हुगली के बालागढ़ में बनेगा बंदरगाह, पश्चिम बंगाल को केंद्र की ओर से बड़ी सौगात

Published by : Ashish Jha Updated At : 09 Jun 2026 11:48 AM

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बंदरगाह का सांकेतिक फोटो

Bengal News: बालागढ़ में स्थित श्रीपुर चर पिछले 25 वर्षों से इसी स्थिति में है. चर पर अभी भी कुछ बस्तियां बसी हुई हैं. श्रीपुर में गंगा नदी बंदरगाह के लिए प्राकृतिक रूप से उपयुक्त है. गंगा से निकलने वाली एक अर्धचंद्राकार धारा पूर्व से पश्चिम की ओर बहती है और फिर गंगा में मिल जाती है. मध्य में स्थित चर पर बंदरगाह बनाने की योजना शुरू हो चुकी है.

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Bengal News: बालागढ़ : कोलकाता के श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह पर प्रतिदिन जहाजों का आना-जाना लगा रहता है. प्रतिदिन भारी मात्रा में माल लादा और उतारा जाता है. बंदरगाह पर दिन-प्रतिदिन काम का बोझ बढ़ता जा रहा है. कोलकाता बंदरगाह पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए एक ‘मिनी पोर्ट’ का निर्माण किया जा सकता है. बालागढ़, हुगली में. सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार ने ऐसा निर्णय लिया है. बालागढ़ के लोग उस बंदरगाह की मदद से अपने जीवन में बदलाव के सपने देख रहे हैं.

वामपंथी शासन के दौरान हुआ था अधिग्रहण

1996 में, वामपंथी सरकार के दौरान, सीईएससी ने बिजली संयंत्र बनाने के लिए किसानों से 1,100 एकड़ जमीन ली. पोर्ट ट्रस्ट के पास भी कुछ जमीन थी. फिर काम शुरू हुआ. पुल और सड़कें भी बनाई गईं. 2000 की भयानक बाढ़ में उस पुल तक जाने वाली सड़क लगभग पूरी तरह से नष्ट हो गई. बाद में, बिजली परियोजना रद्द कर दी गई. पिछले 25 वर्षों से बालागढ़ का श्रीपुर चर इसी स्थिति में है. चर पर अभी भी कुछ बस्तियां बसी हुई हैं. श्रीपुर में गंगा नदी बंदरगाह के लिए प्राकृतिक रूप से उपयुक्त है. गंगा से निकलने वाली एक अर्धचंद्राकार धारा पूर्व से पश्चिम की ओर बहती है और फिर गंगा में मिल जाती है. बीच में स्थित चर पर बंदरगाह बनाने की योजना शुरू हो चुकी है.

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लोगों को विकास की उम्मद

स्थानीय निवासियों को उम्मीद है कि बंदरगाह बनने से क्षेत्र की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में बदलाव आएगा. बालागढ़ के निवासियों को उम्मीद है कि इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा. स्थानीय भाजपा नेतृत्व को भी उम्मीद है कि बालागढ़ में गंगा का कटाव रुक जाएगा. बालागढ़ की विधायक और राज्य मंत्री सुमाना सरकार ने कहा- हमारी सरकार न केवल कथनी में मानवीय है, बल्कि कर्मों में भी। बंदरगाह पर काम शुरू हो चुका है. हमें खुशी है कि यहां के बच्चों को यहीं काम मिलेगा. कोई उन्हें प्रवासी नहीं कह पाएगा. बंदरगाह के लिए 2.5 किलोमीटर क्षेत्र की आवश्यकता है. इसके अलावा, भाजपा सरकार ने आश्वासन दिया है कि शेष 45 किलोमीटर क्षेत्र को भी गंगा के कटाव से बचाया जाएगा.

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Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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