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फोर्टिस अस्पताल में 10 घंटे की महाधमनी सर्जरी के बाद बची मरीज की जान

Updated at : 14 Jul 2025 1:17 AM (IST)
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फोर्टिस अस्पताल में 10 घंटे की महाधमनी सर्जरी के बाद बची मरीज की जान

एक गंभीर सड़क दुर्घटना में जानलेवा चोटें लगने के बाद 56 वर्षीय व्यक्ति को आनंदपुर के फोर्टिस अस्पताल में आपातकालीन महाधमनी सर्जरी से नया जीवन मिला है.

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कोलकाता. एक गंभीर सड़क दुर्घटना में जानलेवा चोटें लगने के बाद 56 वर्षीय व्यक्ति को आनंदपुर के फोर्टिस अस्पताल में आपातकालीन महाधमनी सर्जरी से नया जीवन मिला है. इस सर्जरी के बाद उन्हें आर्थोपेडिक, न्यूरोलॉजिकल और गहन देखभाल प्रबंधन भी दिया गया. यह मरीज अपनी साइकिल पर दो अन्य लोगों को बैठाकर जा रहा था, तभी एक चार पहिया वाहन ने उसे टक्कर मार दी. इस दुर्घटना में उन्हें गंभीर चोटें आयीं, जिसके कारण वे बेहोश हो गये और उनका काफी खून बह गया. इसी हालत में उन्हें आनंदपुर स्थित फोर्टिस अस्पताल लाया गया. फोर्टिस आनंदपुर की आपातकालीन टीम ने तुरंत मरीज का इलाज शुरू किया और ट्रॉमा प्रोटोकॉल के तहत आंतरिक चोटों का आकलन करने के लिए त्वरित स्कैन किये. स्कैन से कई जानलेवा चोटें सामने आयीं, जिनमें फेफड़ों में चोट और पसलियों के फ्रैक्चर के लक्षण शामिल थे.

हालांकि, पेट के किसी अंग को नुकसान नहीं पहुंचा था. अस्पताल के कार्डियक सर्जन डॉ संजय सेन गुप्ता के नेतृत्व में कार्डियक सर्जरी टीम ने आपातकालीन सर्जरी करने का फैसला किया. डॉ संजय सेन गुप्ता ने बताया कि यह एक अत्यंत दुर्लभ और चुनौतीपूर्ण मामला था. मरीज का रक्त संचार तंत्र (हीमोडायनामिक्स) बिगड़ रहा था, फिर भी उसे बचाने का एकमात्र तरीका हृदय चिकित्सा की सबसे जटिल सर्जरी में से एक थी. हमने हाइपोथर्मिया और निचले शरीर में रक्त संचार रुकने की स्थिति में एंटीग्रेड सेलेक्टिव सेरेब्रल परफ्यूज़न के साथ व्हीट प्रक्रिया का उपयोग करके संपूर्ण महाधमनी और संबंधित ब्रैकियोसेफेलिक आर्च वाहिका का आपातकालीन प्रतिस्थापन किया. यह सर्जरी आधी रात को शुरू हुई और लगभग 10 घंटे तक चली. महाधमनी की मरम्मत पूरी होने के बाद चिकित्सा दल ने पाया कि मरीज के पैर में फ्रैक्चर के कारण रक्त की कमी थी. इसके तुरंत बाद हड्डी रोग विशेषज्ञों की टीम को बुलाया गया और फ्रैक्चर को ठीक किया गया. अगले दिन दोपहर तक मरीज को आइसीयू में स्थानांतरित कर दिया गया, जहां उसे आठ यूनिट रक्त चढ़ाया गया. आइसीयू में 20 दिनों तक भर्ती रहने के बाद मरीज को स्थिर हालत में छुट्टी दे दी गयी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SUBODH KUMAR SINGH

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