अंतरराष्ट्रीय बाजार में छायी बंगाल की ‘आम्रपाली’, एक हफ्ते में इटली और खाड़ी देशों को 10 टन आम का निर्यात

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मालदा का आम्रपाली आम.

Malda Mango Export: पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के प्रीमियम आमों का जलवा अंतरराष्ट्रीय बाजारों में देखने को मिल रहा है. एक सप्ताह में 10 टन ‘आम्रपाली’ आम का निर्यात इटली और खाड़ी देशों को किया जा चुका है. इस सीजन में आम का निर्यात 100 टन पार हो जाने की उम्मीद है. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

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Malda Mango Export: पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के प्रसिद्ध और स्वादिष्ट आमों ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी धाक जमानी शुरू कर दी है. चालू सीजन में एक सप्ताह के भीतर जिले से रिकॉर्ड 10 टन प्रीमियम किस्म के आमों का निर्यात विदेशों में किया गया है. बागवानी और कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक, इस साल निर्यात का यह आंकड़ा 100 टन पार कर जाने की उम्मीद है, जिससे स्थानीय किसानों की आमदनी में बंपर इजाफा हो रहा है.

पश्चिमी एशिया और इटली पहुंचा ‘आम्रपाली’

आईसीएआर-सेंट्रल इंस्टीट्यूट फॉर सबट्रॉपिकल होर्टिकल्चर (CISH)-कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) के प्रमुख दुष्यंत राघव ने इस उपलब्धि की जानकारी देते हुए बताया कि शुरुआती खेप के तहत लगभग 7 टन आम पहले ही पश्चिमी एशियाई (खाड़ी) देशों में भेजे जा चुके हैं. इसके अलावा, 3 टन आम की विशेष खेप यूरोपीय देश इटली के मिलान (Milan) शहर में भेजी गयी है.

100 टन से अधिक निर्यात की उम्मीद

उन्होंने बताया कि अब तक मुख्य रूप से आम्रपाली (Amrapali) आम का निर्यात किया गया है. आने वाले दिनों में दुनिया के कई और देशों से प्रीमियम मालदा आम खरीदने के ऑर्डर मिलने की उम्मीद है. हमें अगले महीने यानी अगस्त तक ‘वृंदावनी’, ‘फजली’ और ‘अश्विना’ जैसी खास किस्मों सहित 100 टन से अधिक की अतिरिक्त निर्यात खेप भेजने का पूरा भरोसा है.

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जीएपी बागों से हो रही सप्लाई, किसानों को मिल रहे ऊंचे दाम

बागवानी विभाग के उप-निदेशक सामंत लायक ने बताया कि वैश्विक मानकों को पूरा करने वाले गुड एग्रीकल्चरल प्रैक्टिसेज (GAP) प्रमाणित बागों से ही इन आमों की तुड़ाई और पैकेजिंग की जा रही है. इस पहल को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन, कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात संवर्धन प्राधिकरण (APEDA), जिला बागवानी कार्यालय और मालदा मैंगो मर्चेंट चैंबर ऑफ कॉमर्स ने मिलकर एक संयुक्त टास्क फोर्स की तरह काम किया है.

सभी संस्थाओं ने मिलकर बेहतर गुणवत्ता नियंत्रण, फाइटोसैनिटरी प्रमाणपत्र, अंतरराष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स और वैश्विक बाजार तक पहुंच की व्यवस्था को सुगम बनाया है. विदेशी मांग में आयी इस भारी तेजी के कारण अब किसानों को घरेलू बाजारों में भी अपने आमों की बेहतर और ऊंची कीमतें मिल रही हैं.

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Malda Mango Export: इस बार विदेश न जा सके ‘हिमसागर’ और ‘लंगड़ा’

इस बार थोड़ी निराशाजनक खबर भी सामने आयी. इस सीजन में जिले की सबसे मशहूर और पारंपरिक किस्में हिमसागर (Himsagar) और लंगड़ा (Langra) का विदेशों में निर्यात नहीं किया जा सका. इसकी मुख्य वजह मौसम में अप्रत्याशित बदलाव और उतार-चढ़ाव रहे. ये दोनों किस्में अंतरराष्ट्रीय निर्यात के लिए तय कड़े और सख्त गुणवत्ता मानकों (Quality Benchmarks) पर पूरी तरह खरी नहीं उतर पायीं. इसके बावजूद, आम्रपाली और लखनभोग जैसी किस्मों ने वैश्विक बाजार में मालदा का नाम रोशन कर दिया है.

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मिथिलेश झा

लेखक के बारे में

By मिथिलेश झा

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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