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दिल्ली में बंगाल के रहने वालों को किया जा रहा परेशान

Updated at : 24 Dec 2024 11:19 PM (IST)
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दिल्ली में बंगाल के रहने वालों को किया जा रहा परेशान

अधीर ने पीएम मोदी को लिखा पत्र

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अधीर ने पीएम मोदी को लिखा पत्र कोलकाता. कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिख कर कहा है कि दिल्ली में बंगाल के रहने वाले लोगों को बेवजह परेशान किया जा रहा है. इसमें वहां रहने वाले बंगाल के निवासियों के साथ-साथ छात्र भी शामिल हैं. उन्होंने पीएम मोदी को इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर दिल्ली में हो रही कार्रवाई पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है. अधीर चौधरी ने अवैध प्रवासियों को लक्षित करने वाले चल रहे अभियानों की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि ये पहल वैध बांग्ला भाषी निवासियों को अनुचित रूप से प्रभावित कर रही है. अपने पत्र में, अधीर रंजन चौधरी ने बंगाली भाषी लोगों के ऐतिहासिक प्रवास पर प्रकाश डाला, विशेष रूप से ब्रिटिश काल के दौरान जब बंगाल प्रेसिडेंसी सबसे बड़ा प्रशासनिक प्रभाग था. उन्होंने कहा है कि 1911 में राजधानी कलकत्ता से दिल्ली स्थानांतरित होने के बाद कई बंगाली परिवार स्थायी रूप से दिल्ली में बस गये थे. हाल की घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा : बांग्लादेश में उथल-पुथल और सरकार बदलने के बाद, ऐसे मामले सामने आये हैं, जहां अधिकारी स्कूलों में बंगाली भाषी छात्रों को अलग-थलग कर रहे हैं. उनसे उनके माता-पिता और मूल के बारे में पूछताछ कर रहे हैं. कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार के निर्देशों के तहत दिल्ली नगर निगम द्वारा ””””बांग्लादेश से अवैध प्रवासियों”””” की पहचान करने के लिए एक विशेष पहल के कारण गरीब बंगाली भाषी परिवारों को अनुचित रूप से परेशान किया जा रहा है. उन्होंने प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप करने और यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया कि बंगाली भाषी छात्रों और उनके परिवारों को ऐसे अभियानों में गलत तरीके से निशाना न बनाया जाये. हाल ही में, बांग्लादेश में उथल-पुथल और सरकार बदलने के बाद, ऐसे मामले सामने आये हैं, जहां अधिकारी दिल्ली और अन्य स्थानों के विभिन्न स्कूलों में बंगाली भाषी छात्रों को चिह्नित कर रहे हैं. उन्हें परेशान कर रहे हैं और उनके माता-पिता और मूल के बारे में पूछ रहे हैं. हाल ही में, राज्य सरकार के निर्देशों के तहत दिल्ली नगर निगम ने ”बांग्लादेश से अवैध प्रवासियों” की पहचान करने के लिए एक विशेष पहल की है.

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