बंगाल चुनाव 2026: दूसरे चरण की वोटिंग से पहले भारत-बांग्लादेश बॉर्डर सील, जानें किनको मिलेगी छूट

Published by :Mithilesh Jha
Published at :28 Apr 2026 9:02 PM (IST)
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India Bangladesh Border Sealed Bengal Election West Bengal Election 2026

India Bangladesh Border Sealed Bengal Election: बंगाल चुनाव 2026 के दूसरे चरण से पहले उत्तर 24 परगना में भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा को सील कर दिया गया है. पेट्रापोल लैंड पोर्ट पर वाहनों और लोगों की आवाजाही प्रतिबंधित. जानें किन लोगों को मिलेगी छूट.

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India Bangladesh Border Sealed Bengal Election: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे और अंतिम चरण के मतदान से पहले अंतरराष्ट्रीय सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गयी है. उत्तर 24 परगना जिले की 33 विधानसभा सीटों पर 29 अप्रैल को होने वाली वोटिंग के मद्देनजर भारत-बांग्लादेश सीमा मार्गों को पूरी तरह प्रतिबंधित यानी सील कर दिया गया है.

पेट्रापोल लैंड पोर्ट पर पसरा सन्नाटा

निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन ने सीमा पार से होने वाली किसी भी संभावित घुसपैठ या चुनावी खलल को रोकने के लिए यह सख्त कदम उठाया है. दक्षिण एशिया के सबसे बड़े व्यापारिक केंद्र ‘पेट्रापोल लैंड पोर्ट’ पर भी सन्नाटा पसरा हुआ है.

26 अप्रैल से ही लागू हैं कड़े प्रतिबंध

जिला प्रशासन की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, सीमा पर आवाजाही को लेकर नियम बेहद सख्त कर दिये गये हैं. यह प्रतिबंध 26 अप्रैल की शाम 6 बजे से ही लागू कर दिया गया है, जो मतदान प्रक्रिया पूरी होने तक जारी रहेगा. उत्तर 24 परगना जिले से लगे बांग्लादेशी सीमा क्षेत्रों में किसी भी व्यक्ति या वाहन को भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करने या यहां से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है. सीमा पार व्यापार का मुख्य केंद्र होने के कारण पेट्रापोल लैंड पोर्ट पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि मतदान प्रभावित न हो.

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मानवीय आधार पर इन्हें मिलेगी छूट

प्रशासन ने इस सख्त पाबंदी के बीच कुछ विशेष परिस्थितियों में रियायत देने का भी फैसला किया है. इमरजेंसी मेडिकल की स्थिति में मरीजों और उनके परिजनों को आवाजाही की छूट रहेगी. भारतीय क्षेत्र के वे निवासी जो मतदान करने के लिए सीमा पार से वापस लौट रहे हैं, उन्हें भारत की सीमा में आने की अनुमति दी जायेगी. ऐसी वस्तुएं, जो तय समयसीमा में खराब हो सकती हैं, उनके परिवहन को शर्तों के साथ मंजूरी दी गयी है.

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2200 किलोमीटर लंबी सीमा पर हाई अलर्ट

पश्चिम बंगाल बांग्लादेश के साथ लगभग 2,200 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करता है. अधिकारियों का कहना है कि उत्तर 24 परगना जैसे जिलों में सीमा का एक बड़ा हिस्सा ‘ओपन’ यानी खुला हुआ है. इसकी वजह से चुनावों के दौरान सुरक्षा चुनौतियां बढ़ जाती हैं.

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बीएसएफ के साथ स्थानीय पुलिस भी सीमा पर कर रही गश्त

पेट्रापोल लैंड पोर्ट के अधिकारियों के अनुसार, चुनावी प्रक्रिया में किसी भी तरह के बाहरी हस्तक्षेप को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है. सीमा सुरक्षा बल (BSF) के साथ-साथ स्थानीय पुलिस भी सीमावर्ती गांवों में गश्त कर रही है.

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India Bangladesh Border Sealed: उत्तर 24 परगना की 33 सीटों पर वोट 29 को

शुक्रवार 29 अप्रैल को होने वाले इस मतदान में उत्तर 24 परगना की 33 सीटों का परिणाम राज्य की अगली सरकार बनाने में अहम भूमिका निभायेगा. यही वजह है कि प्रशासन ने ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाते हुए अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर को किले में तब्दील कर दिया है.

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मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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