तीन दिनों के प्रदर्शन के बाद मकाउट में स्थिति सामान्य

Updated at : 13 Feb 2025 1:33 AM (IST)
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तीन दिनों के प्रदर्शन के बाद मकाउट में स्थिति सामान्य

इस मौके पर वेबकूपा, सारा बांग्ला तृणमूल शिक्षा बंधु समिति और छात्रों ने रजिस्ट्रार की उपस्थिति में मृत छात्रा को श्रद्धांजलि दी.

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छात्रा की मौत के बाद शुरू हुआ था आंदोलन कोलकाता. लगातार तीन दिनों के विरोध प्रदर्शन के बाद मकाउट (मौलाना अबुल कलाम आजाद यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, वेस्ट बंगाल) में स्थिति सुलझ गयी है. बुधवार को छात्रों ने अपना विरोध प्रदर्शन वापस ले लिया. बुधवार दोपहर को विश्वविद्यालय के द्वार खुलने के बाद मृत छात्रा को श्रद्धांजलि अर्पित की गयी. इस मौके पर वेबकूपा, सारा बांग्ला तृणमूल शिक्षा बंधु समिति और छात्रों ने रजिस्ट्रार की उपस्थिति में मृत छात्रा को श्रद्धांजलि दी. इसके लिए उन्होंने परिसर में शोक जुलूस निकाला. गौरतलब है कि यह आंदोलन मौलाना अबुल कलाम आजाद प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएयूटी) में एमटेक, प्रथम वर्ष की 23 वर्षीय छात्रा सायनी दास की मौत के विरोध में शुरू हुआ था. इस घटना के विरोध में छात्रों ने कैंपस में विरोध प्रदर्शन किया. अंततः तीन दिनों के विरोध प्रदर्शन के बाद छात्रों ने अपना आंदोलन वापस ले लिया. बुधवार दोपहर को प्रदर्शनकारी छात्रों ने पुलिस और कार्यवाहक कुलपति की मौजूदगी में विश्वविद्यालय का मुख्य द्वार खोल दिया. बताया जा रहा है कि दोपहर को विश्वविद्यालय के गेट खुलने के बाद मृत छात्रा को श्रद्धांजलि देने के बाद स्थिति कुछ सामान्य हुई. कैंपस में प्रदर्शन के कारण रजिस्ट्रार तीन दिनों से विश्वविद्यालय में ही रुके हुए हैं. प्रदर्शनकारियों ने मुख्य द्वार को अवरुद्ध कर दिया था और ‘रजिस्ट्रार हटाओ और विश्वविद्यालय बचाओ’ जैसे नारे लगाकर अपना विरोध दिखाते रहे. घटना वाले दिन गेट खुलने से पहले ही विश्वविद्यालय परिसर में तनाव फैल गया. प्रदर्शन कर रहे छात्रों व कर्मचारियों की झड़प में मकाउट के तीन कर्मचारी घायल हो गये. उन्हें अस्पताल में ले जाया गया. दूसरी ओर, विश्वविद्यालय के बाहर छात्र ‘कुलपति को रिहा करो और विश्वविद्यालय बचाओ’ जैसे नारे लगा रहे थे. कुलपति तापस चक्रवर्ती को मंगलवार को विरोध प्रदर्शन के दौरान रिहा कर दिया गया था. हालांकि, बुधवार को विश्वविद्यालय में प्रवेश करते ही फिर से विरोध प्रदर्शन व नारेबाजी शुरू हो गयी. मकाउट के ‘सारा बांग्ला शिक्षाबंधु संगठन’ के सदस्यों ने राज्यपाल द्वारा नियुक्त कार्यवाहक कुलपति तापस चक्रवर्ती के इस्तीफे की मांग की. सोमवार रात को मकाउट के नदिया के हरिणघाटा परिसर में छात्रा की मौत के बाद से हंगामा शुरु हो गया था. प्रदर्शनकारियों ने परिसर में 24 घंटे एंबुलेंस उपलब्ध रखने सहित अन्य मांगें रखीं. उन्होंने रजिस्ट्रार को भी घेरा और उनके इस्तीफे की मांग की. मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया था. बुधवार को स्थिति सामान्य हुई.

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