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पूर्णम की पत्नी की गुहार : मेरे पति की रिहाई के लिए गंभीर पहल करे सरकार

Updated at : 13 May 2025 10:31 PM (IST)
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पूर्णम की पत्नी की गुहार : मेरे पति की रिहाई के लिए गंभीर पहल करे सरकार

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुई आतंकी घटना के बाद एक भारतीय जवान के पाकिस्तान की सीमा में फंसे होने की खबर से परिवार में गहरी बेचैनी है. जवान पूर्णम कुमार साव की पत्नी रजनी साव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शीर्ष सैन्य अधिकारियों से गुहार लगायी है कि उनके पति की रिहाई के लिए गंभीर पहल की जाये.

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हुगली.

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुई आतंकी घटना के बाद एक भारतीय जवान के पाकिस्तान की सीमा में फंसे होने की खबर से परिवार में गहरी बेचैनी है. जवान पूर्णम कुमार साव की पत्नी रजनी साव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शीर्ष सैन्य अधिकारियों से गुहार लगायी है कि उनके पति की रिहाई के लिए गंभीर पहल की जाये.

रजनी ने कहा : मेरा पति पाकिस्तान की हिरासत में है और उसके लिए कोई खुलकर बात नहीं कर रहा. अगर सरकार इस मुद्दे पर गंभीरता से बात करती, तो अब तक कोई हल निकल सकता था. रजनी ने बताया कि उन्होंने बीएसएफ के सीइओ से हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में मुलाकात की थी. सीइओ ने कहा था कि फ्लैग मीटिंग के बाद रिहाई संभव है. लेकिन अब 10 दिन से ऊपर हो गये हैं. न कोई जवाब आ रहा है, न ही कोई आश्वासन. क्या एक जवान की कोई कीमत नहीं?

रजनी ने बताया कि उन्होंने हाल ही में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से भी बात की थी. मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि मेरा पति सुरक्षित है. अगर वह सुरक्षित है, तो फिर इतनी देर क्यों? देश के सेना प्रमुखों को भी अब इस पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए.

रजनी ने भावुक स्वर में कहा : पाकिस्तानी सैनिक अगर हमारे पास है, तो उसके बदले में अदला-बदली की बात होनी चाहिए थी. लेकिन यहां तो कोई बात ही नहीं हो रही. मैं इस सप्ताह तक इंतजार करूंगी, फिर मजबूर होकर दिल्ली जाऊंगी.

पूर्णम के पिता भोलानाथ साव ने भी आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा : आतंकवादियों के मुद्दे पर बातचीत हो रही है. सीमाओं पर वार्ताएं हो रही हैं, लेकिन हमारे बेटे की कोई चर्चा नहीं है. उन्होंने कहा कि पायलट अभिनंदन को 48 घंटे में पाकिस्तान ने छोड़ दिया था. लेकिन अब 20 दिन से ऊपर हो गये और मेरे बेटे को कोई छुड़ाने नहीं आया. क्या उसने सरहद पार कर दी थी? क्या वह जीरो लाइन पर फंसा था? आखिर सच्चाई क्या है, हमें बताया क्यों नहीं जा रहा? परिवार का कहना है कि जब तक कोई ठोस पहल नहीं होती, वे चैन से नहीं बैठेंगे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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BIJAY KUMAR

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By BIJAY KUMAR

BIJAY KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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