विस परिसर में कैंडल लेकर भाजपा ने निकाला मौन जुलूस
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 03 Sep 2024 1:04 AM
विधानसभा में कार्यवाही खत्म होने के बाद भाजपा विधायकों ने आरजी कर की पीड़िता के लिए जताया शोक
कोलकाता. विधानसभा में सोमवार को एक अभूतपूर्व घटना देखने को मिली. सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद भी भाजपा के सभी विधायक सदन के अंदर कुछ देर बैठे रहे और आरजी कर मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में दुष्कर्म और हत्या की शिकार पीड़िता के प्रति शोक जताया. इसके साथ ही विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा विधायकों ने आरजी कर घटना के विरोध में विधानसभा परिसर में एलइडी कैंडल लेकर मौन जुलूस भी निकाला. बता दें कि विधानसभा के इतिहास में संभवत: यह पहली बार है, जब कार्यवाही खत्म होने के बाद भी विपक्ष सदन के अंदर बैठा हुआ दिखा.
यह अभूतपूर्व स्थिति तब पैदा हुई, जब दो दिवसीय विशेष सत्र के पहले दिन विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य के साथ शोक प्रस्ताव में आरजी कर की पीड़िता जूनियर महिला चिकित्सक का नाम शामिल करने के भाजपा की मांग को अस्वीकार कर दिया. शुभेंदु अधिकारी ने शोक प्रस्ताव में पीड़िता का जिक्र नहीं होने पर आपत्ति जतायी. उन्होंने आश्चर्य जताया कि विधानसभा ऐसे जघन्य अपराध पर एकजुट रुख क्यों नहीं अपना सकता. उन्होंने सुझाव दिया कि दिवंगत पूर्व सीएम के साथ महिला चिकित्सक के लिए भी एक संयुक्त प्रस्ताव पारित किया जा सकता है, ताकि, पीड़ित परिवार को सांत्वना मिल सके. इस पर स्पीकर ने शुभेंदु से पूछा कि क्या आप पीड़िता का नाम बता सकते हैं? मैं प्रस्ताव में इसे शामिल कर लेता हूं. आप पीड़िता का नाम लिये बिना शोक प्रस्ताव कैसे पारित कर सकते हैं?इसके बाद अध्यक्ष ने पूर्व सीएम बुद्धदेव भट्टाचार्य के निधन, उनके राजनीतिक जीवन व योगदान पर शोक पत्र पढ़ा और सभी सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखा. अध्यक्ष ने भट्टाचार्य के शोक प्रस्ताव पर सत्तापक्ष व विपक्ष किसी को बोलने का मौका दिये बिना सदन की कार्यवाही मंगलवार दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी.
इसके बाद अध्यक्ष समेत सत्तारूढ़ दल के सभी विधायक व मंत्री सदन से बाहर निकल गये, लेकिन भाजपा विधायक सदन में ही करीब 10 मिनट तक बैठे रहे. पीड़िता की याद में उन्होंने एक मिनट का मौन भी रखा. इसके बाद शुभेंदु के नेतृत्व में सभी भाजपा विधायकों ने बाहर निकल कर विधानसभा लाॅबी के चारों ओर मौन जुलूस निकाला. सभी विधायक काला गमछा लिये थे. वे पीड़िता के लिए न्याय की मांग पर पोस्टर भी लिये हुए थे.निलंबन का कोई डर नहीं : शुभेंदु अधिकारी
विधानसभा परिसर में संवाददाताओं से बातचीत में शुभेंदु सह भाजपा के अन्य विधायकों ने स्पष्ट कहा कि इस मुद्दे पर यदि उन्हें विधानसभा से निलंबित भी किया जाता है, तो इसका कोई डर नहीं है. पीड़िता के न्याय के लिए उनकी लड़ाई जारी रहेगी. शुभेंदु ने कहा कि कार्यस्थल पर महिला चिकित्सक की हत्या के साथ जघन्य अपराध के लिए राज्य सरकार जिम्मेदार है. हम केवल आरजी कर की पीड़िता की मौत पर शोक व्यक्त करते हुए सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कराना चाहते थे. यह सरकार निष्ठुर हो गयी है. स्पीकर ने मुझसे पीड़िता का नाम बताने को कहा. शोक व्यक्त करने के लिए मृतक का नाम बताना अनिवार्य नहीं है. उन्होंने सवाल किया कि क्या विधानसभा प्राकृतिक आपदा और रेल दुर्घटनाओं के पीड़ितों के लिए शोक प्रस्ताव पारित नहीं करती है. सुप्रीम कोर्ट का साफ निर्देश है कि दुष्कर्म पीड़िता के नाम का खुलासा नहीं किया जा सकता है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










