दवाओं की कीमत बढ़ाने का फैसला वापस ले सरकार

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दवाओं की कीमत बढ़ाने का फैसला वापस ले सरकार

नये वित्त वर्ष के पहले ही दिन मंगलवार से 900 से अधिक जीवन रक्षक दवाओं की कीमतों में वृद्धि हुई है.

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कोलकाता. नये वित्त वर्ष के पहले ही दिन मंगलवार से 900 से अधिक जीवन रक्षक दवाओं की कीमतों में वृद्धि हुई है. नेशनल फार्मास्यूटिकल्स प्राइसिंग अथॉरिटी ने इन दवाओं की कीमतों में 1.74 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की है. इन बढ़ी हुई कीमतों वाली दवाओं की सूची में क्रिटिकल इंफेक्शन, दिल की बीमारी, डायबिटीज जैसी बीमारियों की दवाएं भी शामिल हैं. दवाओं की कीमतों में केंद्र सरकार द्वारा इजाफा किये जाने पर द एशोसिएशन ऑफ हेल्थ सर्विस डॉक्टर्स (एएचएसडीडब्ल्यूबी) ने विरोध जताया है. एसोसिएशन के महासचिव डॉ उत्पल बंद्योपाध्याय ने एक विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि यह अनुचित है. उन्होंने कहा कि इसमें कई दवाइयां ऐसी हैं, जो रोजमर्रा के जीवन से जुड़ी हुई हैं. केंद्र व राज्य सरकार से आग्रह है कि वे अपना फैसला वापस लें और पहले की कीमत में ही दवा बेचा जाये.

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