एसआइआर के पहले चरण में वोटर लिस्ट में गड़बड़ी करने का है आरोप संवाददाता, कोलकाता एसआइआर प्रकिया के पहले चरण के दौरान चार चुनाव अधिकारियों पर वोटर लिस्ट में नाम दर्ज करने में गड़बड़ी करने का आरोप लगा था. इसकी खबर मिलते ही चुनाव आयोग ने सख्ती बरतते हुए चारों अधिकारियों को निलंबित कर दिया था और तात्कालीन मुख्य सचिव मनोज पंत को इनके खिलाफ एफआइआर करने के लिए कहा था, लेकिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के हस्तक्षेप के बाद राज्य सरकार ने इन चारों अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की. इसे लेकर सरकार और आयोग के बीच तनातनी शुरू हो गयी. आयोग ने कार्रवाई के लिए राज्य सरकार को पत्र भी लिखा था. अब कार्रवाई नहीं होने पर चुनाव आयोग ने संबंधित चार अधिकारियों के डीएम और डीईओ को इनके खिलाफ एफआइआर करने का निर्देश दिया है. साथ ही आयोग ने इस संबंध में रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है. मालूम रहे कि आयोग ने दक्षिण 24 परगना के बारूईपुर पूर्व और पूर्व मेदिनीपुर के मयना विधानसभा अंतर्गत के दो ईआरओ और दो एईआरओ को सस्पेंड कर दिया था. इनकी देखरेख में दोनों जगहों पर एसआइआर का काम चल रहा था. बताया जा रहा है कि देवोत्तम दत्ता चौधरी और तथागत मंडल बारुईपुर पूर्व के ईआरओ और एईआरओ के तौर पर काम कर रहे थे, जबकि मयना विधानसभा क्षेत्र के ईआरओ और एईआरओ विप्लव सरकार और सुदीप्त दास थे. आयोग ने सुरजीत हाल्दार नामक एक डेटा एंट्री ऑपरेटर के नाम भी एफआइआर दर्ज करने का आदेश दिया है.
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