कट्टरपंथियों के डर से छिपा बांग्लादेशी ब्लॉगर अरेस्ट

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कट्टरपंथियों के डर से छिपा बांग्लादेशी ब्लॉगर अरेस्ट

वीजा अवधि खत्म, नहीं गया वापस, बढ़ी मुश्किल

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कल्याणी. बांग्लादेशी ””स्वतंत्र विचारक”” ब्लॉगर मुफ्ती अब्दुल्ला अल मसूद कट्टरपंथियों के डर से 2018 में भारत आ गया था. वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद वह लगभग पांच साल तक इसी देश में छिपा रहा. आखिरकार पुलिस ने उसे नदिया जिला के कल्याणी थाना क्षेत्र के गायेशपुर से गिरफ्तार कर लिया. गौरतलब है कि ‘स्वतंत्र विचारक’ ब्लॉगर मुफ्ती अब्दुल्ला अल मसूद अपने यूट्यूब चैनल पर ईश्वर के अस्तित्व और नास्तिकता पर वीडियो पोस्ट करता था. जिसके कारण वह कट्टरपंथियों के निशाने पर आ गया. अपनी जान बचाने के लिए वह 2018 में वैध तरीके से, यानी वीसा लेकर बांग्लादेश से भारत आ गया. उसका वीसा 2020 में समाप्त हो गया. लेकिन इसके बाद भी वह वापस नहीं लौटा. वह बंगाल के अलग-अलग इलाकों में घूम रहा था. फिलहाल, वह चाकदा स्थित एक प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक के घर में रह रहा था. इस बीच, पुलिस उसकी तलाश कर रही थी. सूचना मिलने पर पुलिस उसे गिरफ्तार कर कल्याणी थाने के गायेशपुर चौकी ले गयी. वहां उससे कड़ी पूछताछ हुई. राज्य पुलिस की विशेष टीम की तरह ही सीआइडी और केंद्रीय खुफिया एजेंसी के अधिकारियों ने भी उससे पूछताछ की. बाद में, दस्तावेज दिखाने के लिए 24 घंटे का समय दिया गया. भारत में रहने का वैध परमिट न दिखा पाने पर पुलिस ने उसे सोमवार को गिरफ्तार कर लिया. सूत्रों के अनुसार, जिस व्यक्ति के घर मसूद रह रहा था, उससे भी पूछताछ की जा रही है. इस पूरी घटना से इलाके में सनसनी फैल गयी है. पता चला है कि बांग्लादेश से कई लोग गिरफ्तार व्यक्ति से मिलने उसके किराए के घर पर आते थे. पुलिस उनका भी पता लगाने की कोशिश कर रही है.

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