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राजवंशी समाज की भाषा-संस्कृति को मिलेगा सम्मान

Updated at : 10 Sep 2025 12:53 AM (IST)
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राजवंशी समाज की भाषा-संस्कृति को मिलेगा सम्मान

ममता बनर्जी ने ‘एक्स’ पर लिखा : मैं इस महान विभूति को हार्दिक श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं.

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कोलकाता. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को समाज सुधारक और विचारक ठाकुर पंचानन बर्मन की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें ‘राजवंशी समाज की आत्मा’ और ‘प्रेरणा का स्रोत’ बताया. मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने पंचानन बर्मन की स्मृति को सम्मान देने के लिए कई पहल की है, जिनमें कूचबिहार में उनके नाम पर विश्वविद्यालय की स्थापना, खालिसामारी स्थित उनके जन्मस्थान पर विश्वविद्यालय के दूसरे परिसर का उद्घाटन और उनके पैतृक घर का जीर्णोद्धार कर उसे संग्रहालय और शोध केंद्र में तब्दील करना शामिल है. ममता बनर्जी ने ‘एक्स’ पर लिखा : मैं इस महान विभूति को हार्दिक श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं. लेकिन मैं मानती हूं कि ऐसे महापुरुषों की कभी मृत्यु नहीं होती. उनके विचार और आदर्श अतीत में भी लोगों को प्रेरित करते रहे हैं, आज भी कर रहे हैं और भविष्य में भी करते रहेंगे. उन्होंने यह भी बताया कि समाज सुधारक की स्मृति में उनकी एक प्रतिमा भी स्थापित की गयी है. मुख्यमंत्री ने राजवंशी समुदाय के प्रति अपनी सरकार की व्यापक प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए कहा : हमने राजवंशी को एक आधिकारिक भाषा के रूप में मान्यता दी है. उन्होंने बताया कि कामतापुरी, संथाली, कुड़ुख, कुर्माली, नेपाली, हिंदी, उर्दू, ओडिया, पंजाबी और तेलुगु भाषाओं को भी आधिकारिक दर्जा दिया गया है. उन्होंने कहा : सदरी भाषा को बढ़ावा देने के लिए भी प्रयास किये जा रहे हैं. ममता ने सोशल मीडिया पर कहा : राजवंशी संस्कृति और भाषा को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने राजवंशी विकास बोर्ड, राजवंशी सांस्कृतिक अकादमी, राजवंशी भाषा अकादमी और कामतापुरी भाषा अकादमी की स्थापना की है. लगभग 200 राजवंशी स्कूलों को भी सरकारी मान्यता दी गयी है. मुख्यमंत्री ने बताया कि नारायणी बटालियन का गठन राज्य पुलिस बल के तहत किया गया है, जिसका मुख्यालय मेखलीगंज में है. इसके अलावा बाबुरहाट में लोकनायक महाबीर चिला राय की 15 फुट ऊंची कांस्य प्रतिमा भी स्थापित की गयी है. ठाकुर पंचानन बर्मन (1866–1935) उत्तर बंगाल में राजवंशी समुदाय के प्रमुख नेता और समाज सुधारक थे. वह पेशे से वकील थे और शिक्षा, सामाजिक न्याय और हाशिये पर पड़े समुदायों के उत्थान के लिए उन्होंने उल्लेखनीय प्रयास किये.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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GANESH MAHTO

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By GANESH MAHTO

GANESH MAHTO is a contributor at Prabhat Khabar.

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