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युवाओं से धोखा व लाइन में खड़ा करने की राजनीति कर रही ममता सरकार : शुभेंदु

Updated at : 16 Feb 2026 11:04 PM (IST)
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युवाओं से धोखा व लाइन में खड़ा करने की राजनीति कर रही ममता सरकार : शुभेंदु

राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वायरल पोस्ट साझा करते हुए राज्य सरकार और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तीखी आलोचना की है. शुभेंदु अधिकारी ने लिखा कि वायरल पोस्ट में युवक द्वारा व्यक्त की गयी बात पूरी तरह सही है.

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कोलकाता.

राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वायरल पोस्ट साझा करते हुए राज्य सरकार और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तीखी आलोचना की है. शुभेंदु अधिकारी ने लिखा कि वायरल पोस्ट में युवक द्वारा व्यक्त की गयी बात पूरी तरह सही है. उन्होंने दावा किया कि अकेले यह व्यक्ति नहीं, बल्कि लगभग 17 लाख युवक-युवतियां पहले भी इसी तरह फॉर्म भरकर ठगे गये थे. उनका आरोप है कि राज्य सरकार बार-बार युवाओं को सरकारी योजनाओं के नाम पर लाइन में खड़ा कर परेशान कर रही है, जबकि आज के समय में ऐसे काम घर बैठे ऑनलाइन आसानी से किये जा सकते हैं.

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि लोगों को कैंपों में बुलाकर समय और पैसे की बर्बादी कराना ममता सरकार की आदत बन चुकी है. उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक स्वार्थ के तहत लोगों को जानबूझकर परेशान करना अब सरकार की कार्यप्रणाली बन गयी है. बीते दो महीनों में बीएलओ के माध्यम से जानबूझकर त्रुटियां कराकर लोगों को एसआइआर की सुनवाई में खड़ा किया गया और अब बेरोजगार युवाओं की बारी है.

शुभेंदु अधिकारी ने यह भी आरोप लगाया कि बेरोजगारी भत्ते के लिए आवेदन करने गए युवाओं को पुलिस की लाठियां झेलनी पड़ रही हैं. उन्होंने उत्तर दिनाजपुर के चोपड़ा और मालदा के चांचल का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां बेरोजगार भत्ते के लिए आवेदन करने पर पुलिस बल प्रयोग किया गया.

उन्होंने कहा कि सरकार कभी युवाश्री तो कभी युवा साथी जैसे नाम बदलकर योजनाएं पेश करती है, लेकिन राज्य में उद्योग-धंधों और रोजगार के अवसरों के अभाव में युवाओं का भविष्य अंधकारमय बना हुआ है. उनका आरोप है कि प्रतिभा का कोई मूल्य नहीं रह गया है.

अंत में शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में युवाओं का सम्मान करती, तो उन्हें जबरन लाइन में खड़ा कर बेरोजगार का ठप्पा लगाने के बजाय घर बैठे सम्मानपूर्वक फॉर्म भरने की सुविधा देती. ऐसा करने पर न तो पुलिस तैनात करनी पड़ती और न ही युवाओं पर लाठीचार्ज जैसी घटनाएं सामने आतीं.

निलंबित एइआरओ ने आयोग के निर्देशों का किया उल्लंघन : शुभेंदु

शुभेंदु अधिकारी ने सात सहायक मतदाता पंजीकरण अधिकारियों (एइआरओ) को निलंबित किये जाने के मामले में सोमवार को कहा कि यह पहली बार है, जब निर्वाचन आयोग ने अपनी वैधानिक शक्तियों का उपयोग करते हुए एसआइआर से जुड़े भ्रष्टाचार में दोषी पाये गये अधिकारियों पर सीधे कार्रवाई की है. उन्होंने दावा किया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने इन अधिकारियों को इस तरह के कृत्य करने के लिए उकसाया, जिससे चुनाव प्रक्रिया में अनियमितताएं उत्पन्न हुईं. उनके अनुसार, आयोग का यह कदम स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण और अभूतपूर्व है. अधिकारी ने कहा कि जिन राज्यों में एसआइआर प्रक्रिया चल रही है, वहां इस प्रकार की कार्रवाई नहीं की गयी. उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारियों ने आयोग के निर्देशों का गंभीर उल्लंघन किया. सत्यापन के दौरान फर्जी विद्यालय परित्याग प्रमाण-पत्र, पैन कार्ड और नोटरीकृत हलफनामों को वैध दस्तावेज के रूप में स्वीकार किया गया. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस और जिला प्रशासन के दबाव में फर्जी मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जोड़े गये. साथ ही दावा किया कि मुख्य सचिव के इशारों पर भी कार्य किया गया. अधिकारी ने कहा कि निर्वाचन आयोग से संबंधित सभी फाइलें मुख्य सचिव के कार्यालय द्वारा संभाली जानी चाहिए, लेकिन बंगाल में ये फाइलें मुख्यमंत्री को भेजी जाती हैं, जो आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेती हैं. उन्होंने कहा कि अन्य किसी राज्य में ऐसा नहीं होता, यहां तक कि आम चुनावों के दौरान प्रधानमंत्री भी इस प्रकार हस्तक्षेप नहीं करते.

‘धड़ल्ले से जारी हो रहे फर्जी जन्म प्रमाण-पत्र’

शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि मालदा जिला के गाजोल ब्लॉक से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जो तृणमूल के नेतृत्व वाले प्रशासन में भ्रष्टाचार की गहराई को दर्शाता है. उन्होंने दावा किया कि जिलों में पुराने तिथि के आधार पर फर्जी जन्म प्रमाण-पत्र जारी किये जा रहे हैं. एक प्रमाण-पत्र में पंजीकरण तिथि वर्ष 1996 दर्शायी गयी है, जबकि उसमें स्पष्ट रूप से “वेस्ट बंगाल रजिस्ट्रेशन ऑफ बर्थ्स एंड डेथ्स रूल्स, 2000” के नियम 9 का उल्लेख है, जो वर्ष 2000 से पहले अस्तित्व में नहीं था. अधिकारी ने इसे जानबूझकर किया गया फर्जीवाड़ा करार देते हुए कहा कि इसका उद्देश्य फर्जी पहचान बनाना और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करना है. उन्होंने दावा किया कि इस प्रकार की घटनाएं पूरे राज्य में हो रही हैं. उन्होंने राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी और निर्वाचन आयोग का ध्यान इस ओर आकर्षित करते हुए तत्काल जांच शुरू करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की.

नयी दिल्ली में अमित शाह से मिले शुभेंदु

विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को नयी दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की. इस बैठक में शुभेंदु अधिकारी ने शाह को बंगाल में चल रहे एसआइआर प्रक्रिया व राज्य में विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी की तैयारियों पर चर्चा की. उल्लेखनीय है कि बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राज्य के दौरे पर आने वाले हैं, उससे पहले शुभेंदु अधिकारी की शाह के साथ बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

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BIJAY KUMAR

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By BIJAY KUMAR

BIJAY KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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