दार्जिलिंग में 16 जनजातीय बोर्डों की होगी वित्तीय जांच, अग्निमित्रा पाल ने जीटीए पर कही ये बात

Published by : Ashish Jha Updated At : 09 Jun 2026 1:12 PM

विज्ञापन

अग्निमित्रा पाल

Darjeeling : निरीक्षण के बाद पत्रकारों से बातचीत में अग्निमित्रा पाल ने कहा कि पिछली सरकार ने पहाड़ के विकास के बजाय केवल घोषणाएं कीं.

विज्ञापन

कोलकाता से शिव कुमार राउत

Darjeeling: दार्जिंलिग स्थित पश्चिम बंगाल के पर्वतीय क्षेत्रों के दौरे पर पहुंचीं राज्य की शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पाल ने सोमवार को कई विकास परियोजनाओं का निरीक्षण किया और पूर्ववर्ती सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने साफ कहा कि पिछली सरकार द्वारा गठित 16 अलग-अलग जनजातीय बोर्डों के वित्तीय लेन-देन और कार्यों की जांच करायी जायेगी और गोरखालैंड टेरिटोरियल एडमिनिस्ट्रेशन (जीटीए) भी जांच के दायरे से बाहर नहीं रहेगा.

मंत्री ने किया मिरिक झील का दौरा

मंगलवार सुबह महाकाल मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद मंत्री ने सांसद राजू बिष्ट के साथ विभिन्न क्षेत्रों का दौरा किया. उन्होंने सबसे पहले सिंचेल क्षेत्र में पेयजल परियोजना का निरीक्षण किया और इंजीनियरों से कार्य की प्रगति तथा परियोजना पूरी होने की समय सीमा की जानकारी ली. इसके बाद उन्होंने हैप्पी वैली स्थित एक आईसीडीएस केंद्र का निरीक्षण कर वहां की सुविधाओं और कर्मचारियों की समस्याओं की जानकारी ली. मंत्री ने मिरिक झील का भी दौरा किया और इसे पर्यटन के लिहाज से और अधिक आकर्षक बनाने की योजना पर चर्चा की.

पशुपति मंदिर में की पूजा

उन्होंने झील परिसर में आधुनिक सुविधाएं विकसित करने पर भी जोर दिया. दौरे के दौरान मंत्री भारत-नेपाल सीमा स्थित पशुपति मंदिर भी पहुंचीं. इसके बाद उन्होंने दुधिया क्षेत्र में निर्माणाधीन पुल का निरीक्षण किया. यह पुल पिछले वर्ष भारी बारिश के दौरान क्षतिग्रस्त हो गया था और अब तक इसका निर्माण पूरा नहीं हो सका है. मंत्री ने अधिकारियों से निर्माण कार्य में हो रही देरी का कारण पूछा और जल्द से जल्द काम पूरा करने के निर्देश दिए. निरीक्षण के बाद पत्रकारों से बातचीत में अग्निमित्रा पाल ने कहा कि पिछली सरकार ने पहाड़ के विकास के बजाय केवल घोषणाएं कीं.

16 जनजातीय बोर्डों में कोई हिसाब किताब नहीं

उन्होंने आरोप लगाया कि 16 जनजातीय बोर्डों को बड़ी राशि दी गई, लेकिन उसका सही हिसाब नहीं है. इसलिए सभी बोर्डों की जांच कराई जायेगी और जीटीए की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा होगी. उन्होंने कहा कि सरकार विकास कार्यों को प्राथमिकता दे रही है. सिंचेल में चल रही पेयजल परियोजना पूरी होने के बाद पहाड़ में जल संकट काफी हद तक समाप्त हो जायेगा. मिरिक झील के आसपास के क्षेत्र को आधुनिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जायेगा और पर्यटकों की सुविधा के लिए वाई-फाई जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध करायी जायेगी.

पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण खबरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

दुधिया पुल का निर्माण वर्ष 2027 तक

मंत्री ने यह भी घोषणा की कि दुधिया पुल का निर्माण वर्ष 2027 तक पूरा कर लिया जायेगा. साथ ही पिछले वर्ष बारिश में जिन लोगों के घर क्षतिग्रस्त हुए थे और जिन्हें केवल 60 हजार रुपये की सहायता मिली थी, उन्हें शेष 60 हजार रुपये भी जल्द जारी किये जायेंगे. उन्होंने अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक निर्देश देने की बात कही. बताया जा रहा है कि मंत्री मंगलवार को जलपाईगुड़ी भी जा सकती हैं.

Also Read: बंगाल में अब पूजा घोटाला, पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन ने बेच दिये प्री-दुर्गापूजा के अवैध टिकट

विज्ञापन
Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola