571 साल पुरानी घोषाल जमींदार परिवार की दुर्गापूजा और अस्मिता का संदेश

Published by : GANESH MAHTO Updated At : 09 Sep 2025 1:22 AM

विज्ञापन

अंग्रेज शासनकाल में पूजा को मान्यता और अनुदान मिला था.

विज्ञापन

परिवार के ठाकुर दालान में पूजा, नाटक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से संदेश

हुगली. इस बार दुर्गापूजा पंडालों में परंपरा के साथ-साथ अस्मिता का संदेश भी देखने को मिलेगा. इसी कड़ी में इतिहास से जुड़ा कोन्नगर का घोषाल जमीदार परिवार अपने 571वें साल का दुर्गापूजा मना रहा है. हालांकि अब जमीदार प्रथा समाप्त हो गयी है, फिर भी पूजा उत्साह और उमंग के साथ इस वर्ष परिवार के ठाकुर दालान में होगी और इस अवसर पर नाटक “भाषा और अस्मिता” मंचस्थ किया जायेगा. घोषाल परिवार को वर्ष 1454 में ज़मींदारी मिली थी और तभी से इस घर में दुर्गापूजा की शुरुआत हुई थी. अंग्रेज शासनकाल में पूजा को मान्यता और अनुदान मिला था. समय के साथ बदलाव आये, मगर श्रद्धा और परंपरा आज भी पूरी निष्ठा से निभाई जाती है.

पूजा की रस्में और सांस्कृतिक आयोजन

इस पूजा की विशेषता यह है कि पूजा के दिनों में बाहर की मिठाई का उपयोग नहीं होता. घर की महिलाएं खुद नारियल के नाड़ू बनाती हैं और वही प्रसाद के रूप में चढ़ाया जाता है. अष्टमी की संध्या आरती पुरुष करते हैं, जबकि दशमी के दिन देवी को इलिश मछली का भोग अर्पित करने की परंपरा है. इसके बाद महिलाएं सिंदूर खेला और कनकांजलि की रस्म निभाती हैं. परिवार के सदस्य और पूर्व विधायक प्रवीर घोषाल बताते हैं कि अंग्रेजों के समय पूजा के लिए 750 रुपये का अनुदान मिलता था. खर्च के बाद भी धन शेष रहता था, जिसे परिवार के लोग घोड़े की गाड़ी से श्रीरामपुर के खजांचीखाने में लौटा देते थे. यह परंपरा आज भी जारी है. इस बार भी नवमी के दिन परिवार के सदस्य सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे. घर की महिला सदस्य तनुश्री घोषाल कहती हैं, “पूजा के हर दिन को हम उत्साह और निष्ठा से बिताते हैं. नारियल के नाड़ू से लेकर भोग की रसोई तक सब कुछ हम स्वयं करती हैं. कोन्नगर का घोषाल परिवार का यह दुर्गापूजा आज भी परंपरा और आस्था का संगम है, जो इस वर्ष अस्मिता का संदेश भी देने जा रहा है.”

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
GANESH MAHTO

लेखक के बारे में

By GANESH MAHTO

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola