भारतीय मछुआरों के ट्रॉलर को टक्कर मारने व हमले के आरोप को बांग्लादेश नौसेना ने किया खारिज
Updated at : 20 Dec 2025 1:25 AM (IST)
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बंगाल की खाड़ी में भारतीय मछुआरों के ट्रॉलर डूबने की घटना को लेकर बांग्लादेश नौसेना ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है.
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मछुआरों ने बांग्लादेश नौसेना के दावों को गलत बताया
संवाददाता, कोलकाताबंगाल की खाड़ी में भारतीय मछुआरों के ट्रॉलर डूबने की घटना को लेकर बांग्लादेश नौसेना ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है. बांग्लादेश सशस्त्र बलों के इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आइएसपीआर) के प्रमुख लेफ्टिनेंट कर्नल शमीउद्दौला चौधरी ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि बांग्लादेश नौसेना के गश्ती जहाज ने किसी भी भारतीय मछुआरे के ट्रॉलर को टक्कर नहीं मारी है और न ही हमला किया.बयान में दावा किया गया है कि कुछ समाचार माध्यमों और सोशल मीडिया पर बांग्लादेश नौसेना को लेकर भ्रामक, निराधार और गलत जानकारी फैलायी जा रही है. आइएसपीआर के अनुसार, दक्षिण 24 परगना के नामखाना की मछली पकड़ने वाली ट्रॉलर ‘पारमिता-10’ जिस समय दुर्घटनाग्रस्त हुआ, उस समय बांग्लादेश नौसेना का गश्ती जहाज घटनास्थल से 12 समुद्री मील से अधिक दूरी पर था. बयान में बताया गया कि 15 दिसंबर 2025 को बांग्लादेश समयानुसार दोपहर 3.15 बजे पर भारतीय तटरक्षक बल के मेरीटाइम रेस्क्यू को-ऑर्डिनेशन सेंटर (एमआरसीसी) ने ई-मेल के जरिये ढाका स्थित एमआरसीसी को सूचना दी थी कि ‘पारमिता-10’ नामक भारतीय ट्रॉलर बंगाल की खाड़ी में भारतीय जल सीमा के भीतर 16 मछुआरों के साथ डूब गयी है. भारतीय ट्रॉलर ‘आइएफबी रघुपति’ द्वारा अब तक 11 मछुआरों को बचा लिया गया है, जबकि दो मछुआरों की लाश मिली, जबकि तीन अभी भी लापता बताये गये हैं.बांग्लादेश नौसेना ने यह भी स्पष्ट किया कि भारतीय तटरक्षक बल के अनुरोध पर ही उनके गश्ती जहाजों को बांग्लादेशी जल सीमा में खोज और बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिये गये थे. इस अभियान में भारतीय कोस्ट गार्ड और स्थानीय बांग्लादेशी मछुआरों के साथ समन्वय किया गया. नौसेना के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई मानवीय जिम्मेदारी के तहत की गयी और इससे दोनों देशों के बीच सहयोग और सौहार्द और मजबूत होता है.
हालांकि, सुंदरबन जिला पुलिस के सूत्रों का कहना है कि 15 दिसंबर को बांग्लादेश नौसेना का एक जहाज भारतीय जल सीमा में घुस आया था, जिसे भारतीय तटरक्षक बल ने खदेड़ा. इसके बाद वह जहाज भारतीय जल सीमा छोड़कर चला गया. सुंदरबन जिला पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि फिलहाल इस मामले में कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं हुई है और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है. उधर, बचाये गये कुछ मछुआरों का आरोप है कि अंधेरे में लाइट बंद कर बांग्लादेश नौसेना का जहाज भारतीय जल सीमा में घुसा था और उसी की टक्कर से ‘पारमिता-10’ डूब गया. मामले को लेकर जांच जारी है और दोनों देशों के दावों के बीच विरोधाभास बना हुआ है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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