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अस्पतालों में सीसीटीवी के लिए मात्र एक रुपया आवंटित

Updated at : 16 Oct 2024 2:34 AM (IST)
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अस्पतालों में सीसीटीवी के लिए मात्र एक रुपया आवंटित

चालू वित्तीय वर्ष में अस्पतालों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी और सॉफ्टवेयर के लिए मात्र एक रुपया आवंटित किया गया है. इसे लेकर राज्य को सुप्रीम कोर्ट में सवालों का सामना करना पड़ा.

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कोलकाता. चालू वित्तीय वर्ष में अस्पतालों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी और सॉफ्टवेयर के लिए मात्र एक रुपया आवंटित किया गया है. इसे लेकर राज्य को सुप्रीम कोर्ट में सवालों का सामना करना पड़ा. राज्य सरकार की वकील ने साफ करते हुए कहा कि आवश्यकतानुसार आवंटन राशि को बढ़ाया जाता है. जूनियर डॉक्टरों की मांग के अनुरूप सुरक्षा का काम कितना आगे बढ़ा, इस पर भी सवाल किया गया. जवाब में राज्य के वरिष्ठ वकील राकेश द्विवेदी ने कहा कि सभी अस्पतालों में सुरक्षा का काम काफी आगे बढ़ चुका है. आरजी कर में परमिट से संबंधित कुछ मुद्दों के कारण काम रुका हुआ था.

राज्य ने अदालत को यह भी बताया कि 31 अक्तूबर तक इस कार्य को पूरा कर लिया जायेगा. हालांकि, सीनियर और जूनियर डॉक्टरों की वकील करुणा नंदी ने इसे मानने से इनकार कर दिया. उन्होंने दावा किया कि राज्य की ओर से किये जा रहे सुरक्षा के दावे सही नहीं हैं. उन्होंने दावा किया कि अभी कहीं काम शुरू नहीं हुआ है. जूनियर डॉक्टर न्याय के साथ-साथ अपनी सुरक्षा की भी मांग कर रहे हैं. जब तक सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो जाती, वे पूरी तरह से काम पर लौटने को तैयार नहीं हैं. जूनियर डॉक्टर यह भी दावा कर रहे हैं कि राज्य इस मामले को खास महत्व नहीं दे रहा है. दावा है कि कई बैठकों के बावजूद राज्य की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला है.

इस बीच, जूनियर डॉक्टरों की ओर से वकील इंदिरा जयसिंह ने अदालत को बताया कि सुरक्षा की गारंटी नहीं है, लेकिन डॉक्टर आंशिक रूप से काम पर लौट आये हैं. कुछ भूख हड़ताल पर हैं. वहीं अन्य जूनियर डॉक्टर अस्पतालों में ड्यूटी कर रहे हैं. इसके बाद बजट में अस्पताल सुरक्षा के लिए राज्य आवंटन का मुद्दा उठा. जानकारी में कहा गया है कि वित्तीय वर्ष 2024-2025 में अस्पतालों में सीसीटीवी सुरक्षा के लिए केवल एक रुपये का आवंटन किया गया था. क्यों? ऐसे में अस्पतालों की सुरक्षा कैसे काम करती? कोर्ट ने ये सवाल पूछा. ऐसे में राज्य सरकार के वकील ने बताया कि आवश्यकतानुसार आवंटन बढ़ाया जाता है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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