संवाददाता, कोलकाता
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा पटना में एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान एक महिला डॉक्टर के चेहरे से सार्वजनिक रूप से हिजाब हटाने की कथित घटना के विरोध में शुक्रवार को कोलकाता में बड़ी संख्या में महिलाओं ने विरोध मार्च निकाला. प्रदर्शनकारियों ने इस कृत्य को महिलाओं की गरिमा और सम्मान के खिलाफ बताते हुए मुख्यमंत्री से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की. यह विरोध मार्च पार्क सर्कस के सेवन प्वाइंट क्रॉसिंग से गरियाहाट तक निकाला गया. मार्च में शामिल महिलाएं तख्तियां लेकर नारेबाजी करती हुई सड़कों पर उतरीं. प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने कहा कि किसी भी महिला की व्यक्तिगत पसंद और पहचान के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार्य नहीं है. मार्च में शामिल तृणमूल कांग्रेस की नेता प्रियदर्शिनी हकीम ने कहा, “बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का यह व्यवहार महिला विरोधी है. पूरे देश को इसका विरोध करना चाहिए. एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह महिलाओं की गरिमा की रक्षा करे, न कि उसे ठेस पहुंचाये.” प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि यह मुद्दा किसी एक धर्म तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं की स्वायत्तता, सम्मान और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा से जुड़ा हुआ है. इस विरोध मार्च में मुस्लिम महिलाओं के साथ-साथ हिंदू और अन्य धर्मों से जुड़ी महिलाओं की भी भागीदारी देखी गयी. आयोजकों के अनुसार, विभिन्न समुदायों की महिलाओं की सहभागिता सांप्रदायिक सौहार्द और एकजुटता का प्रतीक है तथा यह संदेश देती है कि महिलाओं के सम्मान से जुड़ा कोई भी मुद्दा पूरे समाज से संबंधित है.
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