दिल्ली दंगे की न्यायिक जांच करायी जाये : ममता बनर्जी
Author : Shaurya Punj Published by : Prabhat Khabar Updated At : 05 Mar 2020 2:17 AM
दिल्ली में 1984 के सिख दंगे के बाद इतना बड़ा दंगा नहीं हुआ था. यह दंगों का गुजरात मॉडल है. इसे तो सामूहिक हत्या कहा जाना चाहिए.
मालदा : दिल्ली में 1984 के सिख दंगे के बाद इतना बड़ा दंगा नहीं हुआ था. यह दंगों का गुजरात मॉडल है. इसे तो सामूहिक हत्या कहा जाना चाहिए. बच्चों के सामने उनके माता-पिता को जिंदा जलाया गया है. किसी को नहीं पता कि दिल्ली दंगे में कितने लोग मारे गये. ये बातें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को मालदा में कार्यकर्ता सभा को संबोधित करते हुए कही. सभा मंच से ममता बनर्जी ने भाजपा सरकार पर करारा प्रहार किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल में कुछ होते ही जो लोग सीबीआइ जांच की मांग करते हैं, आज इस सामूहिक हत्या पर वे चुप क्यों है? मुख्यमंत्री ने इस हत्याकांड की न्यायिक जांच कराने की मांग की.
बुधवार को इंगलिशबाजार एवं ओल्ड मालदा नगरपालिका संलग्न साहापुर ग्राम पंचायत के छोटा-सूर्जापुर इलाके में तृणमूल की कार्यकर्ता सभा आयोजित हुई. सभा में पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी के साथ राज्य के अन्य दो मंत्री फिरहाद हकीम व शुभेंदू अधिकारी उपस्थित थे. तृणमूल जिलाध्यक्ष मौसम नूर, विधायक निहार रंजन घोष, सबीना यास्मिन, दीपाली विश्वास, जिला परिषद सभाधिपति गौड़चंद्र मंडल के साथ पूर्व मंत्री सावित्री मित्र व कृष्णेंदु नारायण चौधरी भी उपस्थित थे. सभा दोपहर एक बजे शुरू हुई. मुख्यमंत्री ने सभा को संबोधित करते हुए दिल्ली दंगे को लेकर केंद्र सरकार को जमकर फटकारा.
उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी घटना पर भाजपा सरकार ने अफसोस तक नहीं जताया. किसी भाजपा नेता ने घटना की निंदा तक नहीं की है. बल्कि वे इस सामूहिक हत्याकांड को दबाने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि बंगाल में भी बाहर से लोगों को बुलाकर गड़बड़ी करने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने राज्य वासियों से कहा कि कुछ भी संदेहास्पद दिखे तो तुरंत प्रशासन को सूचना दें. कानून अपने हाथ में न लें. उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री की सभा में आने वालों ने गोली मारो के नारे लगाये. वहीं रैली की इजाजत नहीं देने पर सवाल उठाये जाते हैं. उन्होंने कहा कि गलत नारा लगाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है. मुख्यमंत्री ने एनआरसी को लेकर भी केंद्र सरकार की आलोचना की.
उन्होंने कहा कि बंगाल में एनआरसी लागू नहीं होगा. देशवासियों को इसबार पता चलेगा की किसे सत्ता पर बिठाया है. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बीएसएनएल, रेलवे, एलआइसी सबको बेचने में लगी हुई है. मुख्यमंत्री ने बीएसएफ के कामकाज को लेकर भी नाराजगी जतायी. उन्होंने कहा कि सीमा पर बीएसएफ लोगों को डरा रही है. याद रहे कानून व्यवस्था राज्य की जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव के समय ही कहा था कि सीपीएस, कांग्रेस व भाजपा मिली हुई हैं. मालदा में लोकसभा चुनाव में भाजपा व कांग्रेस ने एक-एक सीट का बंटवारा कर लिया था. उन्होंने कहा कि उत्तर बंगाल की सभी सीटें भाजपा को कैसे मिल गयीं. उत्तर बंगाल में हमारी सरकार ने स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय व मेडिकल कॉलेज बनाये, लेकिन भाजपा ने क्या दिया? भाजपा का काम सिर्फ दंगा कराना है.
मुख्यमंत्री ने मालदा में जीत हासिल नहीं कर पाने को लेकर कहा कि मालदा में कभी नहीं जीत पाये. उन्होंने स्थानीय नेताओं से कहा कि कहां कमजोरी है, उसे देखें. अपनी गलतियां सुधारें. मालदा के नेता कब एकजुट होंगे? मुख्यमंत्री ने कहा कि मौसम नूर की सभा में हजारों लोग जुटे, पर चुनाव में वो हार गयी. उन्होंने कहा कि मुर्शिदाबाद जिले में तृणमूल आयी तो मालदा में क्यों नहीं? काम करें मौसम नूर और जीते भाजपा? ऐसा कैसे हुआ.
मुख्यमंत्री ने वादे के अनुसार महानंदा भवन अतिथिशाला में पूर्व केएलओ के 15 सदस्यों के साथ बैठक की. ममता ने उन्हें होमगार्ड की नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया. पूर्व केएलओ सदस्य हबीबपुर निवासी सौमेन सरकार ने बताया कि मालदा में लगभग 40 पूर्व केएलओ सदस्य हैं. राज्य सरकार के वादे के अनुसार उनलोगों ने संगठन को छोड़ पुलिस के पास आत्मसमर्पण किया था. उसने बताया कि मुख्यमंत्री के आश्वासन से वे सभी बेहद खुश हैं.
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