कोर्ट ने पूछा: सरकारी स्कूलों के कितने शिक्षक पढ़ाते हैं ट्यूशन?
Published by : GANESH MAHTO Updated At : 09 Sep 2025 1:23 AM
प्राइवेट ट्यूटर फेडरेशन की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कलकत्ता हाइकोर्ट ने राज्य सरकार से ऐसे सरकारी शिक्षकों की सूची प्रस्तुत करने का आदेश दिया है, जो अभी भी प्राइवेट ट्यूशन पड़ा रहे हैं.
कोलकाता. कलकत्ता हाइकोर्ट के प्रतिबंध के बावजूद सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले कितने शिक्षक अभी भी बाहर ट्यूशन पढ़ा रहे हैं? इस आशय की जानकारी कलकत्ता हाइकोर्ट ने राज्य सरकार से मांगी है. जानकारी के अनुसार, मंगलवार को हाइकोर्ट के न्यायमूर्ति सुजय पाल और न्यायमूर्ति स्मिता दास डे की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से विस्तृत जानकारी पेश की जायेगी. प्राइवेट ट्यूटर फेडरेशन की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कलकत्ता हाइकोर्ट ने राज्य सरकार से ऐसे सरकारी शिक्षकों की सूची प्रस्तुत करने का आदेश दिया है, जो अभी भी प्राइवेट ट्यूशन पड़ा रहे हैं. याचिकाकर्ता के वकील आशीष कुमार चौधरी ने कहा कि 2018 में प्रतिबंध लागू होने के बाद भी सरकारी शिक्षक प्राइवेट ट्यूशन पढ़ा रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि राज्य की ओर से लागू यह प्रतिबंध केवल कागजों तक ही सीमित है. स्कूल शिक्षकों का एक वर्ग अभी भी ट्यूशन पढ़ा रहा है.
इससे पहले हाइकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगणनम की खंडपीठ ने कहा था कि राज्य को 2018 के दिशानिर्देशों को लागू करने के लिए कार्रवाई करनी होगी, लेकिन याचिकाकर्ता के वकील का आरोप है कि ये दिशानिर्देश सिर्फ कागज़ों तक ही सीमित रहे. इसके बाद हाइकोर्ट में अदालत की अवमानना का मामला दर्ज किया गया और उसी अवमानना के मामले में आयोग ने राज्य के सभी स्कूल निरीक्षकों को निर्देश जारी करते हुए कहा था कि ट्यूशन पढ़ाने वाले सभी स्कूल शिक्षकों के ख़िलाफ विभागीय कार्रवाई करनी होगी, लेकिन आरोप है कि इसके बाद भी हालात में कोई बदलाव नहीं आया है. सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के शिक्षकों का एक वर्ग अभी भी ट्यूशन पढ़ा रहा है. अब अदालत ने इस बारे में रिपोर्ट मांगी है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










