तृणमूल नेता पर सरकारी मुर्गे की चोरी का आरोप, गुस्साये लोगों ने कच्चे अंडे से नहलाया
Published by : Ashish Jha Updated At : 15 Jun 2026 10:21 AM
विश्वजीत
Bengal News : मुर्गियों समेत सरकार से मिले कई दान का सामान एक-एक करके बरामद किया गया. प्रदर्शनकारियों ने बिश्वजीत दास पर अंडे फेंके. सूचना मिलते ही कटवा पुलिस स्टेशन और केंद्रीय बल तुरंत मौके पर पहुंचे.
मुख्य बातें
Bengal News : कोलकाता. कटवा स्वयं सहायता समूहों के लिए सरकारी मुर्गियां चुराने के आरोप लगे हैं. तृणमूल नेता के पकड़े जाते ही प्रदर्शनकारियों ने उन पर अपना गुस्सा निकाला. उन्होंने लगभग उन पर कच्चे अंडे फेंक दिए. तृणमूल नेता के घर से स्वयं सहायता समूह द्वारा दान की गई 25 से अधिक मुर्गियां बरामद की गईं. कई सिलाई मशीनों के साथ-साथ अलमारियां और सरकारी दस्तावेजों और फाइलों से भरे बोरे भी चोरी हो गए। यह घटना पूर्वी बर्धमान के कटवार में हुई. आरोपी तृणमूल नेता का नाम बिस्वजीत दास है.
तृणमूल नेता के घर से मुर्गे बरामद
कटवा ब्लॉक नंबर 1 के गोवा ग्राम पंचायत के बद्रा गांव में यह घटना घटी. पता चला है कि बिश्वजीत दास की पत्नी रेखा दास आनंदधारा परियोजना के अंतर्गत संघ की प्रभारी थीं और कुछ स्वयं सहायता समूहों की नेता भी थीं. आरोप है कि उन्होंने विभिन्न समूहों की महिलाओं को बिक्री के लिए दी गई मुर्गियों को अपने घर की छत पर छिपा रखा था. उन्होंने कुछ महिलाओं की सिलाई मशीनें भी गुप्त रूप से घर में रखी हुई थीं. आरोप है कि सिलाई मशीनों को खोलकर बेचा जा रहा था. इसके अलावा, उसके घर की अलमारी से गिरोह के दस्तावेज और दस्तावेजों से भरे कई बैग बरामद हुए। एक लैपटॉप भी मिला.
नौकरी दिलाने के नाम पर वसूलता था पैसा
बिश्वजीत दास तृणमूल के स्थानीय नेता हैं. उन पर कुछ साल पहले स्थानीय महिलाओं से सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लेने का आरोप है. स्थानीय लोगों को पता चला कि संघ से मिले विभिन्न दान का सामान रेखा दास के घर में छिपाकर रखा गया था. मुर्गियों समेत सरकार से मिले कई दान का सामान एक-एक करके बरामद किया गया. प्रदर्शनकारियों ने बिश्वजीत दास पर अंडे फेंके. सूचना मिलते ही कटवा पुलिस स्टेशन और केंद्रीय बल तुरंत मौके पर पहुंचे.
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कई लोगों से ले रखा है पैसा
तृणमूल नेता को गिरफ्तार कर पुलिस स्टेशन ले जाया गया. रेखा दास उस समय घर पर नहीं थीं. एक स्थानीय महिला ने बताया- बिश्वजीत दास ने मुझसे 20,000 टका लिए. उसने कहा कि वह गांव के छोटे बच्चों को पढ़ाने का काम देगा. यह सरकारी नौकरी होगी. मैंने दो महीने पढ़ाया, लेकिन मुझे कोई पैसा नहीं मिला. फिर मैंने अपने 20,000 टका वापस मांगे. उसने लौटाने से इनकार कर दिया. उसने इसी तरह कई लोगों से पैसे लिए हैं.
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लेखक के बारे में
By Ashish Jha
डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.
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