बंगाल चुनाव से पहले ममता बनर्जी का बड़ा बयान- भाजपा को खत्म करके ही दम लूंगी

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तृणमूल कांग्रेस के कार्यक्रम में भाजपा पर जमकर बरसीं ममता बनर्जी. फोटो : पीटीआई

SIR West Bengal: ममता बनर्जी ने कहा कि असली वोटर्स की मैपिंग अभी भी पूरी नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि अब माकपा को समझ आयेगा कि उन्होंने वर्ष 2002 में क्या गलतियां की थीं. ममता बनर्जी ने बीएलए-2 को हर ब्लॉक और दूसरे इलाकों के अंदरूनी हिस्सों में जाकर यह देखने का आदेश दिया कि किसका नाम हटाया गया है.

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SIR West Bengal: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने पार्टी के बूथस्तरीय कार्यकर्ताओं (बीएलए) के साथ बैठक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर जमकर निशाना साधा. ममता बनर्जी ने कहा कि बीजेपी पैसों के दम पर बंगाल में मुस्लिम समुदाय को बांटने की कोशिश कर रही है. राजनीतिक लाभ उठाना चाहती है. ममता बनर्जी ने कहा- जिस दिन भाजपा खत्म हो जायेगी, उस दिन ये सब चीजें रुक जायेंगी. उन्होंने आगे कहा- मैं भाजपा को देश से खत्म करके ही दम लूंगी. अगर मैं बंगाल जीतती हूं, तो उनसे दिल्ली भी छीन लूंगी.

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एसआईआर पर चल रहा है बड़ा विवाद

बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि बंगाल में अगले साल विधानसभा चुनाव हैं. उससे पहले एसआईआर पर बड़ा विवाद चल रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा लोगों के वोट देने के अधिकार को छीनने की कोशिश कर रही है. तानाशाही पर उतर आयी है. ममता बनर्जी ने कहा कि मतदाता सूची से 58 लाख नाम हटाने के बाद भी भाजपा 1.5 करोड़ और नाम डिलीट करवाना चाहती है. ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग हर 2 दिन में निर्देश बदल रहा है. यह सब 2026 में भाजपा को बंगाल चुनाव में जीत दिलाने के लिए किया जा रहा है.

एसआईआर की वजह से परेशान हैं वोटर – तृणमूल सुप्रीमो

ममता बनर्जी ने कहा कि कई वोटर रोज परेशान हो रहे हैं. ऐप में गड़बड़ी है और एसआईआर एवं ऐप के लिए कोई एसओपी नहीं है. यह असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक है. बंगाल की सीएम ने सवाल उठाया कि वर्ष 2002 में बंगाल में कितने डिलीवरी इंस्टीट्यूशंस थे और उस समय बर्थ सर्टिफिकेट कहां थे. ममता बनर्जी ने कहा कि चुनाव आयोग का जमीन पर कोई नियंत्रण नहीं है. गुजरात से केंद्र सरकार के कर्मचारी बंगाल में वोट करवाने क्यों आयेंगे? कहा- जो लोग महात्मा का नाम हटाते हैं, वे देश से कितना प्यार करते हैं, यह एक बड़ा सवाल है.

कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम में तृणमूल कार्यकर्ताओं का अभिवादन स्वीकार करती ममता बनर्जी. फोटो : पीटीआई

बंगाल की मुख्यमंत्री ने बीएलए को दिये आदेश

ममता बनर्जी ने कहा कि असली वोटर्स की मैपिंग अभी भी पूरी नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि अब माकपा को समझ आयेगा कि उन्होंने वर्ष 2002 में क्या गलतियां की थीं. ममता बनर्जी ने बीएलए-2 को हर ब्लॉक और दूसरे इलाकों के अंदरूनी हिस्सों में जाकर यह देखने का आदेश दिया कि किसका नाम हटाया गया है. उन्होंने कहा कि 6 लोगों की टीम बनायी जायेगी और इआरओ को रिपोर्ट सौंपनी होगी.

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जिनके पास कोई दस्तावेज नहीं, उनको जारी होगा स्थायी आवासीय प्रमाण पत्र- सीएम

ममता बनर्जी ने कहा कि जिन लोगों के पास मांगे गये 11 दस्तावेजों में से कोई दस्तावेज नहीं होगा, उन्हें परमानेंट आवासीय प्रमाण पत्र (रेजिडेंशियल सर्टिफिकेट) दिया जायेगा. इसके लिए आवेदन करने का निर्देश दिया. ममता बनर्जी ने कहा कि बीएलए-1 और बीएलए-2 उनसे संपर्क करें और सुनिश्चित करें कि सुनवाई के दौरान मतदाता परेशान न हों. उन्होंने कहा कि कई पार्षद काम नहीं करते और पार्टी को परेशान करते हैं. मुख्यमंत्री ने नये ब्लॉक अध्यक्ष नियुक्त करने की भी घोषणा की.

SIR West Bengal: भाजपा पर आरोप और बाहरी वोटरों का मुद्दा

ममता बनर्जी ने कहा कि भाजपा ने पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट में 1:10 के अनुपात में गैर-बंगाली लोगों को शामिल किया है. एक बंगाली के मुकाबले 10 गैर-बंगाली हैं. उन्होंने बीएलए को निर्देश दिया कि वे अपने वोटर्स की पहचान सुनिश्चित करें. तृणमूल सुप्रीमो ने कहा कि नेता नहीं, बल्कि केवल जमीनी स्तर के तृणमूल कार्यकर्ता ही भाजपा को बंगाल में पैर जमाने से रोक सकते हैं. उन्होंने पार्टी समर्थकों से राज्य में सत्ता पर कब्जा करने के लिए भाजपा की ‘कुटिल चालों’ का विरोध करने को कहा. ममता ने कहा कि बंगाल को भाजपा के चंगुल से बचाने के बाद दिल्ली पर कब्जा किया जायेगा.

एसआईआर और चुनाव आयोग पर निशाना

ममता बनर्जी ने एसआईआर प्रक्रिया को शुरू से आखिर तक त्रुटियों वाली करार दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग राज्य सरकार को सूचित किये बिना पर्यवेक्षक नियुक्त कर रहा है और केवल भाजपा के हितों में काम कर रहा है. ममता बनर्जी ने कहा कि हजारों सही मतदाताओं के नाम मसौदा सूची से हटा दिये गये हैं और इतनी बड़ी संख्या में असली मतदाताओं की समस्याओं को इतने कम समय में हल करना मुश्किल है.

बीएलओ की नियुक्ति में केंद्रीय एजेंसियों की भूमिका – ममता

बंगाल की सीएम ने कहा कि कई केंद्रीय एजेंसियों ने बीएलओ नियुक्त करने में भूमिका निभायी है और कई पर्यवेक्षक उनकी जानकारी के बिना नियुक्त किये गये हैं. राज्य सरकार उन्हें सहयोग देगी, लेकिन ममता ने स्पष्ट किया कि उन्हें इन सभी पर्यवेक्षकों का पूरा विवरण चाहिए, जिसमें उनके निवास और विभाग शामिल हैं. उन्होंने कहा- मैंने ऐसा बेशर्म आयोग पहले कभी नहीं देखा और भविष्य में भी इसे देखना नहीं चाहती.

मतुआ समुदाय को दिया भरोसा, नहीं छिनेगा मताधिकार

उन्होंने दक्षिण कोलकाता के भवानीपुर क्षेत्र का जिक्र किये बिना कहा कि हाल के परिसीमन में कई पते बदल दिये गये, जिससे एसआईआर सूचियों में गलत मैपिंग हुई. ममता बनर्जी ने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने और मतदाता सूची में बाहरी लोगों के नाम शामिल करने की कोशिश का विरोध करने का निर्देश दिया. मुख्यमंत्री ने मतुआ और अन्य अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को भरोसा दिलाया कि उनका मताधिकार सुरक्षित रहेगा और उन्हें मताधिकार से वंचित नहीं किया जायेगा.

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