बंगाल: दीघा घूमने के लिए अब नहीं देने होंगे अतिरिक्त पैसे, शुभेंदु अधिकारी ने कर दिया क्लियर
Published by : Ashish Jha Updated At : 15 Jun 2026 10:41 AM
शुभेंदु अधिकारी
Suvendu Adhikari: शुभेंदु अधिकारी ने आगे कहा कि ऐसा नहीं है कि अमीर लोग यहां नहीं आते. वे भी आते हैं. दीघा बेहद खूबसूरत है. मंदारमनी बीच तो और भी सुंदर है. शंकरपुर और ताजपुर को भी सजाया जा सकता है, लेकिन मुझे लगता है कि आयकर और जीएसटी का भुगतान करने वालों से पैसा लेना सरकार के हित के विरुद्ध है.
मुख्य बातें
Suvendu Adhikari: कोलकाता/दीघा. दीघा घूमने आने पर अब आपको अतिरिक्त शुल्क नहीं देना पड़ेगा. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने यह घोषणा की है. अब तक पर्यटकों से शुल्क लिया जाता था, लेकिन अब यह शुल्क नहीं लिया जाएगा. यह शुल्क 1 जुलाई से समाप्त हो रहा है. शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को दीघा-शंकरपुर विकास बोर्ड की बैठक के बाद यह घोषणा की. मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकार द्वारा सीधे तौर पर पैसा लेना बेहद आपत्तिजनक है. इसलिए, अतिरिक्त शुल्क (दीघा पर्यटन कर) को समाप्त करने का निर्णय लिया गया है. साथ ही, उन्होंने दीघा के जीर्णोद्धार की योजना के बारे में भी जानकारी दी.
शुभेंदु ने दीघा में अतिरिक्त संग्रह को किया रद्द
दीघा में पर्यटकों से होटल बिल के साथ 10 टका अतिरिक्त शुल्क लिया जाता है. इस संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा-मैंने पिछली सरकार द्वारा होटल बिल के साथ लिए जाने वाले 10 टका के शुल्क को 1 जुलाई से वापस ले लिया है. यह शुल्क होटल बिल के साथ लिया जाता था, जिससे सालाना 30 लाख टका की आय होती थी. यहां 30 लाख से अधिक पर्यटक आते हैं. अगर हिसाब लगाया जाए तो दीघा में 60-70 लाख पर्यटक आते हैं. इसका मतलब है कि वहां भी कर चोरी हो रही थी. दूसरे शब्दों में, क्या उन्होंने यहां भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए. शुभेंदु अधिकारी ने आगे कहा- मुझे लगता है कि आयकर और जीएसटी देने वालों से 10 टका वसूलना सरकार की कतई उचित नहीं है. इसलिए 1 जुलाई से पर्यटकों को 10 टका नहीं देना होगा. यह बेहद आपत्तिजनक है.
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मरीन ड्राइव का वॉल्यूम में बदलाव संभव
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि दीघा के पुनर्विकास की योजना है। बैठक में इस संबंध में कई निर्णय भी लिए गए. मरीन ड्राइव का विस्तार किया जाएगा. उन्होंने कहा कि दीघा से पेटुआ तक तटीय क्षेत्र को जोड़ते हुए मरीन ड्राइव का विस्तार किया जाएगा. साथ ही, शुभेंदु ने दावा किया-यह मरीन ड्राइव नहीं है. मरीन ड्राइव चेन्नई और मुंबई की तरह होनी चाहिए. ताजपुर के दादनपत्रबार में एक गहरे समुद्र का बंदरगाह बनाया जा सकता है. इस संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा-हमारे पास 1700 एकड़ जमीन है. इसके अलावा, समुद्र में नौकायन की अच्छी सुविधा है. अगर वहां समुद्री बंदरगाह बन जाता है, तो आर्थिक बुनियादी ढांचे में बदलाव आएगा. उन्होंने रेलवे प्रणाली के आधुनिकीकरण पर भी जोर दिया.
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By Ashish Jha
डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.
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