एचएस में डेटा एंट्री से पंजीकरण प्रमाणपत्र जारी करने का काम शुरू हुआ ऑनलाइन

Updated at : 11 Sep 2024 1:33 AM (IST)
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एचएस में डेटा एंट्री से पंजीकरण प्रमाणपत्र जारी करने का काम शुरू हुआ ऑनलाइन

उच्च माध्यमिक शिक्षा पर्षद ने अपना सारा काम ऑनलाइन कर दिया है. शैक्षणिक वर्ष 2024-25 से एचएस की सेमेस्टर प्रणाली की शुरुआत के साथ-साथ डेटा एंट्री से लेकर पंजीकरण प्रमाणपत्र जारी करने तक का कार्य ऑनलाइन किया गया है.

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संवाददाता, कोलकाता

उच्च माध्यमिक शिक्षा पर्षद ने अपना सारा काम ऑनलाइन कर दिया है. शैक्षणिक वर्ष 2024-25 से एचएस की सेमेस्टर प्रणाली की शुरुआत के साथ-साथ डेटा एंट्री से लेकर पंजीकरण प्रमाणपत्र जारी करने तक का कार्य ऑनलाइन किया गया है. इस प्रक्रिया में स्कूल को भी काउंसिल की ओर से काम किये जाने का निर्देश दिया गया है. ऑनलाइन प्रणाली शुरू होने से कागज का उपयोग तो कम हो गया है, लेकिन स्कूलों का कार्य बढ़ गया है.

सभी स्कूलों को छात्रों के डाटा संग्रहित करने के साथ अन्य विवरण का रिकार्ड भी ऑनलाइन रखना होगा. स्कूलों का कार्यभार बढ़ गया है. वहीं कुछ स्कूलों ने शिकायत की है कि काउंसिल की फीस बढ़ा दी गयी है, जो उचित नहीं है. इसके पीछे एकमात्र बिजनेस आइडिया के अलावा कोई मकसद नजर नहीं आता. स्कूल हेड्स का कहना है कि पिछले वर्ष 2023 में 11वीं का पंजीकरण शुल्क 170 रुपये था (जिसमें से पंजीकरण के लिए 75 रुपये, प्रसंस्करण शुल्क 45 रुपये, परिणाम प्रसंस्करण शुल्क – 30 रुपये, सुविधा शुल्क 20 रुपये) इस वर्ष 2024 में 11वीं का पंजीकरण शुल्क 190 रुपये कर दिया गया है. बता दें कि पिछले साल 2023 से 11वीं क्लास की मार्कशीट प्रिंट करने की जिम्मेदारी स्कूल पर है.एच एस काउंसिल ने 2024 में 11वीं के रजिस्ट्रेशन की कोई हार्ड कॉपी नहीं दी है. सभी पंजीकरण प्रमाणपत्र स्कूल द्वारा मुद्रित किये जाने की बात कही गयी है. स्कूलों की लागत बढ़ गयी. वहीं, अलग-अलग स्कूल अपनी क्षमता के मुताबिक अलग-अलग तरह के कागज, स्याही पर छपाई करते थे. यानि कि एक ही काउंसिल के अंतर्गत आने वाले अलग-अलग स्कूलों के बच्चों के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट अलग-अलग दिखाई देते हैं.

इस विषय में एडवांस्ड सोसाइटी फॉर हेडमास्टर्स एंड हेडमिस्ट्रेस (एएसएफएचएम) के राज्य महासचिव चंदन माइती का कहना है कि दरअसल ेकाउंसिल ने एक साथ फीस तो बढ़ा दी लेकिन उस अर्थ में कोई कर्तव्य नहीं निभाया.

सारी जिम्मेदारी स्कूल के कंधों पर डाल दी गयी है. ऐसी आशंका है कि आने वाले सेमेस्टर में चौथे सेमेस्टर के एडमिट कार्ड की देनदारी भी स्कूल पर डाल दी जायेगी. इससे स्कूलों को लागत साझा करनी पड़ेगी.

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