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‘वंदे मातरम्’ को विकृत करने का किया जा रहा है प्रयास : शमिक

Updated at : 10 Nov 2025 1:40 AM (IST)
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‘वंदे मातरम्’ को विकृत करने का किया जा रहा है प्रयास : शमिक

भट्टाचार्य ने संवाददाताओं से कहा कि यह प्रेसवार्ता पूरी तरह गैर-राजनीतिक है और केवल ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के समारोह से जुड़ी है.

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कोलकाता. सॉल्टलेक स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में शनिवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि राज्य में ‘वंदे मातरम्’ के गौरव और उसके अर्थ को विकृत करने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि भाजपा और केंद्र सरकार ‘वंदे मातरम्’ की अमर रचना को राष्ट्र के सम्मान का प्रतीक मानते हैं. भट्टाचार्य ने संवाददाताओं से कहा कि यह प्रेसवार्ता पूरी तरह गैर-राजनीतिक है और केवल ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के समारोह से जुड़ी है. मौके पर उन्होंने ऋषि बंकिमचंद्र चटर्जी के वंशज सजल चटर्जी और सुमित्रा चटर्जी का परिचय कराया. भट्टाचार्य ने कहा कि भाजपा ने राज्यभर में करीब 1,500 स्थानों पर ‘वंदे मातरम्’ और तिरंगा कार्यक्रम आयोजित किये हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि जब नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी बंकिमचंद्र के पैतृक निवास प्रताप चटर्जी लेन पहुंचे, तो जानबूझकर सड़क खोदी गयी और पुस्तकालय को बंद रखा गया. उन्होंने पत्रकारों को एक वीडियो दिखाया जिसमें बंकिमचंद्र पुस्तकालय परिसर में अवैध रूप से लोगों के रहने और मूर्ति पर कपड़े सुखाने की तस्वीरें थीं. उन्होंने कहा, “सियाचिन में सैनिक ‘वंदे मातरम्’ का जयघोष करते हैं, विद्यार्थी परिषद इसे गर्व से गाती है, लेकिन हमारे राज्य में इसे विकृत किया जा रहा है.” भट्टाचार्य ने तृणमूल सरकार पर ‘वंदे मातरम्’ के प्रति अवमानना का आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने जिस दिन 150वीं वर्षगांठ मनाने की घोषणा की, उसी दिन राज्य सरकार ने स्कूलों में ‘बांग्लार माटी, बांग्लार जल’ गीत अनिवार्य किया. गीत से हमें कोई आपत्ति नहीं, पर उसी दिन यह निर्णय लेना विभाजनकारी मानसिकता का संकेत है. इस मौके पर बंकिमचंद्र के वंशज सजल चटर्जी ने कहा, “ऋषि बंकिमचंद्र केवल परिवार की नहीं, पूरे राष्ट्र की धरोहर हैं. राज्य प्रशासन ने भवन का अधिग्रहण तो किया, लेकिन पुस्तकालय की दशा सुधारने के लिए कुछ नहीं किया. उन्होंने कहा कि अगर कोई राजनीतिक दल ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने का जश्न मना रहा है, तो उसे अपमानित क्यों किया जा रहा है. वहीं, सुमित्रा चटर्जी ने कहा कि वंदे मातरम् का समारोह कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक सार्वजनिक आयोजन है. उन्होंने राज्य के पुस्तकालय विभाग से जांच कर रिपोर्ट प्रकाशित करने की मांग की.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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GANESH MAHTO

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By GANESH MAHTO

GANESH MAHTO is a contributor at Prabhat Khabar.

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