बीटेक की सीटें भरने को लेकर छुट्टियों से पहले काउंसेलिंग

Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 16 Sep 2024 1:08 AM

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राज्य उच्च शिक्षा विभाग ने एक नोटिस जारी कर अधिसूचित किया है कि चार वर्षीय बीटेक पाठ्यक्रम की पेशकश करने वाले कॉलेज और विश्वविद्यालय छात्रों को स्वतंत्र रूप से प्रवेश दे सकते हैं.

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कॉलेजों, विश्वविद्यालयों को शिक्षा विभाग ने जारी की अधिसूचना

संवाददाता, कोलकाता

राज्य उच्च शिक्षा विभाग ने एक नोटिस जारी कर अधिसूचित किया है कि चार वर्षीय बीटेक पाठ्यक्रम की पेशकश करने वाले कॉलेज और विश्वविद्यालय छात्रों को स्वतंत्र रूप से प्रवेश दे सकते हैं. क्योंकि राज्य जेईई बोर्ड द्वारा आयोजित सेंट्रलाइज्ड काउंसेलिंग के बाद भी काफी संख्या में सीटें खाली रह गयी हैं. विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि पिछले महीने समाप्त हुई तीन दौर की ऑनलाइन सेंट्रलाइज्ड काउंसेलिंग के बाद 35,000 से अधिक सीटों में से लगभग 13,000 सीटें खाली रह गयीं. उच्च शिक्षा विभाग द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि नियामक अधिकारियों द्वारा मान्यता प्राप्त सभी संस्थानों को सेंट्रलाइज्ड परामर्श और आवंटन प्रक्रिया के माध्यम से छात्रों को प्रवेश की अनुमति दी जाये. संस्थानों को सीटें भरने के लिए पूजा की छुट्टियों से पहले काउंसेलिंग की व्यवस्था करने के लिए कहा गया है. जादवपुर विश्वविद्यालय में 150 सीटें खाली हैं. यहां के इंजीनियरिंग के डीन राजीव बनर्जी ने बताया कि खाली सीटों को भरने के लिए पूजा की छुट्टियों से पहले काउंसेलिंग की जायेगी. सीयू के एक अधिकारी ने कहा कि बीटेक की कुल 414 सीटों में से लगभग 50 सीटें खाली हैं. सीयू में इंजीनियरिंग और विज्ञान संकाय के डीन अमित रॉय ने कहा कि वे खाली सीटों को भरने के लिए काउंसेलिंग कार्यक्रम के बारे में अगले सप्ताह नोटिस जारी करेंगे.

आइआइटी, खड़गपुर में कंप्यूटर के पूर्व प्रोफेसर व एनआटी दुर्गापुर के पूर्व निदेशक अनुपम बसु ने कहा कि यह आकलन करने की जरूरत है कि जेयू में कुछ वर्षों में पर्याप्त रिक्तियां क्यों दिख रही हैं. जेयू के एक प्रोफेसर ने कहा कि कई नये एनआइटी सामने आये हैं और मुझे लगता है कि नामांकित छात्रों का एक वर्ग इस उम्मीद में एनआइटी की ओर जा रहा है कि वे बेहतर बुनियादी ढांचा प्रदान करेंगे. जेयू में एक इंजीनियरिंग छात्र के लिए वार्षिक ट्यूशन फीस 2,400 है. एनआईटी, दुर्गापुर जो जेईईमेन के माध्यम से छात्रों को प्रवेश देता है, वह 1.25 लाख रुपये फीस लेता है. कम खर्च में इंजीनियरिंग की पढ़ाई का लालच जेयू से छात्रों की उड़ान नहीं रोक सका. जेयू के एक अधिकारी ने कहा कि ऐसी खबरें हैं कि कई विभाग पुराने कंप्यूटरों से जूझ रहे हैं, क्योंकि नकदी की कमी से जूझ रहे विश्वविद्यालय के पास नये कंप्यूटरों को बदलने के लिए धन नहीं है, जिससे छात्रों के मन में विश्वविद्यालय में अपनी पढ़ाई जारी रखने को लेकर संदेह पैदा हो गया है. सुविधाओं के अभाव में छात्रों के संस्थान छोड़ने की संभावना रहती है. इंजीनियरिंग कॉलेजों में कम नामांकन का एक कारण यह है कि छात्रों का एक वर्ग इंजीनियरिंग करने से कतराता है. कई निजी इंजीनियरिंग कॉलेज प्लेसमेंट को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, इससे छात्र चिंतित हो रहे हैं. प्रमुख संस्थानों में भी प्लेसमेंट परिदृश्य खराब है, यही कारण है कि यहां सीटें खाली रह गयी हैं.

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