चुनाव के मद्देनजर पेश किया गया भ्रामक बजट: सुकांत

Updated at : 13 Feb 2025 2:01 AM (IST)
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चुनाव के मद्देनजर पेश किया गया भ्रामक बजट: सुकांत

त्रिवेणी कुंभ महोत्सव के द्वितीय दिन स्नान करने पहुंचे केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने राज्य बजट को भ्रामक बताया और कहा कि विधानसभा के चुनाव के मद्देनजर यह बजट तैयार किया गया है.

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हुगली. त्रिवेणी कुंभ महोत्सव के द्वितीय दिन स्नान करने पहुंचे केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने राज्य बजट को भ्रामक बताया और कहा कि विधानसभा के चुनाव के मद्देनजर यह बजट तैयार किया गया है. भाजपा सत्ता में आने पर राज्य सरकार के कर्मचारियों को यह 4% की यह भीख नहीं देगी, बल्कि केंद्रीय दर के अनुसार डीए दिया जायेगा. राज्य सरकार ने 4% डीए बढ़ोतरी की घोषणा की है, लेकिन केंद्र के साथ कितने का अंतर है? पे कमीशन की घोषणा की जरूरत है, लेकिन केवल 4% डीए दिया जा रहा है. इस अवसर पर सुबीर नाग, दीपांजन गुहा, तुषार मजूमदार, सुरेश साव सहित भाजपा के कई नेताओं ने नदी में डूबकी लगायी. उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा बताया जा रहा है कि घाटाल मास्टर प्लान दो वर्षों में पूरा होगा. इसके साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि पिछले 12 वर्षों में यह योजना क्यों नहीं पूरी हुई? यह सरासर झूठ है और जनता को गुमराह करने की कोशिश हो रही है. आशा और आंगनबाड़ी कर्मियों के लिए मोबाइल खरीदने के लिए 200 करोड़ रुपये की घोषणा की गयी है. यह पैसा केंद्र सरकार का है, मुख्यमंत्री का नहीं है. हम इस पर मुकदमा करने की सोच रहे थे, लेकिन बजट में इसे घोषित कर सरकार ने खुद को कानूनी पचड़े से बचा लिया. भारत के अन्य राज्यों में आंगनबाड़ी कर्मी पहले से मोबाइल का उपयोग कर रहे हैं. यह बजट आगे बढ़ते बंगाल का नहीं है , बल्कि पीछे जाते बंगाल का है. उन्होंने कहा कि ‘बांग्लार आवास’ योजना में आवंटन बढ़ा है. लेकिन यह योजना पार्टी कार्यकर्ताओं और असामाजिक तत्वों को घर दिलाने के लिए है. बाद में राज्य सरकार मोदी जी से घर बनाने के लिए पैसा मांगेगी और फिर उसी पैसे से ‘बांग्लार आवास’ योजना का नाम देकर उसे आगे बढ़ाया जायेगा. उन्होंने कहा कि यह बजट पूरी तरह से चुनावी छलावा है. असली बजट कैसा होता है, इसके लिए केंद्र के बजट से सबक लेना चाहिए. बजट में उद्योग कहां हैं? बेरोजगार युवाओं के लिए नौकरी के अवसर कहां हैं ? अगर सरकारी नौकरी नहीं मिलती है, तो निजी क्षेत्र में रोजगार पाने का रास्ता कहां है? जब उद्योग ही नहीं हैं, तो विकास कैसे होगा?

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