाल ही में राष्ट्रीय बांस मिशन (एनबीएम) के तहत सात पूर्वोत्तर राज्यों के साथ-साथ पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा और झारखंड में बांस आधारित उत्पादों के उत्पादन और विकास को बढ़ावा देने के लिए काम शुरू किया है.

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संवाददाता, कोलकाता

केंद्र सरकार ने हाल ही में राष्ट्रीय बांस मिशन (एनबीएम) के तहत सात पूर्वोत्तर राज्यों के साथ-साथ पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा और झारखंड में बांस आधारित उत्पादों के उत्पादन और विकास को बढ़ावा देने के लिए काम शुरू किया है. हालांकि, पश्चिम बंगाल ने इस संबंध में अत्यधिक उदासीनता दिखायी है. ऐसा ही आरोप प्रदेश भाजपा अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने लगाया है. उन्होंने बताया कि केंद्र मंत्रालय द्वारा राज्य के मुख्य सचिव को पत्र भेजे जाने के बावजूद, पश्चिम बंगाल सरकार ने अभी तक परियोजना को लागू करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है. परियोजना के लिए कोई नोडल एजेंसी भी नियुक्त नहीं की गयी है और ना ही पश्चिम बंगाल सरकार से कोई जवाब मिला है. अंत में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उत्तर पूर्वी गन्ना और बांस विकास परिषद (एनइसीबीडीसी) को बंगाल के लिए नोडल एजेंसी नियुक्त किया है. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में इस परियोजना के कार्यान्वयन से बड़ी संख्या में लोगों को लाभ होगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे.

वन नेशन, वन इलेक्शन का बिल पास होने से देश में बड़ा परिवर्तन देखने को मिलेगा

श्री मजूमदार ने कहा कि वन नेशन, वन इलेक्शन का बिल पास होने से देश में बड़ा परिवर्तन देखने को मिलेगा. यह परिवर्तन देश के विकास की गति को तेज करेगा. लेकिन हमारे विरोधी इस बात को समझने का बिल्कुल भी प्रयास नहीं कर रहे हैं. वो ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ की राह में रोड़ा अटकाने का प्रयास कर रहे हैं. वे इस बिल से होने वाले फायदों को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं. उन्होंने कहा कि वन नेशन, वन इलेक्शन के कई फायदे हैं. एक बार में चुनाव होने से एक बार ही बार में सभी सुरक्षाकर्मी लगा दिये जायेंगे. बार-बार जिस तरह से सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया जाता है, उसमें खर्च होता है. लेकिन, जब एक साथ चुनाव होंगे, तो ऐसा नहीं होगा. इससे समय और धन दोनों की बचत होगी. उन्होंने कहा कि बार-बार चुनाव होने से आचार संहिता लागू की जाती है. इससे विकास से जुड़े कार्य ठप हो जाते हैं. लेकिन जब एक साथ चुनाव होंगे, तो ऐसा नहीं होगा. इससे देश की प्रगति होगी, जो समय चुनाव संपन्न कराने में लगता है, उस समय को अब देश के विकास में लगाया जा सकेगा. भाजपा नेता ने ””वन नेशन, वन इलेक्शन”” का विरोध करने वाले लोगों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि अगर इस बिल से चीन का फायदा होता, तो ये लोग बिल्कुल भी विरोध नहीं करते, बल्कि खुलकर बिल का समर्थन करते.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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