वोटर लिस्ट में ‘भूत’ का पता लगाने को हुई तृणमूल की मेगा बैठक, नदारद रहे अभिषेक

Updated at : 06 Mar 2025 11:02 PM (IST)
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वोटर लिस्ट में ‘भूत’ का पता लगाने को हुई तृणमूल की मेगा बैठक, नदारद रहे अभिषेक

अगले वर्ष राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव के पहले मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने भाजपा पर निर्वाचन आयोग के कथित समर्थन से मतदाता सूची में बाहरी मतदाताओं को शामिल करने का आरोप लगाया है. साथ ही उनका दावा था कि भाजपा ने पिछले चुनावों में हरियाणा, महाराष्ट्र और दिल्ली जैसे राज्यों में भी इसी तरह की रणनीति अपनायी थी. पिछले सप्ताह यहां नेताजी इंडोर स्टेडियम में आयोजित तृणमूल की मेगा बैठक में मतदाता सूची में कथित ‘भूत’ का पता लगाने का निर्देश देते हुए सुश्री बनर्जी ने तृणमूल के प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत बक्शी के नेतृत्व में राज्य स्तर पर पार्टी की 36 सदस्यीय एक विशेष कमेटी भी गठित की.

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कोलकाता.

अगले वर्ष राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव के पहले मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने भाजपा पर निर्वाचन आयोग के कथित समर्थन से मतदाता सूची में बाहरी मतदाताओं को शामिल करने का आरोप लगाया है. साथ ही उनका दावा था कि भाजपा ने पिछले चुनावों में हरियाणा, महाराष्ट्र और दिल्ली जैसे राज्यों में भी इसी तरह की रणनीति अपनायी थी. पिछले सप्ताह यहां नेताजी इंडोर स्टेडियम में आयोजित तृणमूल की मेगा बैठक में मतदाता सूची में कथित ‘भूत’ का पता लगाने का निर्देश देते हुए सुश्री बनर्जी ने तृणमूल के प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत बक्शी के नेतृत्व में राज्य स्तर पर पार्टी की 36 सदस्यीय एक विशेष कमेटी भी गठित की. उक्त कमेटी में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी समेत अन्य वरिष्ठ नेता भी शामिल हैं. गुरुवार को उक्त कमेटी की पहली बैठक यहां तृणमूल भवन में हुई. हालांकि. इस बैठक में पार्टी के दूसरे नंबर माने जाने वाले नेता अभिषेक बनर्जी मौजूद नहीं रहे. बताया जा रहा है कि अभिषेक 15 मार्च को पार्टी के हर जिलों के अध्यक्ष व बूथ स्तर के नेताओं के साथ मतदाता सूची निरीक्षण को लेकर वर्चुअली बैठक करेंगे.

इस दिन तृणमूल के प्रदेश अध्यक्ष बक्शी के नेतृत्व में पार्टी के नेताओं की हुई बैठक में फिरहाद हकीम, अरूप विश्वास, चंद्रिमा भट्टाचार्य के अलावा जिलों के तृणमूल अध्यक्ष भी मौजूद रहे. बीरभूम में तृणमूल के वरिष्ठ नेता अनुब्रत मंडल को पार्टी कार्य हेतु दूसरी जगह भेजा गया था, जिसकी वजह से वह बैठक में शामिल नहीं हो पाये. बैठक में हाल ही में घर-घर जाकर मतदाता सूची की पड़ताल के निष्कर्षों पर चर्चा की गयी. बैठक में मतदाता सूचियों में पहचानी गयी कथित अनियमितताओं के मुद्दे से निबटने के लिए पार्टी के अगले कदमों को अंतिम रूप देने पर ध्यान केंद्रित किया गया. बैठक के बाद इस दिन शाम को तृणमूल नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने कोलकाता में निर्वाचन आयोग को ज्ञापन सौंपा, जिसमें नये मतदाताओं का वोटर कार्ड बनाने के दौरान बीएलओ और बीएलआरओ के समक्ष उनकी शारीरिक रूप से उपस्थिति अनिवार्य करने, मतदाता सूची में पारदर्शिता लाने व अन्य मांगे की गयीं.

गौरतलब है कि पिछले सप्ताह तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी द्वारा मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी का पता लगाने का आदेश मिलने के बाद पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत बक्शी ने जिला स्तर के नेताओं को अपने क्षेत्रों में मतदाता सूचियों की गहन पड़ताल करने के लिए चार निर्देश जारी किये थे, जिसमें सत्यापन प्रक्रिया को लेकर 10 दिनों के अंदर पार्टी की विशेष कमेटी को रिपोर्ट सौंपने की बात भी शामिल थी. मतदाता सूची को लेकर भाजपा पर तृणमूल की ओर से लगाए गये आरोप को आधारहीन करार देते हुए प्रदेश भाजपा नेता अग्निमित्रा पाल ने कहा कि भारत के लोग उस पार्टी से अवगत हैं, जो वास्तव में देश की प्रगति का नेतृत्व कर रही है. उन्होंने तृणमूल की टिप्पणियों को अधिक तवज्जो नहीं दी और उन्हें निराधार बताया. मुख्यमंत्री द्वारा यह आरोप लगाए जाने के एक दिन बाद कि भाजपा निर्वाचन आयोग की मदद से मतदाता सूची में फर्जी मतदाताओं को जोड़ रही है. राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीइओ) ने कहा था कि राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बूथ लेवल एजेंट (बीएलओ) की सक्रिय भागीदारी से अधिकारियों द्वारा मतदाता सूची को अद्यतन किया जा रहा है. सीइओ ने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी विशिष्ट दावे या आपत्ति को पश्चिम बंगाल में बीएलओ, एइआरओ (सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी) और इआरओ (निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी) को सौंपा जाना चाहिए.

प्रत्येक जिले में कोर कमेटी का गठन

इस दिन हुई बैठक में मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी का पता लगाने के लिए राज्य के प्रत्येक जिले में पार्टी की कोर कमेटी का गठन किया गया है. उक्त कोर कमेटी में तृणमूल संगठनात्मक जिले के अध्यक्ष, चेयरमैन, विधायक, सांसद, जिले के शाखा संगठनों के अध्यक्ष, ब्लॉक अध्यक्ष, जिला परिषद के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, पंचायत समिति के अध्यक्ष और नगर पालिकाओं के चेयरमैन शामिल किये गये हैं. हालांकि, बीरभूम के लिए कोई अलग दिशानिर्देश नहीं दिये गये हैं. वहां की कोर कमेटी इस जिम्मेदारी को संभालेगी.

जिलाध्यक्षों को निर्देश

इस राज्य में मतदान के लिए जो अयोग्य हैं, उनकी अलग से सूची तैयार की जाये.

यदि एक ही एपिक नंबर पर अलग-अलग नाम हैं, तो उसकी सूची भी तैयार की जाये.

2025 के वोटर तालिका अनुसार, हर विधानसभा क्षेत्र में प्रत्येक बूथ में पार्ट के हिसाब से वोटरों से संपर्क कर स्क्रूटनी करना होगा.

मतदाता सूची से गलत या अनुचित तरीके से हटाये गये सभी नामों को पुनः पंजीकृत किया जाना चाहिए.

उन सभी मतदाताओं के नामों पर विशेष निगरानी रखी जाये, जिनके नाम ऑनलाइन आवेदन के माध्यम से पंजीकृत किये गये हैं.

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